पटना : छात्रावास मरम्मत का काम पूरा, लेकिन इस सत्र में भी मिलने के आसार नहीं
Updated at : 02 Jul 2018 3:43 AM (IST)
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पटना : पटना कॉलेज के मिंटो व जैक्सन हॉस्टल की मरम्मत का काम पूरा हो चुका है. दोनों ही हॉस्टलों की मरम्मत में कई करोड़ रुपये खर्च हुए हैं, लेकिन कमरों का एलॉटमेंट नहीं होने से यह छात्रों के काम नहीं आ रहा है. पहले मरम्मत कार्य में देरी की वजह से हॉस्टल नहीं मिल […]
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पटना : पटना कॉलेज के मिंटो व जैक्सन हॉस्टल की मरम्मत का काम पूरा हो चुका है. दोनों ही हॉस्टलों की मरम्मत में कई करोड़ रुपये खर्च हुए हैं, लेकिन कमरों का एलॉटमेंट नहीं होने से यह छात्रों के काम नहीं आ रहा है.
पहले मरम्मत कार्य में देरी की वजह से हॉस्टल नहीं मिल रहे थे, लेकिन अब दोनों ही हॉस्टलों के दौ सौ कमरों में से डेढ़ सौ कमरों के टेबल, कुर्सी व चौकी नहीं होने से कॉलेज उसे हैंडओवर को ही तैयार नहीं है जिस कारण पटना कॉलेज के छात्रों को हॉस्टल एलॉट नहीं हो रहा है.
गौरतलब है कि पिछले करीब चार साल से हॉस्टलों का एलॉटमेंट नहीं हुआ है. पहले सिर्फ एक वर्ष तक हॉस्टल को बंद रहने की बात कही गयी थी, लेकिन अब इस बात को चार वर्ष होने को हैं लेकिन अब भी छात्र इंतजार कर रहे हैं. छात्र मजबूरी में बाहर के लॉज या फ्लैट में किराये पर महंगे दामों में रहना पड़ रहा है. सूत्रों की मानें तो इस सत्र में भी हॉस्टल मिलने के आसार नहीं दिख रहे हैं.
कुर्सी, टेबल गायब, कौन ले गया किसी को मालूम नहीं
इस संबंध में विवि प्रशासन के द्वारा बिहार एजुकेशनल इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कॉरपोरेशन को पत्र भी लिखा है लेकिन उस संबंध में अब तक कोई जवाब नहीं आया है.
कॉलेज प्रशासन का कहना है कि जब काॅलेज से कॉरपोरेशन ने मरम्मति के लिए हॉस्टल लिया था तो हरेक कमरे में टेबल, कुर्सी व चौकी था, लेकिन अभी सिर्फ पचास कमरे में ही यह मौजूद है. बाकी कमरों के कुर्सी, टेबल व चौकी गायब हैं. इस संबंध में यह किसी को नहीं पता ये सामान गये तो कहां गये.
कॉलेज प्रशासन से मिली जानकारी के अनुसार कॉरपोरेशन का कहना है कि उसे बस इतना ही सामान मिला था. वहीं सूत्र बताते हैं कि ये सारे सामान चोरी हो गये. कुछ कहते हैं कि जो कर्मी वहां काम कर रहे थे वहीं सामान ले गये, कुछ छात्र तो कुछ असामाजिक तत्वों के द्वारा भी सामान ले जाने की बात कह रहे हैं.
लेकिन स्पष्ट रूप से कोई नहीं बता रहा कि सामान कैसे गायब हुआ जबकि कॉलेज में ही पुलिस चौकी है. पुलिस प्रशासन, कॉलेज प्रशासन व काॅरपोरेशन के कर्मियों के नाक के नीचे से सामान गायब हो गये लेकिन किसी को भनक तक नहीं है.
कॉलेज प्रशासन सिर्फ 50 सीटों के एलॉटमेंट की कर रहा बातकॉलेज प्रशासन का कहना है कि उसके
पास सिर्फ 50 सीटों के एलॉटमेंट का सामान है तो उन ही सीटों पर एलॉटमेंट होंगे. बाकी करीब डेढ़ सौ कमरे खाली रहेंगे. इस वजह से छात्र काफी नाराज हैं. छात्र बाहर किराये के कमरे में रहने को मजबूर हैं. किराया भी इस एरिया में काफी अधिक है. मकान मालिक छात्रों का आर्थिक शोषण कर रहे हैं. जबकि सुविधा रहते हुए भी छात्र इसके लिए मजबूर हैं.
कॉरपोरेशन को लिखा है पत्र
दोनों हॉस्टल मिलाकर दो सौ कमरे हैं जिसमें से डेढ़ सौ कमरों के टेबल, कुर्सी, चौकी गायब हैं. जब तक कॉरपोरेशन इन सामानों के साथ हमें हॉस्टल नहीं देता, हम उसका हैंडओवर नहीं ले सकते हैं. कॉरपोरेशन का कहना है कि उन्हें इतना ही सामान मिला था, लेकिन जिस वक्त उन्हें हॉस्टल हैंडओवर किया गया था सभी कमरों में सामान थे.
इसको लेकर हमने विवि को लिखा है. विवि के रजिस्ट्रार के द्वारा कॉरपोरेशन को पत्र लिखा गया है. छात्रों के लिए हम बस इतना कर सकते हैं कि उन पचास कमरों का एलॉटमेंट कर देंगे जहां पूरे सामान मौजूद हैं.
– प्रो एजाज अली अरशद, प्राचार्य, पटना कॉलेज
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