जल संरक्षण करें लोग नहीं तो बढ़ेगा संकट, दिसंबर महीने में ही घटने लगा बिहार में भू-जल स्तर

Published at :30 Dec 2018 7:42 AM (IST)
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जल संरक्षण करें लोग नहीं तो बढ़ेगा संकट, दिसंबर महीने में ही घटने लगा बिहार में भू-जल स्तर

कृष्ण कुमार पटना : राज्य में दिसंबर महीने में ही भू-जल स्तर नीचे जाने लगा है. इसकी पुष्टि लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग (पीएचईडी) और लघु जल संसाधन विभाग में टेलीमेटरी (भू-जलस्तर नापने वाला यंत्र) की रिपोर्ट के आधार पर हुई है. ऐसे में गर्मी के महीने में क्या होगा, यह गंभीर सवाल अभी से पैदा […]

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कृष्ण कुमार
पटना : राज्य में दिसंबर महीने में ही भू-जल स्तर नीचे जाने लगा है. इसकी पुष्टि लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग (पीएचईडी) और लघु जल संसाधन विभाग में टेलीमेटरी (भू-जलस्तर नापने वाला यंत्र) की रिपोर्ट के आधार पर हुई है. ऐसे में गर्मी के महीने में क्या होगा, यह गंभीर सवाल अभी से पैदा होने लगा है. पिछले एक सप्ताह के दौरान राज्य में सामान्य रूप से इसमें करीब छह से सात सेंटीमीटर की कमी पायी गयी है.
गया के खिजरसराय में पिछले सात दिनों में 20 सेंटीमीटर जल स्तर नीचे चला गया है. विभाग ने कहा कि राज्य में भू-जल स्तर की गिरावट रोकने संबंधी उपाय करने की नीति अभी नहीं है. इसे बनाये जाने की प्रक्रिया शुरू है. सूत्रों ने बताया कि राज्य सरकार ने सभी 534 प्रखंडों में भू-जल स्तर की निगरानी के लिए टेलीमेटरी लगाने का निर्देश दिया था. कुछ जिला मुख्यालय में भी यह उपकरण लगना था. कुल मिलाकर 571 उपकरण लगना था, लेकिन अब तक सौ जगहों पर यह यंत्र नहीं लग पाया है.
…मुजफ्फरपुर के 12 से अधिक प्रखंडों में चार महीने के दौरान भू-जल स्तर सामान्य से सात फुट तक नीचे गिरा
…भागलपुर जिले में ढाई महीने के अंदर करीब एक फुट नीचे हो गया है जल स्तर
…571 टेलीमेटरी उपकरण लगना था राज्य में , लगे अब तक 486 ही
जिले में कैसी है हालत
भागलपुर जिले में एक अक्तूबर से भू-जल स्तर में
गिरावट हो रही है. यहां 15 दिन में तीन इंच भू-जल स्तर नीचे गिर रहा है और ढाई महीने के अंदर करीब एक फुट नीचे चला गया है.जिले में चार महीने में (सितंबर से दिसंबर) पीएचईडी की रिपोर्ट के मुताबिक बोचहां के कर्णपुरी, उत्तरी कुढ़नी के चढुआं, सकरा के मझौलिया, सरमस्तपुर, चंदनपट‍्टी, दुबहां, केशोपुर, पिपरी, मुरौली के पिलखी गजपति, इटहां, महम्मदपुर बादल, हसनपुर लौटन आदि में जल स्तर सामान्य से सात फुट तक नीचे चला गया है.
जिले के खिजिरसराय प्रखंड में सात दिनों के दौरान 20 सेंटीमीटर की कमी आयी है. वहीं, गया जिले के बेलागंज प्रखंड में एक सेमी की बढ़ोतरी हुई है. वहां के अन्य प्रखंडों में अंतर नहीं आया है.
जिले में छपरा सदर प्रखंड के महाराजगंज गांव और रिविलगंज प्रखंड के मुकरेड़ा, शेखपुरा के शहरी क्षेत्र में भू-जल स्तर में गिरावट हो रही है. वहीं गोपालगंज जिले में फिलहाल भू-जल स्तर की स्थिति ठीक बतायी जा रही है.
क्यों घट रहा है पानी
विशेषज्ञों का कहना है कि भू-जल स्तर घटने के कई कारण हैं. इनमें मुख्य रूप से बोरिंग से सिंचाई करना, जल संचय का अभाव और बरसाती पानी को भू-जल तक नहीं पहुंचना शामिल हैं. वहीं, कृषि विभाग का कहना है कि हथिया नक्षत्र में कम बारिश होने से जलस्तर नीचे गया है.
हालांकि, विभाग ने यह भी कहा कि किसी भी जिला कृषि पदाधिकारी ने जल संकट की कोई सूचना नहीं दी है. विभाग के अधिकारी ने बताया कि प्रदेश में इंड के इस मौसम में ओस भी पर्याप्त मात्रा में नहीं गिर रहा है.
इस कारण किसानों को परेशानी हो रही है. रबी के इस मौसम में 21 दिन पर गेहूं का पटवन जरूरी है. ऐसी परिस्थिति में घरों में रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगाया जाना बहुत जरूरी हो गया है. यदि सभी लोग ऐसा करें तो तीन महीने के बारिश से इतना भूजल रिचार्ज हो जायेगा कि एक साल तक कोई समस्या नहीं होगी.
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