नेताजी सुभाष चंद्र बोस ने जब बिहार में भरी हुंकार, बदल गयी थी फिजा, 500 रुपये मिला था चंदा

नेताजी सुभाष चंद्र बोस जब बिहार आए. उन्होंने अलग-अलग लोगों से मुलाकात की. पुराविद और इतिहासकार अरविंद महाजन ने बताया कि 27 अगस्त 1939 को मंगल तालाब (पटना सिटी) से सटे मैदान में सुभाष चंद्र बोस का नागरिक अभिनंदन किया गया था. उस दिन स्वागत समिति के सभी सदस्यों का उत्साह देखते ही बनता था.
नेताजी सुभाष चंद्र बोस जब बिहार आए. उन्होंने अलग-अलग लोगों से मुलाकात की. पुराविद और इतिहासकार अरविंद महाजन ने बताया कि 27 अगस्त 1939 को मंगल तालाब (पटना सिटी) से सटे मैदान में सुभाष चंद्र बोस का नागरिक अभिनंदन किया गया था. उस दिन स्वागत समिति के सभी सदस्यों का उत्साह देखते ही बनता था. तीन बजे दिन से ही विभिन्न मुहल्लों से हजारों लोग सभा स्थल तक पहुंचने लगे थे. सभा शुरू होने से पूर्व लगभग 30 हजार जनता जुट गयी थी.
बांकीपुर लॉन मैदान (अब गांधी मैदान) की घटना के कारण उनकी सुरक्षा का प्रबंध काफी मुस्तैदी से किया गया था. मंच से दूर लालवर्दीधारी मजदूर सैनिकों का कड़ा प्रबंध था. बिना पास दिखाये मंच पर जाना प्रतिबंध था. 27 अगस्त 1939 को सुभाष चंद्र बोस की जनसभा दानापुर और खगौल में कच्ची तालाब के पास हुई थी. बोस को स्टेशन से लाने के लिए लोगों की भीड़ उमड़ी थी. चंद्र बोस ने किसानों को संबोधित करते हुए किसान और मजदूरों की दशा के बार में विस्तार से प्रकाश डाला था. बोस ने किसानों और मजदूरों को अपने हक के लिए लड़ने की बात पर जोर दिया था. इसमें पांच सौ रुपये का चंदा उन्हें मिला था.
अनिरुद्ध सिंह उर्फ सरदार जी ने बताया कि पटना जंक्शन पर गाड़ी से ही जनता की अपार भीड़ उनके डिब्बे के सामने जमा हो गयी. बाबू दरवाजे पर खड़े थे. सभी का अभिवादन ले रहे थे. यहां से गाड़ी पटना सिटी स्टेशन (अब पटना साहिब) पहुंची. स्टेशन पर पहले से हजारों लोग अपने नेता के दर्शनार्थ जमा थे. यहां भी दरवाजे पर खड़ा होकर जनता का अभिवादन ले रहे थे. महिलाओं ने आरती उतारी. वृद्ध माताओं ने चंदन का तिलक लगाया. बाढ़ स्टेशन के बीच जहां-जहां गाड़ी रूकी. पहले से ही जनता की अपार भीड़ ने उनका स्वागत किया था. नारों से स्टेशन गूंज गया था. इस तरह वे बाढ़ स्टेशन पहुंचे. उनकी अगुवानी शीलभद्रया जी जनता के आगे थे. वहां से कार में सवार सभा स्थल पर पहुंचे.
वरिष्ठ अधिवक्ता हरिहर प्रसाद सिन्हा ने बताया कि प्रथम बार देश के दौरे पर 25 अगस्त 1939 को सुभाष बाबू की पहली सभा बख्तियारपुर में हुई. उनका स्वागत और सार्वजनिक सभा का आयोजन वहीं से शुरू हुआ. उस दिन उनका कार्यक्रम बाढ़ से बांकीपुर लॉन (जब गांधी मैदान) तक था. उनका पटना सिटी और राजधानी में शाही स्वागत करने का आयोजन था. क्योंकि श्री सुभाष बाबू पहली बार यहां पधार रहे थे. मंगल तालाब (पटना सिटी) और बांकीपुर लॉन (अब गांधी मैदान) में सभा का आयोजन हुआ था. स्वागत की तैयारी में पटना शहर कांग्रेस सोशलिस्ट पार्टी, पटना जिला किसान सभा, पटना नगर स्टुडेन्ट फेडरेशन, पटना सिटी मजदूर यूनियन, पटना नगर जिला फारवर्ड ब्लॉक, पटना यूनियन आदि संस्थाओं का संयुक्त प्रबंध था.
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