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बिहार : कांग्रेस में टूट रोकने को पार्टी आलाकमान ने प्रदेश नेताओं को दिया ये फरमान

Updated at : 04 Sep 2017 11:14 AM (IST)
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बिहार : कांग्रेस में टूट रोकने को पार्टी आलाकमान ने प्रदेश नेताओं को दिया ये फरमान

पटना : बिहार में कांग्रेस विधायकों के टूटने की आशंका से सतर्क पार्टी हाईकमान ने प्रदेश कांग्रेस के नेताओंको नीतीश सरकार के खिलाफ बड़ा आंदोलन खड़ाकरनेका दायित्व सौंपा है. दरअसल, पार्टी नेतृत्व को मिल रही अंदरुनी सूचनाओं के अनुसार कांग्रेस विधायकों को टूट के लिए गोलबंद करने में जुटे कुछविधायकों का नीतीश कुमारऔर जदयू के […]

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पटना : बिहार में कांग्रेस विधायकों के टूटने की आशंका से सतर्क पार्टी हाईकमान ने प्रदेश कांग्रेस के नेताओंको नीतीश सरकार के खिलाफ बड़ा आंदोलन खड़ाकरनेका दायित्व सौंपा है. दरअसल, पार्टी नेतृत्व को मिल रही अंदरुनी सूचनाओं के अनुसार कांग्रेस विधायकों को टूट के लिए गोलबंद करने में जुटे कुछविधायकों का नीतीश कुमारऔर जदयू के वरिष्ठ नेताओं से अंदरुनी संपर्क कायम है. इसी कड़ी में इस नयी रणनीति के जरिये पार्टीहाईकमान प्रदेश कांग्रेस में उभर रहे असंतोष से निपटने के लिए एक तीर से दो निशाने साधने की जुगत में है.

जानकारी के मुताबिक कांग्रेस आलाकमान के इस फैसले के बाद एक ओर जहां पार्टी को एकजुट रखने की कवायद चलेगी तो दूसरी तरफ नीतीश सरकार के खिलाफ आंदोलन की पृष्ठभूमि भी तैयार होगी. चर्चा है कि बिहार में कांग्रेस विधायकों के टूटने की आशंका से सतर्क पार्टी हाईकमान ने प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अशोक चौधरी और विधायक दल के नेता सदानंद सिंहको बीतेदिनों दिल्ली तलब किया था.इस दौरानबिहारप्रदेशपार्टी के इन दोनोंप्रमुख नेताओं ने कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी को विधायकों केटूटकी कोशिशों को रोकने का हरसंभव भरोसा दिलाया था. मगर हाईकमान अब भी तोड़-फोड़ की अंदरुनी सियासी कसरत को लेकर बेहद सतर्क है.

इसी केमद्देनजर बिहार में महागठबंधन टूटने के बाद मौजूदा एनडीए सरकार के खिलाफ सड़क से लेकर सदन तक आंदोलन की तैयारी में जुटने का स्पष्ट फरमान भी बिहार कांग्रेस के नेताओं को दिया गया है. मीडियारिपोर्ट के मुताबिक बिहार कांग्रेस नेताओं से महागठबंधन में टूट के लिए जिम्मेदार लोगों का सच आवाम तक पहुंचाने के लिए पूजा-पर्व के बाद नेता सड़क पर उतरने के लिए कहा गया है. बिहार कांग्रेस नेताओं को चंपारण से आंदोलन प्रारंभ करने के लिए कहा गया है. इस दौरान पटना में एक विशाल रैली के आयोजन पर भी चर्चाकियेजाने की बात बतायीजा रही है. संभावना यह भी जतायी गयी है कि अक्टूबर से प्रारंभ होने वाले आंदोलन में कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी भी शामिल होंगे.

मालूम हो कि बिहार में कांग्रेस पार्टी को अपने अस्तित्व के लिए लगातार जूझना पड़ रहा है. यहां कांग्रेस के 14 विधायकों ने पार्टी को अपने बागी तेवर दिखा दिए हैं. इन विधायकों केप्रदेश के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व वाली सत्ताधारी पार्टी जदयू में शामिल होने के कयास लगाए जा रहे हैं. जानकारी के मुताबिक कांग्रेस के इन 14 विधायकों ने अपना एक अनौचारिक समूह बना लिया है. इन्हें अपनी विधायकी बनाए रखने के लिए अपने गुट में पार्टी के 4 और विधायकों के शामिल होने का इंतजार है क्योंकि विधायकी कायम रखने के लिए दो-तिहाई आंकड़े होना जरूरी होता है.

बताते चलें कि बिहार में कांग्रेस पार्टी के 27 विधायक हैं. इसलिए पार्टी के 18 विधायकों का साथ होना जरूरी होता है जिससे उनकी विधायकी पार्टी से हटने के बाद भी बनी रह सके. मीडियारिपोर्टमेंसूत्रों के हवाले सेप्रकाशित रिपोर्ट के मुताबिक बिहार में जदयू और राजद महागठबंधन टूटने के बाद नीतीश कुमार केभाजपा के साथ हाथ मिलाकर दोबारा सरकार बनाने से कांग्रेस फूट के आसार पैदा हो गए थे. बताया जा रहा है किकांग्रेस विधायकों में तभी से असंतोष की स्थिति बनी हुई थी.

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