पटना : कोर्ट को गुमराह करने पर सीओ पर 10 हजार जुर्माना

Updated at : 29 Nov 2019 9:02 AM (IST)
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पटना : कोर्ट को गुमराह करने पर सीओ पर 10 हजार जुर्माना

कार्रवाई. कोर्ट ने मांगा जवाब कि क्यों नहीं अवमानना का मामला शुरू किया जाये पटना : अदालती आदेश का पालन नहीं कर कोर्ट को गुमराह करने के मामले में गुरुवार को पटना हाइकोर्ट ने पटना जिले के विक्रम अंचल के अंचलाधिकारी पर दस हजार रुपये का अर्थ दंड लगाया है. कोर्ट ने पटना के डीएम […]

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कार्रवाई. कोर्ट ने मांगा जवाब कि क्यों नहीं अवमानना का मामला शुरू किया जाये
पटना : अदालती आदेश का पालन नहीं कर कोर्ट को गुमराह करने के मामले में गुरुवार को पटना हाइकोर्ट ने पटना जिले के विक्रम अंचल के अंचलाधिकारी पर दस हजार रुपये का अर्थ दंड लगाया है. कोर्ट ने पटना के डीएम को कहा कि वह हर्जाने की राशि सीओ से वसूल कर उसे हाइकोर्ट की लीगल सर्विस ऑथोरिटी में जमा करें. साथ ही कोर्ट ने नोटिस जारी कर सीओ से नौ दिसंबर तक जवाब तलब करते हुए पूछा है कि क्यों नहीं उनके खिलाफ अवमानना का मामला शुरू किया जाये.
मुख्य न्यायाधीश संजय करोल की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने सुरेंद्र सिंह द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई के बाद यह आदेश दिया. कोर्ट को याचिकाकर्ता द्वारा बताया गया कि हाइकोर्ट ने तीन माह के भीतर अतिक्रमण वाद को निबटाने के आदेश बिक्रम के सीओ को 13 अगस्त, 2018 को दिया था. लेकिन सीओ ने अतिक्रमण वाद को स्थगित कर दिया और हाइकोर्ट को अतिक्रमण वाद निष्पादित करने के बारे में हलफनामा दायर कर गलत जानकारी दी. मामले पर कोर्ट ने यह निर्देश दिया है. अगली सुनवाई नौ दिसंबर को होगी.
यौन उत्पीड़न करने वाले तीन अभियुक्तों को जमानत देने से हाइकोर्ट का इन्कार
पटना. बौद्ध धर्म का गुरु मंत्र सिखाने के नाम पर दलित नाबालिग लड़की के साथ यौन उत्पीड़न करने वाले तीन अभियुक्तों को जमानत देने से इन्कार करते हुए पटना हाइकोर्ट ने अभियुक्तों की अग्रिम जमानत याचिका को खारिज कर दिया. न्यायाधीश वीरेंद्र कुमार की एकलपीठ ने सुनवाई के बाद यह निर्देश दिया. मामले की गंभीरता को देखते हुए कोर्ट ने पहले ही गया की निचली अदालत से 28 नवंबर तक केस डायरी की मांग की थी. इस मामले में पीड़ित बच्ची की मां ने आरोपित बौद्ध भिक्षुओं पर गंभीर आरोप लगाये थे. गया सदर थाना में 18 अप्रैल, 2019 को प्राथमिकी दर्ज की गयी.
वार्ड नंबर 19 के पार्षद के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई पर रोक
पटना : पटना हाइकोर्ट ने पटना के वार्ड नंबर 19 से निर्वाचित वार्ड पार्षद के खिलाफ दर्ज हुई प्राथमिकी पर किसी भी प्रकार की दंडात्मक कार्रवाई करने पर रोक लगाते हुए पटना जिला प्रशासन और निर्वाचन आयोग से जवाब तलब किया है. न्यायमूर्ति राजीव रंजन प्रसाद की एकलपीठ ने वार्ड पार्षद शारदा देवी द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए यह निर्देश दिया.
शारदा देवी ने अपने खिलाफ दर्ज प्राथमिकी को निरस्त करने के लिए याचिका दायर की है. याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता श्रीप्रकाश श्रीवास्तव ने कोर्ट को बताया कि याचिकाकर्ता की उम्र कम होने के आरोप में राज्य निर्वाचन आयुक्त ने उसकी सदस्यता समाप्त करते हुए केस दर्ज करने का आदेश दिया था. निर्वाचन आयोग के इस आदेश के बाद जिला प्रशासन ने शारदा देवी के विरुद्ध गांधी मैदान में केस दर्ज करवाया था.
पटना. हाइकोर्ट में दायर हुई एक याचिका के पन्नों में मिले तेल के धब्बे पर जब सुनवाई हुई तो धब्बों के राज को सुनते हुए कोर्ट ने उक्त डिफेक्ट को अनदेखा करने का निर्देश हाइकोर्ट की रजिस्ट्री के स्टैंप रिपोर्टिंग सेक्शन को दिया. यह मामला ऑफिस नोट्स के तहत सुनवाई के लिए सूचीबद्ध था. स्टैंप रिपोर्टिंग सेक्शन द्वारा लगायी गयी आपत्ति के खिलाफ यह याचिका दायर की गयी थी.
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