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सीएम ने कौमुदी महोत्सव के उद्घाटन में जतायी इच्छा, पटना सिटी में पांच एकड़ में बनेगा सांस्कृतिक केंद्र

Updated at : 29 Oct 2018 6:37 AM (IST)
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सीएम ने कौमुदी महोत्सव के उद्घाटन में जतायी इच्छा, पटना सिटी में पांच एकड़ में बनेगा सांस्कृतिक केंद्र

पटना सिटी : मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि पाटलिपुत्र के गौरवशाली इतिहास को देखते हुए पांच एकड़ जमीन में सांस्कृतिक केंद्र के निर्माण की इच्छा हो रही है. शीघ्र इस दिशा में काम होगा. वह रविवार को राजकीय उच्च विद्यालय मैदान में कला-संस्कृति व युवा विभाग की ओर से आयोजित कौमुदी महोत्सव के उद्घाटन […]

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पटना सिटी : मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि पाटलिपुत्र के गौरवशाली इतिहास को देखते हुए पांच एकड़ जमीन में सांस्कृतिक केंद्र के निर्माण की इच्छा हो रही है.
शीघ्र इस दिशा में काम होगा. वह रविवार को राजकीय उच्च विद्यालय मैदान में कला-संस्कृति व युवा विभाग की ओर से आयोजित कौमुदी महोत्सव के उद्घाटन के बाद समारोह को संबोधित कर रहे थे. मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने कौमुदी महोत्सव को राजकीय महोत्सव का रूप दे दिया है. यह सामाजिक समरसता का महोत्सव है.
उन्होंने कहा कि मालसलामी के पास स्थित पटना घाट स्टेशन की जमीन को रेलवे से लेने के बाद गंगा पाथ-वे से जोड़कर फोरलेन सड़क का निर्माण कराया जायेगा. वहीं पर पांच एकड़ जमीन में सांस्कृतिक केंद्र के निर्माण की इच्छा है. इस दौरान मुख्यमंत्री ने पथ निर्माण मंत्री नंदकिशोर यादव के बातों को स्वीकार करते हुए घोषणा किया कि पाटलिपुत्र परिषद कार्यक्रम आयोजित करेगी, सरकार इसमें मदद करेगी. महोत्सव को आप बड़ा रूप दें. पाटलिपुत्र के इतिहास को रेखाकिंत करते हुए सीएम ने कहा कि यही मूल धरती है.
यहीं से विश्व के बड़े भू -भाग में मौर्यकाल में शासन होता था. यह धरती गवाह है चंड अशोक से धम्म अशोक के परिवर्तन का. पाटलिपुत्र की धरती सभ्यता का द्वार है. इसी वजह से गांधी मैदान में सम्राट अशोक कन्वेंशन सेंटर का निर्माण हुआ, जहां सरकार धम्म अशोक की मूर्ति व सभ्यता द्वार का निर्माण कराया है.
शरद पूर्णिमा के दिन ही आयोजित हो कौमुदी महोत्सव: मुख्यमंत्री ने कहा कि शरद पूर्णिमा पर चंद्रमा 16 कलाओं से युक्त होता है. इस मौके पर मनाये जाने वाला कौमुदी महोत्सव आस्था व परंपरा का प्रतीक है.
यह घड़ी राधा व कृष्ण की रासलीला का गवाह है. स्वास्थ्य की दृष्टिकोण से शरण पूर्णिमा का आयुर्वेद में विशेष महत्व है. इस दिन चांदनी रात में होने वाली अमृतवर्षा रोगों से मुक्ति दिलाती है. मुख्यमंत्री ने माना कि यह कार्यक्रम निर्धारित तिथि से कुछ देर से हुआ है. शरद पूर्णिमा के दिन ही आयोजित होना चाहिए. पाटलिपुत्र परिषद व कला-संस्कृति विभाग से अपेक्षा करते हैं कि कौमुदी महोत्सव शरद पूर्णिमा के दिन आयोजित हो.
ऐतिहासिक व सांस्कृतिक केंद्रों को जोड़ रही सरकार
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ऐतिहासिक व सांस्कृतिक केंद्रों को जोड़ रही है, जहां से बिहार के गौरव का इतिहास जुड़ा है. सरकार ने गुरु गोविंद सिंह जी महाराज की जन्मस्थली पटना साहिब में 350वां व 351वां शुकराना समारोह बिहारवासियों के सहयोग से कराया. इसी क्रम में प्रकाश पुंज का निर्माण कार्य गुरु के बाग में सरकार करा रही है.
मुख्यमंत्री ने बिहार को ज्ञान की धरती बताते हुए कहा कि नालंदा व विक्रमशिला विश्वविद्यालय समेत कई संस्थाओं ने शिक्षा, संस्कृति शांति सौहार्द व समन्वय से सींचा है. इसी धरती पर चंड अशोक से धम्म अशोक के रूप में जीवन के सत्य शांति की अनुभूति की. कौमुदी महोत्सव के माध्यम से लोगों में प्रेम व शांति का संदेश दिया जाये.
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