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राजेंद्र सेतु पर आठ टन से अधिक क्षमता वाले वाहनों पर लगी रोक

Updated at : 17 Nov 2019 6:10 AM (IST)
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राजेंद्र सेतु पर आठ टन से अधिक क्षमता वाले वाहनों पर लगी रोक

मोकामा : राजेंद्र सेतु पर आठ टन से अधिक क्षमता वाले वाहनों पर रोक लगा दी गयी है. सेतु के सड़क मार्ग की जर्जर स्थिति को लेकर जिला प्रशासन ने यह कदम उठाया है. वहीं छोटे माल वाहकों पर ओवरलोडिंग की जांच के लिए परिवहन और खनन विभाग के चार-चार अधिकारियों की नियुक्ति की गयी […]

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मोकामा : राजेंद्र सेतु पर आठ टन से अधिक क्षमता वाले वाहनों पर रोक लगा दी गयी है. सेतु के सड़क मार्ग की जर्जर स्थिति को लेकर जिला प्रशासन ने यह कदम उठाया है. वहीं छोटे माल वाहकों पर ओवरलोडिंग की जांच के लिए परिवहन और खनन विभाग के चार-चार अधिकारियों की नियुक्ति की गयी है. सेतु पर जाने से पहले बालू व कंक्रीट लदे वाहनों को प्राथमिकता के तौर पर जांच की जायेगी. मनमानी करने वाले वाहन मालिकों व चालकों पर एफआइआर दर्ज करने का भी निर्देश है.

मालूम हो कि सेतु के उत्तरी छोर पर सड़क मार्ग की ढलाई टूटने के बाद रेल व स्थानीय प्रशासन ने हाइगेज लगाकर भारी वाहनों को सेतु पर जाने से रोक दिया था. हाइगेज लगाने से पहले 25 टन तक क्षमता वाले वाहनों के गुजरने की अनुमति दी गयी थी, लेकिन 100 टन भार लेकर बेरोकटोक भारी ट्रक सेतु पार कर रहे थे. इससे सेतु की सड़क की ढलाई टूटने लगी थी. तब जाकर रेलवे ने सेतु पर हाइगेज लगाने का निर्णय लिया था.
हाइगेज लगाये जाने के बाद जुगाड़ तकनीक से ट्रकों को सेतु पार कराया जाने लगा. ट्रकों की केबिन को छोटा कर दिया गया. बाढ़ एसडीएम ने इस मामले में कार्रवाई शुरू की. वहीं जिलाधिकारी को सेतु की जर्जर हालत व वाहन चालकों की मनमानी की सूचना दी गयी. इसको लेकर जिला प्रशासन ने सेतु के पास सख्ती बरतने का निर्देश दिया है. देर रात बाढ़ एएसपी लिपि सिंह ने कार्रवाई कर जुगाड़ तकनीक से चलाये जा रहे छह ट्रकों को जब्त किया.
जर्जर सड़क का आकलन करेगी रेलवे
राजेंद्र सेतु के जर्जर सड़क मार्ग का रेलवे आकलन करेगी. इसके लिए रेल इंजीनियरों की टीम बनायी गयी है. जिससे अनुमान लग रहा है कि सेतु के दुरुस्त होने में वक्त लग सकता है. इस बीच वाहनों के परिचालन पर सख्ती बरतने का निर्देश है.
सूत्रों की मानें तो जिला प्रशासन वाहनों पर बालू की ओवरलोडिंग पर रोक नहीं लगायी तो रेलवे सेतु के सड़क मार्ग को पूरी तरह बंद का निर्णय ले सकती है. रेल अधिकारियों का कहना है कि सड़क मार्ग के जर्जर होने का असर सेतु के रेल मार्ग पर भी हो सकता है. सेतु पर बड़े हादसे की आशंका से भी इन्कार नहीं किया जा सकता है.
एक सप्ताह में चालू होगा गायघाट पीपा पुल
पटना सिटी. महात्मा गांधी सेतु के जाम के विकल्प बने गायघाट पीपा पुल को गंगा जलस्तर में आयी कमी के बाद बनाने का काम अंतिम चरण में है. एक सप्ताह में यह चालू हो जायेगा. दरअसल गांधी सेतु के निर्माण कार्य की वजह से इस दफा पीपा पुल को गांधी सेतु से 150 मीटर दूर बढ़ा कर बनाया जा रहा है.
इस वजह से लगभग आधा दर्जन पीपा घट गया है. निर्माण कंपनी के निदेशक शैलेंद्र कुमार की मानें तो आधा दर्जन से अधिक पीपा घटा है, जिसे जमींदारी घाट व दूसरी जगहों से मंगाया जा रहा है. शनिवार को भी दो पीपा जमींदारी घाट से मंगाया गया है. पीपा को जोड़ने के काम पूरा होने के बाद दोनों तरफ ईंट सोलिंग से सड़क का निर्माण कराया जायेगा.
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