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बकाया मिलेगा, तभी नये सत्र में आरटीइ के तहत नामांकन : एसोसिएशन

Updated at : 04 Jan 2026 7:55 PM (IST)
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बकाया मिलेगा, तभी नये सत्र में आरटीइ के तहत नामांकन : एसोसिएशन

Nawada news. जिला प्राइवेट स्कूल एंड चिल्ड्रेन वेलफेयर एसोसिएशन की एक बैठक फ्रंटलाइन पब्लिक स्कूल में रविवार को की गयी.

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कहा- केवल कागजों और सबूतों में उलझा कर रखना चाहती है सरकार नौ साल की प्रतिपूर्ति राशि का भुगतान नहीं होने से प्राइवेट स्कूल एंड चिल्ड्रेन वेलफेयर एसोसिएशन नाराज कैप्शन- बैठक में शामिल एसोसिएशन के शिक्षक. प्रतिनिधि, नवादा कार्यालय जिला प्राइवेट स्कूल एंड चिल्ड्रेन वेलफेयर एसोसिएशन की एक बैठक फ्रंटलाइन पब्लिक स्कूल में रविवार को की गयी. जिलाध्यक्ष प्रो विजय कुमार की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में सभी सदस्यों ने एक स्वर से यह निर्णय किया है कि जब तक सरकार पिछले नौ साल की प्रतिपूर्ति राशि का भुगतान नहीं करेगी, तब तक अगले सत्र में आरटीइ का नया नामांकन नहीं लेना है. यदि सरकार हमें बकाया भुगतान कर देती है, तो हमें नये सत्र में नामांकन लेने में कोई आपत्ति भी नहीं होगी. वहीं, सरकार की आलोचना करते हुए कहा कि सरकार प्राइवेट स्कूलों को भी सरकारी स्कूल बनाना चाहती है. केवल कागजों और सबूतों में उलझा कर रखना चाहती है. चार-चार तरह के पोर्टल चलाती है, जिस पर सभी स्कूलों को अपडेट रखना चाहती है, लेकिन आरटीइ के पिछले नौ साल के बकाया पर कोई ध्यान देने वाला नहीं है. आरटीइ की प्रतिपूर्ति राशि का बकाया सत्र 2017-18 में वर्ग द्वितीय एवं तृतीय और सत्र 2018-19 में वर्ग द्वितीय, तृतीय एवं चतुर्थ का पूरा-पूरा बाकी है. शेष सत्र 2019-20 से लगातार 2025-26 तक कुल नौ साल का बकाया है. सरकार 2023-24 में ज्ञानदीप पोर्टल लायी और 2019-20 से ही ज्ञानदीप पोर्टल पर डाटा अपलोड करने का आदेश जारी किया, जिसमें नवादा जिले के मात्र 46 विद्यालय सरकार के अनुसार ज्ञानदीप पोर्टल पर डाटा अपलोड किया. शेष विद्यालय तकनीकी कारणों से अपना डाटा अपलोड नहीं कर पाये हैं. इसका मतलब शेष स्कूलों की प्रतिपूर्ति राशि का भुगतान नहीं हो पायेगा. ज्ञानदीप पोर्टल को फिर से खोला जाना चाहिए और पुन: अपलोड करने का आदेश जारी करवाया जाये. सभी स्कूलों की आम राय है कि सत्र 2017-18 से लगातार 2022-23 तक ऑफलाइन भुगतान ही किया जाये. ज्ञानदीप पोर्टल जब से आया है अर्थात 2023-24 से विद्यालयों का डाटा अपलोड है. सबसे बड़ी बात यह है कि प्राइवेट स्कूल, बिहार सरकार की शिक्षा विभाग की आत्मा है. प्राइवेट स्कूलों के बल पर ही बिहार शिक्षा विभाग का काम मजबूती से चल रहा है, लेकिन जिला शिक्षा कार्यालय इसे आवश्यक नहीं समझता है. प्राइवेट स्कूलों को हमेशा सौतेला व्यवहार झेलना पड़ता है, जो दु:खद है. बैठक में नये जिला शिक्षा पदाधिकारी से उम्मीद जताते हुए कहा की प्राइवेट स्कूलों का यह दुख दूर करेंगे. सभी उपस्थित सदस्यों के सहयोग से जिला कोषाध्यक्ष के कार्य के लिए शिव शंकर प्रसाद बरदहा, प्रखंड सिरदला को कोषाध्यक्ष के रूप में मनोनीत किया गया. रजौली प्रखंड के अध्यक्ष को उनकी अस्वस्थता के कारण पदमुक्त करते हुए नये अध्यक्ष के रूप में रवींद्र कुमार उर्फ पप्पू जी को मनोनीत किया गया. बैठक में उपाध्यक्ष श्रीनिवास, पीके पंकज, महासचिव धर्मेंद्र कुमार, सचिव मनोज कुमार मिश्रा, सर्वेश कुमार, केडी शर्मा एवं अभिभावक विजय कुमार के साथ सैकड़ों निर्देशक उपस्थित थे.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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VISHAL KUMAR

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VISHAL KUMAR is a contributor at Prabhat Khabar.

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