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सरकारी कार्यालयों से 14 लाख लोगों का समय पर नहीं हुआ काम

Updated at : 25 May 2025 1:01 AM (IST)
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सरकारी कार्यालयों से 14 लाख लोगों का समय पर नहीं हुआ काम

सरकारी कार्यालयों से राज्य के 14 लाख 2 हजार 665 लोगों का समय- सीमा में काम नहीं हुआ. बिहार लोक सेवाओं का अधिकार अधिनियम के ऑडिट से इसका खुलासा हुआ है.

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समय-सीमा में पर कार्य नहीं करने वाले अधिकारियों व कर्मियों से वसूली का आदेश जारी मनोज कुमार, पटना सरकारी कार्यालयों से राज्य के 14 लाख 2 हजार 665 लोगों का समय- सीमा में काम नहीं हुआ. बिहार लोक सेवाओं का अधिकार अधिनियम के ऑडिट से इसका खुलासा हुआ है. ऑडिट रिपोर्ट के अनुसार, 15 अगस्त 2011 से 17 जनवरी 2024 तक 11 सरकारी कार्यालयों में 8 करोड़ 61 लाख 71 हजार 637 आवेदन विभिन्न कार्यों के लिए आये थे. इसमें महज 2 लाख 6 हजार 416 आवेदनों का निबटारा समय -सीमा में किया गया. इस ऑडिट रिपोर्ट के आधार पर कृषि विभाग समेत सभी 11 विभागों में समय- सीमा के अंदर कार्य नहीं करने वाले अधिकारियों और कर्मियों की जवाबदेही तय करने का आदेश बिहार प्रशासनिक सुधार मिशन सोसायटी ने 20 मई को जारी किया है. योजना व मद्यनिषेध में भी हुई देरी मद्यनिषेध उत्पाद व निबंधन विभाग में 29513391 आवेदन आये, इनमें 14639 और योजना विभाग में 689827 आवेदनों में 19427 आवेदनों का ही समय- सीमा में निष्पादन नहीं हुआ. गृह विभाग में 9190654 आवेदन आये, इनमें 9513 और कृषि विभाग में 111373 में 9546 आवेदनों का निबटारा समय- सीमा में नहीं हुआ. खाद्य व उपभोक्ता तथा राजस्व विभाग ने सबसे अधिक मामले लटकाये : खाद्य व उपभोक्ता संरक्षण विभाग में सबसे अधिक आवेदनों का समय पर निष्पादन नहीं हुआ. इस विभाग में अगस्त 2011 से जनवरी 2024 तक 16344400 आवेदन आये. इनमें 523440 आवेदनों का समय- सीमा में निष्पादन नहीं हुआ. समाज कल्याण विभाग में इस अवधि में 14044211 आवेदन आये, इनमें 208340 और खाद्य व उपभोक्ता संरक्षण विभाग में 15218736 आवेदन में 616909 आवेदनों का निष्पादन समय- सीमा में नहीं हुआ. क्या कहता है अधिनियम 2011 में बिहार सरकार ने हर सरकारी कार्य के लिए एक समय -सीमा निर्धारित की है. तय समय में कार्य नहीं होने पर संबंधित अधिकारी या कर्मी के खिलाफ पांच सौ से पांच हजार तक जुर्माने का प्रावधान किया गया है. समाधान नहीं मिलने पर आगे अपील भी की जा सकती है.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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RAKESH RANJAN

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