पटना : खेती के साथ पशुपालन में छिपा है समृद्धि का राज
Published by :Prabhat Khabar Digital Desk
Published at :26 Sep 2019 6:16 AM (IST)
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पटना : केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने कहा है कि खेती के साथ मछली, मुर्गी व पशुपालन में ही किसानों की समृद्धि का राज छिपा हुआ है. अकेले खेती मुनाफे का सौदा नहीं रही. इसलिए किसानों को खेती के साथ इन सहायक व्यवसायों में उतरना ही पड़ेगा. केंद्रीय मंत्री ने यह बातें बुधवार को स्थानीय […]
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पटना : केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने कहा है कि खेती के साथ मछली, मुर्गी व पशुपालन में ही किसानों की समृद्धि का राज छिपा हुआ है. अकेले खेती मुनाफे का सौदा नहीं रही.
इसलिए किसानों को खेती के साथ इन सहायक व्यवसायों में उतरना ही पड़ेगा. केंद्रीय मंत्री ने यह बातें बुधवार को स्थानीय ज्ञान भवन में आयोजित तीन दिवसीय बिहार पोल्ट्री एंड एक्वा एक्सपो, 2019 के उद्घाटन समारोह में बतौर मुख्य अतिथि के रूप में कहीं. उन्होंने कहा कि इसमें कृषि व पशु विज्ञानियों की खास भूमिका होगी. किसानों की जरूरत के हिसाब से धरातल पर खड़े होकर अनुसंधान करना होगा. पोल्ट्री इंडस्ट्रीज के सामने सबसे बड़ी परेशानी चारे की बढ़ती कीमतों से है. लेकिन, सरकार किसानों का हक नहीं छीन सकती.
उन्हें भी मक्का व दूसरे उत्पादों की कीमत मिलनी चाहिए. दोनों पक्षों के बीच संतुलन बनाया जायेगा. हम दोनों को नहीं छोड़ सकते. उन्होंने कहा कि मैं सहनियों को समृद्ध देखना चाहता हूं. सरकार चाहती है कि उन्हें सरकारी योजनाओं का लाभ मिले. ताकि, मछली उत्पादन में बिहार निर्यातक राज्य बन सके. उन्होंने कहा कि राज्य व केंद्र के बीच योजनाओं को प्रभावी तौर पर लागू करने के लिए जल्दी बैठक बुलायी जायेगी.
मध्याह्न भोजन में हमने अंडा किया अनिवार्य
समारोह में प्रदेश के पशुपालन व कृषि मंत्री डाॅ प्रेम कुमार ने कहा कि राज्य सरकार कृषि रोड मैप के जरिये किसानों व पशुपालकों की बेहतरी के लिए काम कर रही है. उन्होंने कहा कि मध्याह्न भोजन में हमने अंडा अनिवार्य किया है. उसकी कीमत भी तीन की जगह पांच रुपये दे रहे हैं. इस दौरान उन्होंने बताया कि अंडा व मत्स्य उत्पादन में अभी बिहार को काफी करना है. बिहार में प्रति व्यक्ति अंडे की उपलब्धता 11 है, जबकि इसका राष्ट्रीय उपलब्धता प्रति व्यक्ति 66 है. इस दौरान कई विषय विशेषज्ञ और अफसर मौजूद रहे.
आज से होगी 312 घाटों की बंदोबस्ती
पटना : राज्य में एक जनवरी, 2020 से बालू खनन के लिए 11 जिलों की विभिन्न नदियों के 312 घाटों की बंदोबस्ती प्रक्रिया गुरुवार से शुरू होगी. सभी बालू घाटों का पहली बार इ-ऑक्शन होगा. इसके लिये टेंडर जारी किये गये हैं.
25 अक्टूबर से छह नवंबर तक टेंडर डाला जा सकेगा. इसमें एक व्यक्ति या कंपनी को अधिकतम दो सौ हेक्टेयर क्षेत्र की बंदोबस्ती मिलेगी. यदि एक ही घाट 200 हेक्टेयर क्षेत्र का है, तो संबंधित व्यक्ति या कंपनी को दूसरे घाट की बंदोबस्ती नहीं मिलेगी. इसका मकसद बालू व्यवसाय पर एकाधिकार खत्म करना और राजस्व बढ़ाना है. वहीं साहेबगंज के मंदार गांव में 230 मिलियन टन जी-12 श्रेणी का कोयला मिला है. इसे बीसीसीएल निकालेगा.
यह जानकारी खान व भूतत्व विभाग के मंत्री ब्रज किशोर बिंद ने दी. वे बुधवार को संवाददाता सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे. मंत्री ने कहा कि अवैध खनन में पकड़े गये अधिकारियों सहित अन्य लोगों पर भी कार्रवाई हो रही है.
11 जिलों में बंदोबस्ती : विभाग के अपर सचिव सह निदेशक अरुण प्रकाश ने कहा कि पटना में 43 घाट, रोहतास-47,गया-40,भोजपुर-74, औरंगाबाद-40, अरवल-36, जमुई-10,लखीसराय-11,बांका-9, भागलपुर-1 व जहानाबाद में एक घाट की बंदोबस्ती होगी. बालू की कीमत बाजार के अनुसार तय होगी. उन्होंने बताया कि अपर निदेशक और खान निरीक्षक सहित नौ पदों पर 179 अफसरों व कर्मियों की बहाली बीपीएससी व अवर सेवा चयन पर्षद से होगी.
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