16 करोड़ की लालच में भतीजी की हत्या, चाचा-चाची और सौतेले भाई की साजिश बेनकाब

Published by : Nishant Kumar Updated At : 08 Jul 2025 8:47 PM

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Siwan News: मैरवा की किशोरी खुशी की 16 करोड़ की संपत्ति हड़पने के लालच में चाचा, चाची और सौतेले भाई ने हत्या कर दी. पुलिस ने साजिश का खुलासा करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया, जबकि मास्टरमाइंड आदित्य फरार है. खुशी को स्कूल से बहला-फुसलाकर ले जाया गया और गला दबाकर हत्या कर शव खेत में फेंक दिया गया.

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Siwan Crime News: मैरवा थाना क्षेत्र के उपाध्याय छपरा की किशोरी खुशी की अपनों ने ही 16 करोड़ की पैतृक संपत्ति हड़पने के लालच में हत्या की थी. मंगलवार को पुलिस हत्या का षडयंत्र रचनेवाले खुशी के चाचा,चाची व सौतेले भाई को गिरफ्तार करते हुए पूरे घटना क्रम का खुलासा किया.

दो चचेरे भाई की तलाश अभी जारी

पुलिस के मुताबिक चाचा और चाची और उसके लड़कों ने कांड को अंजाम देने के लिये रणनीति बनाई तथा इसमें खुशी के सौतेले भाई की भी मदद ली. पूरे मामले में पांच लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करते हुए चाचा व चाची तथा खुशी के सौतेले भाई आकाश को गिरफ्तार कर पुलिस जेल भेज दी है, वहीं खुशी के दो चचेरे भाई की तलाश अभी जारी है.जिसमें से एक ने गला दबाकर खुशी की हत्या करते हुए शव को ठिकाने लगाया था.

क्या है पूरा मामला ?

उपाध्याय छापर गांव की खुशी कुमारी के पिता दारोगा की मौत व मां के सात साल पूर्व घर छोड़कर चले जाने के बाद से बड़गांव अपने बुआ आरती देवी के घर रहती थी. जहां से दो जुलाई को स्कूल जाने के बाद से लापता हो गयी थी. जिसके एक दिन बाद ही शाम को पड़ोसी राज्य के देवरिया जिले के बनकटा थाना क्षेत्र के जंजिरहा गांव के खेत से खुशी का शव पुलिस बरामद की.जिसके बाद मृतका की बुआ ने खुशी के चाचा व परिवार के सदस्यों पर संदेह जताते हुए प्राथमिकी दर्ज करायी. 

जांच में जुटी पुलिस 

मुकदमा दर्ज कर पुलिस टीम का गठन करके जांच के दौरान इस हत्याकांड में शामिल दो आरोपित सहित खुशी के सौतेले भाई आकाश कुमार उर्फ बंटी को थाना क्षेत्र के मैदनिया तथा उसके चाचा देवनाथ सिंह तथा चाची धर्मशीला देवी को उपाध्याय छापर से गिरफ्तार किया गया है.हत्याकांड में शामिल लाल रंग की होरो बाइक को पुलिस ने बरामद कर लिया है. थाना प्रभारी भरत साह ने घटना के छठे दिन खुशी हत्याकांड में शामिल लोगों को गिरफ्तार करते हुए घटना का खुलासा किया.

पुलिस ने क्या कहा ?

थाना प्रभारी भरत साह ने बताया की इस घटना का मास्टरमाइंड खुशी के चाचा के परिवार के लोग रहे. जिसमें सौतेले भाई आकाश को अपने झांसे में लेकर खुशी को दो जुलाई को मध्य विद्यालय बड़गांव से 3:30 में बाइक पर बैठाकर भाटपार रानी एक किराये के मकान में लेकर गया. वहां उसका कपड़ा बदलवाया गया. देर रात होने पर वहां खुशी के चाचा का लड़का आदित्य कुमार पहुंचा. खुशी को आदित्य ने मामा के घर ले जाने के बहाने लेकर चला गया और उसका गला दबाकर हत्या कर दिया. उसके बाद उसके शव को लेकर यूपी के बनकटा थाना क्षेत्र के जंजीहरा गांव के समीप खेत में शव को फेंक कर फरार हो गया. 

आरोपियों ने कबूला जुर्म 

सभी आरोपितों में अपना जुर्म कबूल कर लिया है. हत्याकांड का मास्टरमाइंड आदित्य अभी भी फरार है.उसके गिरफ्तारी होने के बाद और कुछ राज सामने आयेगा. एसडीपीओ गौरी कुमारी के निर्देश पर पुलिस ने टीम बनाकर इस हत्याकांड का छानबीन में जुट गयी. पुलिस टीम में थाना प्रभारी भरत साह, गौरी कुमारी , शैलेन्द्र राय सहित टेक्निकल टीम शामिल थे.टीम ने घटना के 6 वें दिन इस हत्याकांड में शामिल आरोपितों को गिरफ्तार कर पूछताछ के बाद जेल भेज दिया है.

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खुशी के सौतेले भाई की गिरफ्तारी के बाद खुला राज

खुशी हत्याकांड में पुलिस टीम ने सबसे पहले शक के आधार पर खुशी के सौतेले भाई आकाश को गिरफ्तार किया. पूछताछ के बाद उसके निशानदेही पर आरोपितों की गिरफ्तारी हुई है. खुशी की हत्या की साजिश एक महीने से रची जा रही थी. जिसमे यूपी के भाटपार में किराये का मकान लिया गया था. खुशी के बड़े पापा के पुत्र आदित्य कुमार उसके भाई आकाश से घटना से पूर्व में संपर्क में था. दो जुलाई आकाश बाहर जाने की बात पर उसके बुआ ने उसे मैरवा स्टेशन पर पहुंचा दिया. जिसके बाद आदित्य स्टेशन पहुंचकर आकाश को बाइक से बैठाकर बडगांव लेकर चला आया. जहां आदित्य के कहने पर आकाश ने बाइक से खुशी को स्कूल से लेकर भाटपार रानी लेकर गया. देर रात भाटपार रानी आदित्य पहुंचकर खुशी को अपने कब्जे में ले कर चला गया. लेकिन खुशी की हत्या होने की सूचना जब आकाश को मिला तो थाना पहुंचा. जंहा पुलिस को शक होने पर उसे हिरासत में लेकर पूछताछ किया तो इस हत्याकांड में शामिल अभियुक्तों को गिरफ्तार किया गया.

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लेखक के बारे में

By Nishant Kumar

Nishant Kumar: निशांत कुमार पिछले तीन सालों से डिजिटल पत्रकारिता कर रहे हैं. दैनिक भास्कर के बाद राजस्थान पत्रिका के डिजिटल टीम का हिस्सा रहें. वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल के नेशनल-इंटेरनेशनल और स्पोर्ट्स टीम में काम कर रहे हैं. किस्सागोई हैं और देश-विदेश की कहानियों पर नजर रखते हैं. साहित्य पढ़ने-लिखने में रुचि है.

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