भारत बंद के दौरान हिंसा, पटना में प्रदर्शन, राजद विधायकों ने निकाला मार्च, महनार में एंबुलेंस रोका, नवजात शिशु की मौत
Updated at : 03 Apr 2018 6:36 AM (IST)
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पटना : भारत बंद का बिहार में मिलाजुला असर दिखा. दलित और विभिन्न संगठनों की ओर से बुलाये गये बंद के समर्थन में पटना में राजद के विधायकों ने मार्च निकाला, वहीं विभिन्न दलों के एससी-एसटी विधायकों ने राज्यपाल सत्यपाल मलिक से मुलाकात की. पटना समेत पूरे प्रदेश में जगह-जगह पर रेल और सड़क यातायात […]
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पटना : भारत बंद का बिहार में मिलाजुला असर दिखा. दलित और विभिन्न संगठनों की ओर से बुलाये गये बंद के समर्थन में पटना में राजद के विधायकों ने मार्च निकाला, वहीं विभिन्न दलों के एससी-एसटी विधायकों ने राज्यपाल सत्यपाल मलिक से मुलाकात की. पटना समेत पूरे प्रदेश में जगह-जगह पर रेल और सड़क यातायात बाधित रहा. बंद के दौरान गया, कैमूर, बेतिया व चकिया में रेलवे स्टेशनों पर तोड़फोड़ की गयी.
कानून-व्यवस्था बनाये रखने के लिए पुलिस ने राज्य भर से 3842 लोगों को हिरासत में लिया. सबसे अधिक मुजफ्फरपुर में 2500 लोग हिरासत में लिये गये. भारत बंद को बिहार में राजद, कांग्रेस, हम, जाप समेत तमाम विपक्षी दलों दलों का समर्थन प्राप्त था. जिन दलों का समर्थन नहीं था, उनके एससी-एसटी नेताओं ने व्यक्तिगत रूप से इसका समर्थन किया था.
बंद के दौरान हुई घटनाओं को राज्यभर में सरकारी और निजी संपत्ति को कितना नुकसान हुआ, इसका आंकलन पुलिस देर रात तक करती रही.
पटना में भीम आर्मी, राजद, जाप समेत अन्य संगठनों के बड़े नेताओं ने जमकर प्रदर्शन किया. स्टेशन रोड, आर ब्लाॅक, बेली रोड, दीघा रोड, अशोक राजपथ, कंकड़बाग मेन रोड से बंद समर्थकों ने बड़ी संख्या में जुलूस निकाला और नारेबाजी करते इनकम टैक्स गोलंबर होते हुए डाकबंगला चौराहा पहुंचे. यहां पर काफी देर तक प्रदर्शन हुआ.
इस दौरान जाम में फंसे लोगों से हल्की झड़प भी हुई. सड़कों पर बड़ी संख्या में सुरक्षा बल तैनात रहे. राजधानी में हुए जाम प्रदर्शन और जाम करने के आरोप में विभिन्न थानों में 26 मामले दर्ज हुए हैं.
गोपालगंज में बंद समर्थकों ने एनएच 28 व 25 पर वाहनों की आवाजाही रोक दी. शहर की कुछ दुकानें खुली रहीं, जिनमें तोड़फोड़ की गयी. सूचना मिली है. आंबेडकर चौक पर शवयात्रा के साथ पहुंचे लोगों को भी रोक दिया गया, जिसे पुलिस के सहयोग से बाहर निकाला गया.
छपरा में ट्रेन रोक जताया विरोध
छपरा में बंद समर्थकों ने सुबह से ही जगह-जगह चक्का जाम कर आवागमन बाधित कर दिया. छोटी-छोटी गलियों की दुकानें भी पूर्णतः बंद रही. एकमा में प्रदर्शनकारियों ने जमकर उत्पात मचाया. एकमा स्टेशन पर छपरा-गोरखपुर पैसेंजर ट्रेन को रोके रखा.
सीवान में बंद समर्थकों ने दुकानों को जबरन बंद करा दिया और चौक-चौराहों पर अवरोध रखकर यातायात को बाधित कर दिया. बक्सर में बंद समर्थकों ने सड़क से लेकर रेल यातायात रोक कर घंटों प्रदर्शन किया. मुगलसराय-दानापुर रेलखंड पर पांच घंटे ट्रेनों का परिचालन बाधित रहा. इस दौरान लोगों ने ट्रेन पर पथराव भी किया. आरा में ट्रेनें रोकी गयीं. बंद समर्थकों ने वकालतखाना में घुसकर वकीलों के साथ मारपीट की और टाइपिस्टों के टाइपराइटर को तोड़ दिया.
वहीं कई टाइपराइटर मशीन अपने साथ लेते गये. मोबाइल व चेन भी छीन ली. कई जगह आगजनी की गयी. कई दुकानों पर पथराव किया. दुकानों पर लगे पोस्टर व बैनर को भी फाड़ दिया गया.
बेगूसराय में कई जगहों पर ट्रेनों को भी रोका गया. बंद समर्थकों ने बाजारों को भी बंद कराया. नालंदा में श्रमजीवी ट्रेन को राजगीर, पावापुरी हॉल्ट व बिहारशरीफ स्टेशन समेत कई जगह रोका गया. साथ ही एनएच 31 स्थित बिहारशरीफ-बख्तियारपुर पथ पर भी वाहनों का परिचालन रोका गया. गिरियक, पावापुरी, चंडी व नगरनौसा में भी प्रदर्शनकारियों ने सड़क जाम की और हंगामा किया. शेखपुरा में भी ट्रेनों को प्रदर्शनकारियों ने रोका. जिले के चेवाड़ा में दुकानदारों के साथ मारपीट की गयी.
पटना-गया रेलखंड में नौ घंटे तक ट्रेन परिचालन बाधित रहा. जहानाबाद स्टेशन पर सुबह 6 से दोपहर 3:45 बजे तक प्रदर्शन किया व ट्रैक पर आगजनी की. सुबह 6:22 बजे पहुंची पटना-गया पैसेंजर ट्रेन को बंद समर्थकों ने कब्जे में ले लिया. डाउन लाइन पर दिन भर एक मालगाड़ी रुकी रही. दोपहर में उसके इंजन पर पथराव किया गया. एनएच 110 को भी अनेक स्थानों पर बंद समर्थको ने आवागमन बाधित किया
गया, कैमूर, रोहतास, औरंगाबाद व नवादा में बंद समर्थक लाठी-डंडाें के साथ सड़कों पर उतर आये. गया और कैमूर में रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड, दुकानों व गाड़ियों में तोड़फोड़ की गयी. दुकानों को जबरन बंद कराया गया.
गया स्टेशन परिसर में ईंट-पत्थर से हमले में कई रेलकर्मी भी घायल हुए हैं. यहां खड़ी पटना-भभुआ इंटरसिटी एक्सप्रेस में जम कर तोड़फोड़ की गयी, स्टेशन पर टिकट काउंटर, फूड प्लाजा, बाहर की दुकानों में भी लूटपाट की. सासाराम में प्रदर्शनकारियों ने डीएम का घेराव किया. औरंगाबाद में दो घंटे तक हाईवे को जाम रखा. कैमूर में छत से गिरने से घायल हुए व्यक्ति की अस्पताल ले जाने के दौरान जाम में फंसने से मौत हो गयी, जबकि नवादा में एंबुलेंस को रोकने पर उसमें सवार मरीज को परिजन गोद में उठा कर अस्पताल ले गये. गया में हालात ज्यादा बिगड़ने पर पुलिस को बल प्रयोग कर प्रदर्शनकारियों को खदेड़ना पड़ा.
भागलपुर सहित कोसी व पूर्व बिहार के सभी 13 जिलों में भारत बंद असरदार रहा. कई जगहों पर ट्रेनों को भी रोका गया. सड़कों पर आवागमन ठप कर दिया गया. सहरसा स्टेशन पर राज्यरानी को तीन घंटे रोके रखा गया. धमारा में एक घंटे ट्रैक को जाम कर दिया गया.
सुपौल पूरे जिले में दोपहर तक सड़क जाम रहा. बाजार बंद रहे. सड़क पर आगजनी भी हुई.
बंद समर्थकों ने भागलपुर में विक्रमशिला एक्सप्रेस को एक घंटे तक रोक कर रखा. अररिया में एनएच 57 व एनएच 333इ को तीन घंटे जाम रखा गया. फारबिसगंज और अररिया में पैसेंजर ट्रेन 15 मिनट रोकी गयी. किशनगंज में एक घंटे एनएच 31 जाम रहा. लखीसराय शहर की मुख्य सड़क को पांच घंटे बंद समर्थकाें ने जाम रखा. पूर्णिया में बंद समर्थकों ने पूर्णिया कोर्ट स्टेशन पर सहरसा-पूर्णिया ट्रेन को सुबह नौ बजे से तीन बजे तक रोके रखा. कटिहार में पांच घंटे तक बाजार बंद रहा. बंद समर्थकों ने मुंगेर में आधे घंटे जमालपुर-बेगूसराय पैसेंजर ट्रेन रोकी.
मुजफ्फरपुर में दुकानदारों से बंद समर्थकों में जम कर मारपीट हुई. आवागमन पूरी तरह बंद रहा. समर्थकों ने बेतिया व चकिया रेलवे स्टेशन पर जमकर तोड़फोड़ की. कई दुकानों में भी तोड़फोड़ की गयी.
पेट्रोल पंप को भी बंद समर्थकों ने अपना निशाना बनाया. मधुबनी स्टेशन पर समर्थकों ने सियालदह-जयनगर गंगासागर ट्रेन तीन घंटे रोके रखा. मोतिहारी में स्वच्छाग्रहियों के लाने के लिए बरियारपुर में खड़ी 20 सरकारी बसों में तोड़फोड़ की गयी. शहर के राजाबाजार, गायत्री नगर, छतौनी व पीपराकोठी में हलकी झड़प भी हुई, जिसमें कई लोग घायल हो गये. सीतामढ़ी में में लिच्छवी एक्सप्रेस को चार घंटे तक रोका गया. मालगाड़ी के इंजन पर तोड़फोड़ की गयी.
शहर के गौशाला चौक पर पुलिस पर पथराव करने के बाद लाठी चार्ज करते हुए एक दर्जन लोगों को हिरासत में ले लिया गया. पथराव में जमादार शशि भूषण जख्मी हो गये. मेजरगंज प्रखंड में प्रदर्शनकारियों ने प्रखंड कार्यालय में घुस कर प्रमुख, बीडीओ व सीओ कक्ष समेत सभी कार्यालयों एवं भवनों में तोड़फोड़ की.
बीडीओ के सरकारी वाहन को भी क्षतिग्रस्त कर दिया गया. समस्तीपुर के के दलसिंहसराय में बंद समर्थकों ने कोर्ट परिसर में जमकर रोड़े बरसाये. इसमें कई अधिवक्ता चोटिल हो गये. सीबीएसई बोर्ड की परीक्षा देने जा रहे छात्राओं के साथ झड़प हुई.
एडीजी मुख्यालय एसके सिंघल ने कहा कि बंद के दौरान कानून-व्यवस्था पूरी तरह से पुलिस के नियंत्रण में रही. पटना, कैमूर, दरभंगा और मुजफ्फरपुर में सख्ती रही. गड़बड़ी करने वालों को हिरासत में लिया गया. बंद के दौरान कुल 3842 लोगों को हिरासत में लिया गया.
– महनार में एंबुलेंस रोका, नवजात शिशु की मौत
हाजीपुर : भारत बंद के दौरान हाजीपुर में यातायात बाधित होने से लोग दफ्तरों, दुकानों, ऑफिसों और कोर्ट-कचहरी में समय पर नहीं पहुंच पाये. शहर की दुकानें बंद रहीं. बंद समर्थकों ने मरीज को लेकर जा रहे एंबुलेंस को भी नहीं जाने दिया, जिसके कारण महनार में एक नवजात शिशु की मौत हो गयी. शहर के गुदरी बाजार में बंद समर्थकों और दुकानदारों के बीच झड़प होने के कारण वहां कुछ देर तक तनाव बना रहा.
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