पटना : सूबे को पॉलीथिन मुक्त करने की कार्रवाई शुरू

Published at :24 Jul 2018 9:04 AM (IST)
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पटना : सूबे को पॉलीथिन मुक्त करने की कार्रवाई शुरू

राज्य सरकार ने हाईकोर्ट में दिया जवाब, मांगा एक महीने का समय पटना : बिहार में मुख्य सचिव ने पटना हाईकोर्ट को आश्वस्त किया कि जल्द ही बिहार को पॉलीथिन से मुक्त कर दिया जायेगा. इसके लिए कानून बनाया जा रहा है पॉलीथिन पर रोक लगाये जाने वाले कानून को बना कर इसे पहले शहरी […]

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राज्य सरकार ने हाईकोर्ट में दिया जवाब, मांगा एक महीने का समय
पटना : बिहार में मुख्य सचिव ने पटना हाईकोर्ट को आश्वस्त किया कि जल्द ही बिहार को पॉलीथिन से मुक्त कर दिया जायेगा. इसके लिए कानून बनाया जा रहा है
पॉलीथिन पर रोक लगाये जाने वाले कानून को बना कर इसे पहले शहरी क्षेत्रों में और नगर निकायों में लागू किया जायेगा. बाद में इसे ग्रामीण क्षेत्रों में लागू किया जायेगा. इस कार्य के लिए सरकार को एक महीने का समय चाहिए. न्यायाधीश डॉ रवि रंजन और न्यायाधीश एस कुमार की खंडपीठ को मुख्य सचिव ने यह जानकारी दी.
अदालत ने मुख्य सचिव की बातों को सुनने के बाद कहा कि इस बात की खुशी है कि सरकार इस मामले में कार्रवाई कर रही है. अदालत का कहना था कि जब सरकार कार्रवाई कर ही रही है, तो इसके लिए अलग से कोई भी दिशा निर्देश देने की आवश्यकता नहीं है. अदालत ने केवल इतना ही कहा कि हर हाल में बिहार में पॉलीथिन के उपयोग पर रोक लगनी चाहिए.
अदालत ने राज्य सरकार को कहा कि तत्काल प्रभाव से गया शहर के साथ ही बोधगया को प्रदूषण मुक्त करने का निर्देश दिया. वहां भी तत्काल प्रभाव से पॉलीथिन के इस्तेमाल पर रोक लगाने को कहा. मुख्य सचिव ने संकेत दिया कि वैसे कस्बे को भी पॉलीथिन मुक्त रखने की कवायद होगी जो बिहार नगरपालिका अधिनियम के तहत कोई भी नगर निकाय क्षेत्र या अधिसूचित क्षेत्र में आयेंगे.
पौधारोपण कार्यक्रम में घोटाले पर कोर्ट ने रिपोर्ट मांगी
पटना. हाईकोर्ट ने मुंगेर के तारापुर अनुमंडल में पौधारोपण कार्यक्रम के नाम पर हुए करोड़ों रुपये के घोटाले पर राज्य सरकार से चार सप्ताह में जवाब मांगा है. मुख्य न्यायाधीश राजेंद्र मेनन की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने एक लोकहित याचिका पर सुनवाई करते हुए यह निर्देश दिया.
अदालत को याचिकाकर्ता की ओर से बताया गया कि उस अनुमंडल के एक जूनियर इंजीनियर द्वारा बड़े पैमाने पर सरकारी राशि का गबन किया गया है. इस अनियमितता में लिप्त जूनियर इंजीनियर को बचाने में पूरा जिला प्रशासन लगा हुआ है. हाईकोर्ट ने सुनवाई के बाद राज्य सरकार को कहा कि वह इस मामले की जांच कर कार्रवाई करे और जानकारी अगली सुनवाई पर अदालत को दे.
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