चुनाव नहीं कराने वाली को-ऑपरेटिव सोसाइटियों का निबंधन होगा रद्द

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पटना : राज्य में पांच या उससे अधिक वर्ष से चुनाव नहीं कराने वाली को-आॅपरेटिव सोसाइटियों का निबंधन रद्द माना जायेगा. सोसाइटियों के रजिस्ट्रेशन के लिए भी ऑनलाइन व्यवस्था रहेगी. उनके दस्तावेजों को ऑडिट करने के लिए एप भी तैयार किया जा रहा है. गुरुवार को सहकारिता विभाग के मंत्री राणा रणधीर सिंह से संवाददाता […]

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पटना : राज्य में पांच या उससे अधिक वर्ष से चुनाव नहीं कराने वाली को-आॅपरेटिव सोसाइटियों का निबंधन रद्द माना जायेगा. सोसाइटियों के रजिस्ट्रेशन के लिए भी ऑनलाइन व्यवस्था रहेगी. उनके दस्तावेजों को ऑडिट करने के लिए एप भी तैयार किया जा रहा है. गुरुवार को सहकारिता विभाग के मंत्री राणा रणधीर सिंह से संवाददाता सम्मेलन कर यह जानकारी दी.

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उन्होंने बताया कि सहकारिता विभाग की ओर से चलने वाली सभी ऑनलाइन सेवाओं के लिए एक सेंट्रल डैसबोर्ड बनाया जा रहा है, जिस पर क्लिक करने से सभी योजनाओं की अपडेट जानकारी मिलेगी. गौरतलब है कि राज्य में लगभग 33 हजार की संख्या में सोसाइटियां हैं, लेकिन उनकी अद्यतन स्थिति की रिपोर्ट विभाग के पास नहीं है.
दिसंबर तक पांच सौ पैक्स में लगाये जायेंगे कंप्यूटर : विभाग दिसंबर के अंत तक पायलट प्रोजेक्ट के तहत राज्य के पांच सौ पैक्स में कंप्यूटर लगाये जायेंगे. इस पर विभाग प्रति पैक्स तीन लाख रुपये खर्च करेगा. इस योजना को पूरा करने के लिए लगभग 15 करोड़ रुपये की स्वीकृति मिली है. इसके अलावा एनआइसी द्वारा तैयार किये गये सॉफ्टवेयर को भी गुरुवार को विभागीय मंत्री ने लांच किया.
इस सॉफ्टवेयर के लांच होने के बाद नाबार्ड द्वारा तैयार कॉमन एकाउंटेंट सिस्टम के अनुरूप सभी पैक्स को दस्तावेजों को एकीकृत रूप से ऑनलाइन किया जायेगा. इसके लिए सहकारिता विभाग प्रति पैक्स दस हजार रुपये खर्च करेगा. ऑनलाइन सिस्टम को लागू करने से पैक्स में बड़े पैमाने पर होने वाले अधिप्राप्ति कार्य, साख व्यवसाय, जन वितरण प्रणाली, जमा वृद्धि व्यवसाय व उपभोक्ता व्यवसाय में पारदर्शिता व वित्तीय गड़बड़ी की जांच में आसानी होगी.
सहकारी समितियों का ऑनलाइन निबंधन
पैक्स के अलावा विभागीय मंत्री ने सहकारी समितियों के निबंधन के लिए ऑनलाइन आवेदन सिस्टम को भी लांच किया.ऑनलाइन आवेदन करने के 90 दिनों के भीतर आवेदक को इ-मेल और एसएमएस से आवेदन स्वीकृत व अस्वीकृत होने की जानकारी मिल जायेगी.
आवेदन करने के लिए को-ऑपरेटिव विभाग की वेबसाइट पर जाकर यूजर नेम व पासवर्ड को लेना होगा. इसके बाद आवश्यक दस्तावेजों को अपलोड करना होगा. जानकारी दी गयी कि आवेदन अस्वीकृत होने की दशा में दो माह के भीतर आवेदक अपील दायर कर सकते हैं. वहीं, आवेदन स्वीकृत होने की दशा में अगर 90 दिनों के भीतर निबंधन पदाधिकारी का निर्णय अपलोड नहीं किया जाता, तो रजिस्ट्री डाक से आदेश प्रति भेजी जायेगी.
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