बागेश्वर धाम पर बोले नीतीश कुमार, देश का नाम कोई कैसे बदल सकता है, हमको आश्चर्य लगता है..
Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 16 May 2023 10:04 PM
मुख्यमंत्री ने कहा कि आजादी की लड़ाई लड़ कर संविधान बना. ऐसे में देश का नाम कोई कैसे बदल सकता है. हमको आश्चर्य लगता है, क्या यह संभव है? देश के संविधान का उल्लंघन कोई कर रहा है तो उसे देखा जाना चाहिए.
बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि सबको अपना धर्म मानने की आजादी और पूजा करने का हक है. लोगों को सभी धर्मों की इज्जत करनी चाहिए. मंगलवार को विभिन्न परियोजनाओं के उद्घाटन के दौरान मुख्यमंत्री ने पत्रकारों से बातचीत में ये बातें कहीं. मुख्यमंत्री ने आयकर गोलंबर के करीब नवनिर्मित कर भवन, गर्दनीबाग में चतुर्थ श्रेणी के लिए 432 टाईप ए आवास, 48 वरीय पदाधिकारी आवास तथा फुलवारी शरीफ में परिवहन भवन का उद्घाटन किया.
बागेश्वर बाबा के हिंदू राष्ट्र वाले बयान पर पूछे जाने पर मुख्यमंत्री ने कहा कि आजादी की लड़ाई लड़ कर संविधान बना. ऐसे में देश का नाम कोई कैसे बदल सकता है. हमको आश्चर्य लगता है, क्या यह संभव है? देश के संविधान का उल्लंघन कोई कर रहा है तो उसे देखा जाना चाहिए. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने पहली बार मंगलवार को बागेश्वर बाबा के बारे में पत्रकारों के सवालों का जवाब दिया.
मुख्यमंत्री ने कहा कि कोई आदमी पूजा करे, वह व्यक्तिगत चीज है, देश की नीतियों से उसका कोई मतलब नहीं है. नीतियों के तहत हर तबके के उत्थान के लिए काम किया जाता है. किसी की उपेक्षा नहीं होनी चाहिए. एक सवाल के जवाब में मुख्यमंत्री ने कहा कि संविधान के खिलाफ कोई क्या माहौल बनायेगा? संविधान में परिवर्तन के लिए राज्यसभा और लोकसभा में दो तिहाई से अधिक बहुमत रहने पर होगा. हमारे बारे में कोई क्या बोलते हैं, उनको कहने दीजिये, उनको ऐसा बोलने पर पार्टी में फायदा मिलेगा. पूरे देश में बना रहेगा कोई इधर-उधर नहीं कर सकेगा. किसी भी धर्म के खिलाफ कोई काम नहीं होना चाहिए, किसी को कोई रुकावट नहीं है, सब कर सकता है.
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मुख्यमंत्री ने कहा कि देश में सात धर्म हैं. हिंदू, मुस्लिम, सिख, ईसाई हम सभी के हित में काम करते हैं. केंद्र में अटल सरकार में मंत्री रहने के दौरान देश के हर कोने में सातों जगह गये. राम या कृष्ण कोई हों, जिनका धर्म मानते हैं, उनको मानिए. आपस में किसी का विवाद नहीं हो. लोगों के बीच हस्तक्षेप नहीं करना चाहिए. आजादी की लड़ाई हुई, सबकी सहमति से संविधान बना, महात्मा गांधी ने जो कुछ किया और देश का नामकरण हुआ तो उसको स्वीकार करना चाहिए. भाजपा का नाम लिये बिना उन्होंने कहा कि देश भर की मीडिया पर जिस तरह उनका कब्जा है. ऐसे में बात सामने नहीं आती. उन्होंने पत्रकारों से पूछा कि क्या देश का नाम बदलियेगा? हमारे पिता आजादी की लड़ाई में सक्रिय थे. हमें एक-एक चीज की जानकारी दी. महात्मा गांधी सहित जिन लोगों ने काम किया, उनको हमलोग मानते हैं, उसी आधार पर हमलोग विकास का काम कर रहे हैं.
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