Delhi Fire : नीतीश ने बिहार के रहने वाले मृतकों के परिवारों के लिए 2-2 लाख रुपये मुआवजे की घोषणा की

By Prabhat Khabar Digital Desk
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पटना : बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने रविवार को दिल्ली के अनाज मंडी इलाके में लगी आग में 43 लोगों की मौत पर शोक जताया और राज्य के रहने वाले मृतकों के परिजनों को 2-2 लाख रुपये की अनुग्रह राशि देने का ऐलान किया. एक आधिकारिक विज्ञप्ति में कहा गया है कि मुख्यमंत्री ने दिल्ली में बिहार के स्थानीय आयुक्त, संयुक्त श्रम आयुक्त और वरिष्ठ अधिकारियों को घटनास्थल के हालात का जायजा लेकर राज्य से संबंधित घायलों का उचित इलाज सुनिश्चित करने के लिये कहा. नीतीश कुमार ने कहा कि श्रम विभाग की ओर से एक-एक लाख रुपये तथा एक-एक लाख रुपये मुख्यमंत्री राहत कोष की ओर से सहायता राशि के रूप में दिये जायेंगे.


विज्ञप्ति में नीतीशकुमार के हवाले से कहा गया है कि मुख्यमंत्री ने घटना पर दुख जताते हुए कहा कि उनकी संवेदनाएं शोक संतप्त परिवार के सदस्यों के साथ हैं. उत्तरी दिल्ली के अनाज मंडी इलाके में रविवार सुबह एक फैक्टरी में आग लगने से 43 मजदूरों की मौत हो गयी और कई लोग घायल हो गये.

वहीं, बिहार के जल संसाधन मंत्री संजय झा ने इस हादसे के लिए दिल्ली के बिजली विभाग को जिम्मेदार ठहराया. उन्होंने कहा, ‘‘मैं मौके पर गया, तारों के एक जाल को देखा. इसके लिए बिजली विभाग जिम्मेदार है. बिहार के मुख्यमंत्री हालात पर नजर बनाय हुए हैं और मेरा मानना है कि मृतकों की संख्या 43 को पार कर जायेगी.' उन्होंने कहा कि बिहार सरकार हादसे में घायल हुए लोगों की पहचान करने का प्रयास कर रही है और मृतकों के परिजनों को एक-एक लाख रुपये की अनुग्रह राशि दी जायेगी.

दिल्ली पुलिस ने आगजनी की इस घटना पर बताया कि एक आवासीय इलाके में चल रही फैक्ट्री में आग लगने के समय 59 लोग अंदर थे. आग लगने की जानकारी सुबह पांच बजकर 22 मिनट पर मिली जिसके बाद दमकल के 30 वाहन घटनास्थल पर पहुंचे. घटनास्थल पर हृदय विदारक दृश्य पसरा हुआ था. फैक्ट्री में काम कर रहे लोगों के रिश्तेदार और स्थानीय लोग घटनास्थल की ओर भाग रहे थे. आग की चपेट में आये लोगों के परेशान परिवार विभिन्न अस्पतालों में अपने संबंधियों को खोज रहे थे. मृतकों और झुलसे लोगों को विभिन्न अस्पतालों में ले जाया गया है.

बिहार के बेगूसराय के रहनेवाले 23 वर्षीय मनोज ने बताया कि उनका 18 साल का भाई इस हैंडबैग बनाने वाली इकाई में काम करता है. उन्होंने कहा, ‘‘मेरे भाई के दोस्त से मुझे जानकारी मिली कि वह इस घटना में झुलस गया है. मुझे कोई जानकारी नहीं है कि उसे किस अस्पताल में ले जाया गया है.' एक अज्ञात बुजुर्ग व्यक्ति ने कहा, ‘‘कम से कम इस इकाई में 12-15 मशीनें लगी हुई हैं. मुझे इसकी जानकारी नहीं है कि फैक्ट्री मालिक कौन है.' उन्होंने बताया कि उनके तीन रिश्तेदार इस फैक्ट्री में काम करते हैं.

व्यक्ति ने कहा, ‘‘मेरे संबंधी मोहम्मद इमरान और इकरमुद्दीन फैक्ट्री के भीतर ही थे और मुझे इसकी जानकारी नहीं है कि अब वे कहां हैं.' उन्होंने बताया कि इस परिसर में कई इकाइयां चल रही हैं. यह इलाका बेहद संकरा है. वहीं दमकल कर्मियों ने बताया कि कई फंसे हुए लोगों को बाहर निकाला गया है और उन्हें आरएमएल अस्पताल, एलएनजेपी और हिंदू राव अस्पताल पहुंचाया गया है.

एलएनजेपी के चिकित्सा अधीक्षक डॉक्टर किशोर सिंह ने बताया कि इस अस्पताल में 34 लोगों को मृत लाया गया था और लोगों के मरने की पीछे की मुख्य वजह धुएं की चपेट में आकर दम घुटना है. कुछ शव जले हुए थे. उन्होंने बताया कि एलएनजेपी में लायेगये 15 झुलसे लोगों में से नौ निगरानी में हैं और कई आंशिक रूप से झुलसे हैं. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस घटना को ‘‘बेहद भयावह' बताया है.

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने मृतकों के परिवारों के लिए 10-10 लाख रुपये और झुलसे लोगों को एक-एक लाख रुपये मुआवजा राशि देने की घोषणा की है. इससे पहले मुख्यमंत्री केजरीवाल ने ट्वीट किया था ‘‘ बेहद दुखद. बचाव अभियान जारी है और दमकलकर्मी हर संभव प्रयास कर रहे हैं. आग में झुलसे लोगों को अस्पताल ले जाया जा रहा है.' दिल्ली के राजस्व मंत्री कैलाश गहलोत ने जिला मजिस्ट्रेट (मध्य) को जांच करने और सात दिन के अंदर रिपोर्ट देने का निर्देश दिया है. केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी, अनुराग ठाकुर, भाजपा सांसद मनोज तिवारी और विजय गोयल सहित कई नेता घटनास्थल पर पहुंचे. गौर हो कि हादसे के शिकार दर्जनों लोगों कोदिल्ली के लोकनायक जय प्रकाश अस्पताल, हिंदू राव और राम मनोहर लोहिया अस्पताल, लेडी हार्डिंग अस्पताल में भर्ती कराया गया है.

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