पटना : जेपी के समय के मुद्दे आज भी हैं बरकरार

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पटना : जिन मुद्दों को लेकर जेपी आंदोलन हुआ वे आज भी बरकरार हैं. बिहार में स्थिति और भी दुखद है. उस आंदोलन से निकलने वाले अनेक लो सत्ता सुख में उन मुद्दों को भूल गये हैं. राज्य में कानून-व्यवस्था की हालत खराब है. महंगाई और बेरोजगारी बढ़ रही है. किसान परेशान हैं. लगता है […]

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पटना : जिन मुद्दों को लेकर जेपी आंदोलन हुआ वे आज भी बरकरार हैं. बिहार में स्थिति और भी दुखद है. उस आंदोलन से निकलने वाले अनेक लो सत्ता सुख में उन मुद्दों को भूल गये हैं. राज्य में कानून-व्यवस्था की हालत खराब है. महंगाई और बेरोजगारी बढ़ रही है. किसान परेशान हैं. लगता है सत्ता में बैठे क्रांतिकारी साथी ‘फिलगुड’ में हैं. यह बातें जेपी लोकतंत्र सेनानी संंगठन की राज्यस्तरीय बैठक में गुरुवार को कही गयी. इस स्थिति में सरकार से सुधार की मांग की गयी.
इस सम्मेलन में सभी जिले से 200 से अधिक प्रतिनिधि शामिल हुए. बैठक की अध्यक्षता संगठन के प्रदेश अध्यक्ष और पटना हाईकोर्ट के अधिवक्ता नरेंद्र सिंह कुशवाहा ने की. उन्होंने संगठन के नवनियुक्त उपाध्यक्ष और बिहार कोऑपरेटिव फेडरेशन के अध्यक्ष विनय कुमार शाही सहित महासचिव कृष्ण कुमार चौधरी का सभी सदस्यों से परिचय कराया.
बैठक में कई प्रस्ताव पारित हुए. इसमें सरकार से मांग की गयी कि हर जिला मुख्यालय में 11 अक्तूबर को जेपी जन्मदिवस को संकल्प दिवस के रूप में मनाया जाये. आपातकाल के दौरान भूमिगत रहकर काम करने वाले, शहीदों के आश्रितों को पेंशन व अन्य सुविधाएं दी जाएं.

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