पटना से यूपी, सीतामढ़ी नेपाल जाना होगा आसान, अब राज्य सरकार बनायेगी मुजफ्फरपुर बाइपास
Updated at : 26 Jan 2020 7:34 AM (IST)
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पटना : राज्य में इस साल दो प्रमुख सड़कों के निर्माण की बाधा दूर होने की उम्मीद है. नेशनल हाइवे ऑथोरिटी ने एनएच-77 पर मुजफ्फरपुर बाइपास सड़क बनाने की जिम्मेदारी राज्य सरकार को सौंपने का निर्णय लिया है.वहीं, पटना हाइकोेर्ट के मुख्य न्यायाधीश की कड़ी टिप्पणी के बाद एनएचएआइ ने पटना-गया सड़क की ताजा रिपोर्ट […]
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पटना : राज्य में इस साल दो प्रमुख सड़कों के निर्माण की बाधा दूर होने की उम्मीद है. नेशनल हाइवे ऑथोरिटी ने एनएच-77 पर मुजफ्फरपुर बाइपास सड़क बनाने की जिम्मेदारी राज्य सरकार को सौंपने का निर्णय लिया है.वहीं, पटना हाइकोेर्ट के मुख्य न्यायाधीश की कड़ी टिप्पणी के बाद एनएचएआइ ने पटना-गया सड़क की ताजा रिपोर्ट कोर्ट को सौंपेगी.
मुजफ्फरपुर बाइपास बनने से पटना से गोपालगंज होकर उत्तर प्रदेश, नेपाल और पूर्णिया जाने वालों को सुविधा होगी. मुजफ्फरपुर शहर को जाम से छुटकारा मिल जायेगा. वहीं सीतामढ़ी का सोनबरसा जाने का संपर्क मिल जायेगा. पटना शहर को इस्ट-वेस्ट कोरिडोर के फोरलेन की कनेक्टिविटी मिलेगी. यात्रा में करीब एक घंटे की बचत होगी.
23 और 24 को हरियाणा के मानेसर में आयोजित एनएच परियोजनाओं की समीक्षा बैठक के दौरान केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने यह निर्देश दिया है. मुजफ्फरपुर बाइपास का निर्माण जमीन नहीं मिलने के कारण करीब 10 साल से अटका हुआ है. समीक्षा के दौरान यह बात सामने आने पर एनएच के रूप में स्वीकृत इस परियोजना को अस्वीकृत कर दिया गया.
साथ ही इसे बनाने की पूरी जिम्मेदारी राज्य सरकार को सौंपने का निर्णय हुआ. हालांकि इस परियोजना में जमीन अधिग्रहण एक बड़ी समस्या है. जमीन मिलने के बाद ही निर्माण की शुरुआत होगी. इसके साथ ही राज्य में हाजीपुर से छपरा जाने वाली एनएच-19 के निर्माण में पैसे की बड़ी समस्या आ रही थी.
एनएचएआइ ने सड़क बना रही एजेंसी को आर्थिक सहयोग देकर काम जल्द शुरू करने का निर्देश दिया है. वाराणसी से औरंगाबाद एनएच-2 और औरंगाबाद से चौरदाहा सड़क को फोरलेन करने में जमीन अधिग्रहण को लेकर काम अटका हुआ था.
राज्य सरकार ने केंद्रीय मंत्रालय को जानकारी दी है कि वाराणसी-औरंगाबाद में अब जमीन की समस्या नहीं है. इसमें जल्द काम शुरू होगा. जबकि, औरंगाबाद-चौरदाहा में जमीन अधिग्रहण के बाद ही निर्माण कार्य शुरू होगा. सरकार ने भरोसा दिलाया है कि जमीन समस्या का निराकरण जल्द होगा.
हाइकोर्ट को सौंपी जायेगी पटना-गया नेशनल हाइवे की स्टेटस रिपोर्ट
एनएच-31, एनएच-82 और एनएच-85 पर होगा काम : एनएच-31 में बख्तियारपुर-मोकामा के कुछ हिस्से में फोरलेन और बिहार शरीफ से मोकामा एनएच-82 के कुछ हिस्से को 10 मीटर चौड़ा करने का काम भी जल्द पूरा करने का टास्क दिया गया. छपरा से गोपालगंज जाने वाली एनएच-85 में भी करीब पांच किमी की लंबाई में जमीन अधिग्रहण की समस्या है. बैठक में मौजूद पथ निर्माण विभाग के प्रधान सचिव अमृत लाल मीणा ने जल्द इस समस्या के समाधान का भरोसा दिलाया है.
83 एनएच पटना-गया-डोभी फोरलेन सड़क की सुनवाई हाइकोर्ट में विचाराधीन
115 किमी जमीन अधिग्रहण कर लिया है राज्य सरकार ने
तीन हिस्सों में चल रहा पटना गया-डोभी सड़क का निर्माण
करीब पांच साल से अटकी पटना-गया-डोभी एनएच-83 फोरलेन सड़क परियोजना की सुनवाई हाइकोर्ट में विचाराधीन है. विभागीय मंत्री नितिन गडकरी ने इसकी ताजा स्टेटस रिपोर्ट की जानकारी कोर्ट को देने का निर्देश दिया है. इस परियोजना के लिए राज्य सरकार ने करीब 115 किमी की लंबाई में जमीन अधिग्रहण कर लिया है. कुछ हिस्सा बाकी है. हालांकि पुरानी एजेंसी को हटाकर नये सिरे से इसका टेंडर तीन हिस्सों में किया गया है.
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