आनंद तिवारी, पटना : राजधानी के इंदिरा गांधी आयुर्विज्ञान संस्थान की पार्किंग में अवैध वसूली का खेल नहीं थमा है. हाइप्रोफाइल मामले में स्वास्थ्य मंत्री से अधिक पार्किंग राशि की वसूली की शिकायत के बाद भी संवेदक नियम कानून को ताक पर रख कर शुल्क वसूल रहा है.प्रावधान के मुताबिक परिसर में 20 मिनट तक की पार्किंग के लिए नि:शुल्क व्यवस्था है, लेकिन संवेदक मुख्य द्वार पर प्रवेश के साथ ही वाहनों से पांच रुपये से लेकर 25 रुपये तक शुल्क वसूल रहा है. कई मरीज के परिजनों ने अवैध तरीके से हो रही वसूली को लेकर संस्थान प्रशासन से शिकायत की है.
बिना टाइम मैच किये हो रही वसूली
टेंडर के शर्तों के अनुसार तीन पहिया और चार पहिया वाहनों से शुरुआती 20 मिनट के बाद और चार घंटे की पार्किंग तक 15 रुपये शुल्क लगेगा. लेकिन पार्किंग के कर्मचारी इसके लिए 25 रुपये तक ले रहे हैं.
पीड़ित लोगों का कहना है कि एंट्री और एक्जिट प्वाइंट पर कोई घड़ी भी नहीं है और नहीं फ्री पार्किंग का बोर्ड लगाया गया है. ऐसे में बिना किसी टाइम मैच कराएं ही इंट्रीगेट से दाखिल कर दिया जाता है और 20 मिनट के अंदर कोई परिजन अपना वाहन लेकर निकास द्वार से जाता है तो उससे जबरन रुपये ले लिया जाता है.
मेरा नाम कृष्णा रंजन है. मेरे चाचा नेफ्रोलॉजी वार्ड में भर्ती हैं. मैं फुलवारीशरीफ में रहता हूं, चाची को परिसर में बुला कर खाना दिया और चला गया. करीब 15 मिनट भी नहीं हुए होंगे की मुझसे रुपये वसूल लिये गये. जब मैं किया तो मुझे बताया गया कि 20 मिनट तक पार्किंग चार्ज फ्री है. इस तरह का केस मुझसे ही नहीं बल्कि कई मरीज के परिजनों से भी किया जा रहा है.
मेरा नाम राकेश कुमार है और मैं दानापुर रहता हूं. भाई को टीबी हुआ है, टीबी वार्ड में बेड खाली है या नहीं इसका पता लगाने के लिए मैं संस्थान गया. बमुश्किल मैं एक घंटे भी परिसर में नहीं था और जब बाहर निकल रहा था तो मुझसे 25 रुपये वसूले गये. जबकि 15 रुपये ही देने का नियम था. इतना ही नहीं पार्किंग में न तो फ्री पार्किंग का बोर्ड है और नहीं टाइमिंग मिलाने के लिए कोई घड़ी परिसर में टांगी गयी है. ऐसे में मनमर्जी कर रुपये वसूले जा रहे हैं.
कम टाइम का हवाला देने पर नहीं सुनते कर्मी
अगर आप कार या मोटरसाइकिल लेकर एंट्री गेट से दाखिल हो गये तो 20 मिनट से जितने ही पहले निकलें, पार्किंग शुल्क देना ही होगा. लोगों माने तो कम टाइम का हवाला देकर पार्किंग शुल्क देने से मना करने पर ठेकेदार के कर्मी दबाव बनाने लगते हैं और पैसे वसूलकर ही गाड़ी बाहर निकल पाती है. इतना ही नहीं कई बार वीआइपी श्रेणी में आने वाले मरीज जैसे विधायक, सांसद, पत्रकार, आइजीआइएमएस के स्टाफ आदि से भी रुपये वसूलने के केस संस्थान को मिल चुके हैं.
लिखित में शिकायत करें, होगी कार्रवाई
अगर किसी मरीज के परिजन से अवैध वसूली लिया जा रहा है तो वह लिखित में शिकायत करें. अगर उनकी शिकायत सही पायी गयी तो नियमानुसार कार्रवाई की जायेगी. वहीं संस्थान परिसर में मल्टीलेबल पार्किंग बनने वाली है.
जो पूरी तरह से कंप्यूटरराइज होगा, ऐसे में मरीज व उनके परिजनों को परेशानी नहीं होगी. रही बात पार्किंग में फ्री पार्किंग का बोर्ड नहीं लगाने की तो इसकी जांच करायी जायेगी और तुरंत बोर्ड लगाने को कहा जायेगा.
डॉ मनीष मंडल, मेडिकल सुपरिटेंडेंट आइजीआइएमएस.
यह है पार्किंग चार्ज
दो, तीन और चार पहिया वाहन 20 मिनट तक कोई रुपये नहीं देने हैं
तीन व चार पहिया वाहन अगर चार घंटे परिसर में वाहन पार्क करते हैं तो 15 रुपये देने हैं
एक दिन वाहन पार्क करने पर 40 रुपये देने हैं
तीन व चार पहिया 24 घंटे पार्क करने के लिए 40 रुपये देने हैं
दो पहिया वाहन 4 घंटे के लिए पांच रुपये देने हैं
दो पहिया वाहन 4 से 16 घंटे पार्क होने पर 10 रुपये देने हैंं
पहिया वाहन 24 घंटे के लिए 20 रुपये देने हैं
साइकिल को 4 घंटे के लिए 4 रुपये देने हैं