''अपराजिताओं'' के नाम इंद्रधनुषी शाम
Published by :Prabhat Khabar Digital Desk
Published at :27 May 2018 9:07 AM (IST)
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पटना : बिहार की प्रगति में भागीदार बनीं 26 महिलाओं का प्रभात खबर ने सम्मान किया तो श्रीकृष्ण मेमोरियल हॉल तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा. इन महिलाओं के चेहरे पर एक बार फिर गर्व के भाव उठे साथ ही उन्होंने प्रभात खबर को शुक्रिया कहा.शनिवार शाम सम्मान समारोह में उप मुख्यमंत्री सुशील मोदी सबसे […]
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पटना : बिहार की प्रगति में भागीदार बनीं 26 महिलाओं का प्रभात खबर ने सम्मान किया तो श्रीकृष्ण मेमोरियल हॉल तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा. इन महिलाओं के चेहरे पर एक बार फिर गर्व के भाव उठे साथ ही उन्होंने प्रभात खबर को शुक्रिया कहा.शनिवार शाम सम्मान समारोह में उप मुख्यमंत्री सुशील मोदी सबसे पहले प्रभात खबर को बधाई दी. उन्होंने कहा कि समाज में बेहतर काम करने वाली महिलाओं को सम्मान देकर प्रभात खबर ने सामाजिक सरोकारों को पूरा किया है.
उन्होंने कहा- जिस समाज ने विद्या की प्रतीक सरस्वती को चुना, धन की प्रतीक लक्ष्मी को और शक्ति की प्रतीक के रूप में दुर्गा को चुना, उसी समाज में महिलाओं की स्थिति अच्छी नहीं है. जब सीता ने अपने पति राम का चुनाव खुद किया था. उन्होंने हर ओर से सर्वगुण संपन्न पति का चुनाव किया. आज दूल्हा बिकता है. बेटियों के लिए दूल्हा खरीदा जाता है. ऐसा क्यूं? समाज में विकृति आ गयी है.
केंद्र में नरेंद्र मोदी और बिहार में नीतीश कुमार ने समाज के इसी विकृति को खत्म करने का बीड़ा उठाया है. नीतीश कुमार ने महिलाओं को हक दिया है. पंचायत चुनाव में 50 फीसदी आरक्षण, नौकरियों में 35 प्रतिशत आरक्षण दिया गया है. उन्होंने कहा, अगर आरक्षण नहीं होता तो शायद पटना की मेयर के रूप में सीता साहू हमारे बीच नहीं बैठी होतीं.
साहित्यकार उषा किरण खान ने प्रभात खबर की प्रशंसा करते हुए महिलाओं से जागरूक होने की अपील की. उन्होंने कहा कि आज भी बेटे की चाहत में तमाम महिलाएं कई बेटियों को जन्म दे देती हैं. अगर बेटा हो जाता है तो वही बेटा बाद में महिलाओं की इज्जत नहीं करता. इसलिए बेटा और बेटी में फर्क को भुलाया जाये.
प्रभात खबर के एसोसिएट वाइस प्रेसीडेंट (बिहार-झारखंड) विजय बहादुर ने अपराजिता सम्मान समारोह पर प्रकाश डाला. उन्होंने कहा कि महिलाओं के सम्मान का शायद यह पहला कार्यक्रम है. प्रदेश के 26 अन्य जिलों में भी अपराजिता सम्मान समारोह प्रभात खबर आयोजित कर चुका है.
बेटी पैदा होते ही मिलेंगे दो हजार रुपये
मोदी उप मुख्यमंत्री सुशील मोदी ने बताया कि बेटी पैदा होते ही सरकार उसके खाते में दो हजार रुपये देगी. बेटियों को बढ़ावा देने के लिए यह खास योजना बिहार सरकार चला रही है. उसका आधार कार्ड बन जाने के बाद एक हजार और खाते में आयेगा. दो साल की उम्र तक अगर टीकाकरण नियमानुसार होता रहा तो उसके खाते में दो हजार और दिया जायेगा. साफ है कि दो साल का होते-होते बच्ची को पांच हजार रुपये सरकार दे चुकी होगी. बात यही खत्म नहीं होती. कक्षा एक से 12वीं तक पढ़ने वाली लड़कियों को 400-1500 रुपये तक हर साल दिया जायेगा. इंटर पास करने पर 10 हजार रुपये मिलेंगे. स्नातक की पढ़ाई पूरी करने पर 25 हजार रुपये सरकार देगी. इस तरह लड़की के खाते में सरकार कुल 55 हजार रुपये देगी.
इनका हुआ सम्मान
पद्मश्री सुधा वर्गीज, शिखा सिंह, आरती सिंह, मधुमिता शर्मा, ज्योति परिहार, अर्चना सोनी, नीलू, अलका वर्मा, मीनाक्षी झा बनर्जी, एनाक्षी डे विश्वास, अभिलाषा सचदेवा, पूनम सिन्हा, फिरदौस कौसर, रोशनी सिंह, डॉ मीना सामंत, बिंदा सिंह, कुमारी अंजना, अर्चना चौधरी, शाजिया कैसर, सुष्मिता, शमा परवीन, अमृता सिंह, प्रीति मुंद्रा, अजीज फातिमा, रीना देवी, निवेदिता को प्रभात खबर ने अपराजिता सम्मान से नवाजा है. कबड्डी खिलाड़ी शमा परवीन की जगह उनकी मां फरीदा, मधुमिता शर्मा की जगह उनकी मां चिंता शर्मा, पूनम सिन्हा की जगह उनकी बेटी इशिता सिन्हा और बिंदा सिंह की जगह पुत्रवधु पूरम ने सम्मान प्राप्त किया. शेष सभी 22 महिलाओं ने खुद मंच पर आकर सम्मान ग्रहण किया.
हर क्षेत्र में महिलाएं आगे निकल रहीं
बिहार विधान परिषद के उप सभापति मोहम्मद हारूण रशीद ने कहा कि प्रभात खबर ने महिलाओं को सम्मान देने का एक मौका निकालकर उनको और प्रोत्साहित किया है. आज हर क्षेत्र में महिलाएं आगे निकल रही हैं. अपने बल पर समाज के हर क्षेत्र में खुद को साबित करने में कामयाबी हासिल कर रही हैं.
सामाजिक सरोकार है प्राथमिकता : आशुतोष
प्रधान संपादक आशुतोष चतुर्वेदी ने बताया कि 40 लाख पाठक रोज प्रभात खबर पढ़ते हैं. तीन राज्यों में प्रकाशित होने वाले इस अखबार के 10 संस्करण हैं. उन्होंने बताया कि सामाजिक सरोकार को लेकर प्रभात खबर हमेशा सजग रहा है. बिहार में दहेज और बाल विवाह विरोधी अभियान में इस अखबार ने बढ़-चढ़कर अभियान छेड़ा. आज अपराजिता सम्मान देकर प्रभात खबर खुद सम्मानित महसूस कर रहा है.
प्रभात खबर के प्रधान संपादक आशुतोष चतुर्वेदी ने कहा कि महिलाओं का सम्मान हम सबके लिए गर्व की बात है. बिहार की प्रगति में जिन नारियों ने योगदान किया है, उनका यह सम्मान है. प्रभात खबर अपने जन सरोकार से जुड़े रिश्तों को और मजबूत कर रहा है. पिछले दिनों आठ गांवों को गोद लिया गया. इनमें चार गांव झारखंड के तो चार बिहार के हैं. इन गांवों में प्रभात खबर व वहां के जनप्रतिनिधियों के सहयोग से काफी काम हुआ है. बहुत ज्यादा तो नहीं, परंतु कुछ तो वहां के लोगों के जीवन स्तर में सुधार आया है.
काम को मिला सम्मान तो खिल उठे चेहरे
नारी नहीं तो पुरुष के साथ जगत भी अधूरा है. कहा गया है कि जहां नारी का पूजन होता है, वहां भगवान निवास करते हैं. शनिवार को श्रीकृष्ण मेमोरियल हॉल एक और ऐतिहासिक क्षण का गवाह बना जब विभिन्न क्षेत्रों में शानदार काम कर रहीं महिलाओं को उनकी बेहतरीन कार्यकुशलता के लिए प्रभात खबर द्वारा अपराजिता सम्मान प्रदान किया गया. सम्मान समारोह में हर तबके के लिए कार्य करने वाली महिलाएं शामिल थीं. ये महिलाएं लोगों की भीड़ में अपनी पहचान तो बना ही रही हैं, अपने कार्यों से लोगों के साथ समाज को भी जागरूक कर रही हैं.
समाज में अपने काम से अपना व बिहार का नाम रोशन करने वाली 26 महिलाओं को प्रभात खबर ने अपराजिता सम्मान से नवाजा. इन नारी शक्तियों को यह सम्मान उपमुख्यमंत्री सुशील मोदी, विधान परिषद के उप सभापति मो़ हारुन रशीद, मेयर सीता साहू और प्रसिद्ध लेखिका उषा किरण खान के हाथाें दिया गया. राजस्थान से आये ग्रुप ने कालबेलिया नृत्य प्रस्तुत कर खूब तालियां बटोरीं.
इसके बाद देश की जानी-मानी कवियित्रियों ने अपनी रचनाओं से समां बांध दिया. प्रभात खबर पूरे बिहार में इससे पूर्व 25 जिलों में इस तरह का अपराजिता सम्मान समारोह आयोजित कर चुका है. इस मौके पर प्रभात खबर पटना के स्थानीय संपादक सचिन शर्मा, बिहार को-आर्डिनेटर अजय कुमार, बिजनेस हेड (बिहार) चेतन आनंद सहित प्रभात खबर परिवार के तमाम सदस्य मौजूद थे.
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