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महिला आयोग की मदद से प्रेमी ने बंधक बनी प्रेमिका को पहले आजाद कराया, फिर मांग में सिंदूर भर बनाया जीवनसाथी, देखें वीडियो

Updated at : 22 Jun 2018 11:49 AM (IST)
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महिला आयोग की मदद से प्रेमी ने बंधक बनी प्रेमिका को पहले आजाद कराया, फिर मांग में सिंदूर भर बनाया जीवनसाथी, देखें वीडियो

पटना : बिहार राज्य महिला आयोग की पहल पर रोहतास जिले के सासाराम शहर के प्रेमी जोड़े शादी के बंधन में गुरुवार की देर शाम बंध गये. दोनों प्रेमियों के जाति एक नहीं होने के कारण लड़की के परिजन प्रेम विवाह के खिलाफ थे. सूचना मिलने पर राज्य महिला आयोग ने स्थानीय पुलिस और प्रशासन […]

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पटना : बिहार राज्य महिला आयोग की पहल पर रोहतास जिले के सासाराम शहर के प्रेमी जोड़े शादी के बंधन में गुरुवार की देर शाम बंध गये. दोनों प्रेमियों के जाति एक नहीं होने के कारण लड़की के परिजन प्रेम विवाह के खिलाफ थे. सूचना मिलने पर राज्य महिला आयोग ने स्थानीय पुलिस और प्रशासन की मदद से लड़की को पटना बुलवाया और दोनों प्रेमियों की शादी करा दी.

जानकारी के मुताबिक, रोहतास जिले के सासाराम निवासी उत्कर्षा और विशाल विवेक कुशवाहा दोनों पड़ोसी हैं. दोनों के बीच करीब एक दशक से प्रेम प्रसंग चल रहा था. इसी बीच विशाल की नौकरी रेलवे में ड्राइवर के पद पर हो गयी. वह मध्यप्रदेश के सतना में लोको पायलट है. एक-दूसरे से दूर होने के बावजूद दोनों प्रेमियों के बीच प्रेम कम नहीं हुआ. दोनों शादी के बंधन में बंधना चाहते थे. लेकिन, दोनों के बीच शादी को लेकर जाति का रोड़ा आ रहा था. अनुसूचित जाति से आनेवाली उत्कर्षा के परिजन अपनी बेटी की शादी कुशवाहा बिरादरी से आनेवाले विशाल विवेक कुशवाहा से करना नहीं चाहते थे. नौकरी मिलने के बावजूद लड़की के परिजन तैयार नहीं हुए. दोनों प्रेमियों की जिद को देखते हुए लड़की के परिजनों ने उसे घर में बंधक बना लिया. उसे किसी से मिलने नहीं दिया जा रहा था. उत्कर्षा का विशाल के प्रति प्रेम देखते हुए घर वालों ने उसे घर में ही कैद कर दिया. वह दो महीने तक घर में ही कैद रही. घर का दरवाजा सिर्फ खाना देने के लिए ही खुलता था.

आखिर, विशाल ने अपनी प्रेमिका को उसके परिजनों से मुक्त कराने की ठानी. उसने बिहार राज्य महिला आयोग से संपर्क किया. इसके बाद महिला आयोग ने स्थानीय पुलिस और प्रशासन की मदद से लड़की को छुड़ा कर आयोग बुलवाया. गुरुवार की देर शाम हिंदू रीति-रिवाज के मुताबिक विधि विधान के साथ महिला आयोग की अध्यक्ष के दफ्तर में जयमाल की रस्म हुई. विशाल ने उत्कर्षा की मांग में सिंदूर भरा और मंगलसूत्र पहनाया. मंगलसूत्र पहनाते ही महिला आयोग का दफ्तर तालियों की गडगड़ाहट से गूंज उठा. उपस्थित सभी लोगों के बीच मिठाइयां बांटी गयी. उसके बाद आयोग की सदस्यों ने ‘बेटी’ उत्कर्षा को विशाल के साथ विदा कर दिया. इस मौके पर राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष दिलमणी मिश्रा समेत आयोग की कई सदस्य मौजूद थीं. उन्होंने वर-वधु को आशीर्वाद दिया.

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