आइटीआइ : डुअल सिस्टम ट्रेनिंग का नहीं मिल रहा लाभ

Updated at : 11 Sep 2019 9:09 AM (IST)
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आइटीआइ : डुअल सिस्टम ट्रेनिंग का नहीं मिल रहा लाभ

पटना : बिहार के सरकारी और प्राइवेट आइटीआइ में पढ़ाई कर रहे छात्रों के लिये केंद्र ने अब छह माह का डुअल सिस्टम ट्रेनिंग लागू किया है. देश भर में लागू डुअल सिस्टम के तहत बिहार के छात्रों को बहुत फायदा पहुंचने की उम्मीद नहीं है. अधिकारियों के मुताबिक आठ माह पू्र्व लागू होने के […]

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पटना : बिहार के सरकारी और प्राइवेट आइटीआइ में पढ़ाई कर रहे छात्रों के लिये केंद्र ने अब छह माह का डुअल सिस्टम ट्रेनिंग लागू किया है. देश भर में लागू डुअल सिस्टम के तहत बिहार के छात्रों को बहुत फायदा पहुंचने की उम्मीद नहीं है. अधिकारियों के मुताबिक आठ माह पू्र्व लागू होने के बाद भी श्रम संसाधन विभाग ने हीरो साइकिल, मारुति, सैमसंग और टाटा मोटर्स के साथ एमओयू किया है, यहां छात्र ट्रेनिंग के लिये जाने लगे हैं. लेकिन, छात्रों की संख्या को देखते हुए यह बहुत ही कम है. राज्य में प्राइवेट में एक लाख से अधिक और सरकारी आइटीआइ में 27 हजार से अधिक छात्र प्रति वर्ष नामांकन लेते हैं, इन सभी को कंपनियों में ट्रेनिंग करना है.
डुअल सिस्टम से दूसरे राज्यों के छात्रों को अधिक फायदा : छात्रों को पढ़ाई खत्म होने से पहले नौकरी मिले, इसलिए देश के सभी आइटीआइ कॉलेजों में डुअल सिस्टम ट्रेनिंग लागू किया गया है, लेकिन इसका फायदा वैसे राज्यों के छात्रों को मिलेगा, जहां कंपनी, फैक्टरी, फॉर्म की संख्या अधिक है. ऐसे में बिहार के छात्र पिछड़ जायेंगे. क्योंकि उनको डुअल सिस्टम ट्रेनिंग के तहत किसी फैक्टरी में सीखने का मौका नहीं मिल पायेगा.
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