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अमृतसर रेल हादसा : बिहार के पांच की मौत, कई लापता, राज्‍य सरकार देगी दो लाख का अनुग्रह अनुदान

Updated at : 21 Oct 2018 6:43 AM (IST)
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अमृतसर रेल हादसा : बिहार के पांच की मौत, कई लापता, राज्‍य सरकार देगी दो लाख का अनुग्रह अनुदान

मौत की ट्रेन. मजिस्ट्रेट जांच के आदेश, चार हफ्ते में रिपोर्ट अमृतसर : अमृतसर के जोड़ा फाटक के पास शुक्रवार की शाम को दशहरा समारोह के दौरान तेज रफ्तार ट्रेन की चपेट में आये ज्यादातर लोग बिहार और उत्तर प्रदेश के कामगार थे. एक अधिकारी ने शनिवार को यह जानकारी दी. इस हादसे में अबतक […]

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मौत की ट्रेन. मजिस्ट्रेट जांच के आदेश, चार हफ्ते में रिपोर्ट
अमृतसर : अमृतसर के जोड़ा फाटक के पास शुक्रवार की शाम को दशहरा समारोह के दौरान तेज रफ्तार ट्रेन की चपेट में आये ज्यादातर लोग बिहार और उत्तर प्रदेश के कामगार थे. एक अधिकारी ने शनिवार को यह जानकारी दी.
इस हादसे में अबतक 59 लोगों की मौत हो चुकी है. इनमें से 40 शवों की पहचान कर ली गयी है. इनमें से पांच बिहार के हैं. जानकारी के अनुसार गाेपालगंज के दो, भागलपुर के दो व मोकामा के एक लोग की मौत हो गयी है. वहीं 72 घायलों का इलाज यहां के सात अस्पतालों में चल रहा है. इनमें से सात की हालत गंभीर है.
उत्तर प्रदेश और बिहार के ज्यादातर कामगार दुर्घटनास्थल से कुछ ही दूरी पर एक औद्योगिक क्षेत्र में काम करते थे और पास के इलाके में ही रहते थे. शुक्रवार की शाम दशहरा समारोह में इन दोनों राज्यों के लोग अच्छी खासी संख्या में जुटे थे. कई लोग अकेले यहां रहते थे, ऐसे में कई लोगों के शवों की पहचान नहीं हो पायी है. कई लोग अब भी लापता बताये जा रहे हैं. घटना की मजिस्ट्रेट जांच केआदेश दे दिये गये हैं. रिपोर्ट चार हफ्ते में आ जायेगी. रेलवे ने कहा- कोई जांच नहीं होगी
रेल संरक्षा आयुक्त (सीआरएस) अमृतसर हादसे की जांच नहीं करेंगे. रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष अश्विनी लोहानी ने कहा कि यह कोई रेल दुर्घटना नहीं, बल्कि रेल पटरियों पर अनधिकृत प्रवेश का एक मामला है. यह रेलवे की गलती नहीं थी.
जीआरपी ने प्राथमिकी दर्ज की
राजकीय रेलवे पुलिस (जीआरपी) ने अमृतसर हादसे के संबंध में शनिवार को अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ एक मामला दर्ज किया. अमृतसर रेलवे स्टेशन के जीआरपी एसएचओ बलवीर सिंह ने कहा कि अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ एक मामला दर्ज कर लिया गया है और आरोपियों के नाम जांच के बाद प्राथमिकी में जोड़े जायेंगे.
कुछ ही सेकेंड में पटरी से 150 मीटर दूर तक बिखर गये शवों के टुकड़े
शुक्रवार की शाम अमृतसर के चौड़ा बाजार के पास रावण दहन का कार्यक्रम था. यहां से रेल पटरियां महत 200 मीटर ही दूर पर थीं. इस मौके पर यहां बड़ी संख्या में लोग पहुंचे थे. जैसे ही पुतला जलाया गया तो लोग धीरे-धीरे ट्रैक की ओर बढ़ने लगे. इसी दौरान जालंधर से अमृतसर जा रही डीएमयू ट्रेन वहां पहुंच गयी. ट्रेन की रफ्तार करीब 100 किमी प्रति घंटा थी. तेज रफ्तार यह ट्रेन महज कुछ ही सेकेंड में ट्रैक पर मौजूद लोगों को कुचलते हुए आगे निकल गयी और देखते ही देखते 150 मीटर के दायरे में लाशें बिछ गयीं.
भागलपुर निवासी पिता-पुत्र की भी गयी जान
भागलपुर के सबौर प्रखंड के ममलखा पंचायत के महादलित टोला का जितेंद्र अपने एक साल के बेटे शिवम और पत्नी आरती के साथ रावण वध देखने गया था. ट्रेन की चपेट में आने से पिता और पुत्र की मौत हो गयी, जबकि पत्नी गंभीर रूप से घायल है. वहीं, मोकामा के टुन्नी महतो के बेटे नीतीश की मौत भी इस हादसे में हो गयी. मोकमा के घोसवारी का रहने वाला नीतीश मजदूरी करने अमृतसर गया था. उसका परिवार भी पंजाब में ही रहता है.
गोपालगंज के दो लोगों की मौत
गोपालगंज. अमृतसर में हुए भयानक रेल हादसे में गोपालगंज के भी दो लोगों की मौत हो गयी. मृतकों में बरौली थाना क्षेत्र के सलोना गांव के राजेश भगत (35 वर्ष) और मांझा थाना क्षेत्र के मुजौना गांव के चंद्रिका भगत (55 वर्ष) शामिल हैं. दोनों पंजाब के अमृतसर में कपड़ा मिल में मजदूरी करते थे. रविवार को दोनों का शव पैतृक गांव दाह संस्कार के लिए लाया जायेगा. राजेश महतो पिछले 10 वर्षों से अमृतसर की कंपनी में काम करता था. परिजनों ने बताया कि उन्हें पड़ोसियों द्वारा हादसे में राजेश के मारे जाने की सूचना मिली.
गोपालगंज के दो, भागलपुर के दो व मोकामा के एक की मौत
मोकामा में युवक के गांव में फीकी पड़ गयीं खुिशयां
मोकामा : अमृतसर में रावण दहन के दौरान ट्रेन हादसे में घोसवरी निवासी टुन्नी महतो का पुत्र नीतीश कुमार (13) की भी मौत हो गयी. इसकी जानकारी मिलते ही पूरे गांव में दशहरे की खुशियां फीकी पड़ गयीं.
अमृतसर में निवास कर रहे ग्रामीणों की खैरियत लेने में लोग जुट गये. इधर, नीतीश के घर पर चीख- पुकार मच गयी. ग्रामीणों ने बताया कि गांव के दर्जनों लोग पंजाब में रहकर मजदूरी करते हैं. नीतीश भी अपने पिता, माता व बड़े भाई के साथ घटनास्थल (जोड़ा फाटक) के पास ही रहता था. बताया जा रहा है कि वह बड़े भाई व दोस्तों के साथ रेलवे ट्रैक किनारे खड़ा होकर रावण दहन देख रहा था. अचानक मची भगदड़ में वह ट्रेन की चपेट में आ गया. घोसवरी के लोगों को नीतीश के साथ गांव की एक महिला की मौत की भी सूचना मिली, लेकिन महिला की मौत की पुष्टि नहीं हो सकी है.
बिहार सरकार देगी दो लाख का अनुग्रह अनुदान
पटना : मुख्यमंत्री ने अमृतसर ट्रेन हादसे में बिहार के मृतकों के आश्रितों को अनुग्रह अनुदान देने के निर्देश दिये हैं.आश्रितों को मुख्यमंत्री राहत कोष से एक लाख रुपये तथा प्रवासी मजदूर दुर्घटना अनुदान योजना के तहत एक लाख रुपये मिलेंगे.
इधर राज्यपाल लालजी टंडन और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने पंजाब के अमृतसर में हुए ट्रेन हादसे पर गहरी संवेदना व्यक्त की है. मुख्यमंत्री इस ट्रेन हादसे से मर्माहत हैं और दुख की इस घड़ी में मृतक के शोक संतप्त परिजनों को धैर्य धारण करने की शक्ति प्रदान करने की ईश्वर से प्रार्थना की है. राज्यपाल व मुख्यमंत्री ने इस हादसे में घायल हुए लोगों के शीघ्र स्वस्थ होने की भी ईश्वर से कामना की है.
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह ट्रेन एक्सीडेंट दूसरे टाइप का है. रेलगाड़ी जो ट्रैक पर चलती है, उसका टेकनिक ऐसा कुछ नहीं है कि अचानक कुछ नजर आये और गाड़ी रोक दीजियेगा, यह संभव नहीं हो पाता है.
ऐसी परिस्थिति में अगर रेलवे ट्रैक के बगल में कोई कार्यक्रम होता है तो पहले से ही पूरी सुरक्षा का इंतजाम होना चाहिए. मुख्यमंत्री ने कहा कि मैं नहीं जानता हूं कि किनकी इजाजत से वहां कार्यक्रम आयोजित था.
रेलवे को जानकारी थी या नहीं. जो कुछ भी हुआ यह बहुत ही दु:खद है. जो लोग भी पीड़ित हुए हैं उनके प्रति हमारी गहरी संवेदना है. यह बड़ी दु:खद घटना है. पहले से सचेत रहें तो ऐसी घटना नहीं घट सकती है. आयोजकों को किसी आयोजन के पूर्व लोगों की सुरक्षा एवं अन्य चीजों के बारे में सोचना चाहिए. मुख्यमंत्री ने कहा कि अपने राज्य के भी कुछ लोग शिकार हुए हैं, उन सबके प्रति भी मैं अपनी शोक संवेदना प्रकट करता हूं.
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