नदी में तैरकर स्कूल पहुंच रहे शिक्षक
Published by : VISHAL KUMAR Updated At : 11 Apr 2025 4:56 PM
नवादा न्यूज : सैकड़ों एकड़ खेतों में पानी लगने से फसलें बर्बाद
नवादा न्यूज : सैकड़ों एकड़ खेतों में पानी लगने से फसलें बर्बाद
मौसम की मार. आंधी, बारिश व ओलावृष्टि से फसलों को भारी नुकसानकिसानों के अरमानों पर फिरा पानी
प्रतिनिधि, मेसकौर.
अप्रैल माह में बेमौसम आंधी-तूफान और वर्षा से रबी फसलों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ा है. मेसकौर प्रखंड में गुरुवार को तेज बारिश, आंधी-तूफान व ओलावृष्टि से फसलों को भारी नुकसान होने की बातें सामने आयी हैं. बेमौसम बारिश, आंधी और ओलावृष्टि से गेहूं के साथ जेठुआ फसलों को भारी नुकसान हुआ है. किसानों ने तरबुज, टमाटर, कद्दू, खीरा जैसी कई अन्य फसलें लगायी हैं, जो अत्यधिक बारिश और ओलावृष्टि से बर्बाद हो गयी है. किसान इस नुकसान से काफी चिंतित हैं. किसान कविंद्र यादव व महेंद्र साव का कहना है कि महंगाई की मार में अपने जीविकोपार्जन के लिए कर्ज महाजन से लेकर खेती किये हैं. ताकि, आय के स्रोत में इजाफा हो और घर परिवार की जीवनशैली को सुधारा जाये. लेकिन, प्रकृति की मार से हम सभी किसानों का सपना चकनाचूर हो गया है. बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि से सैकड़ों एकड़ भूमि में लगी जेठुआ फसलें पूर्ण रूप से बर्बाद हो गयी हैं. किसानों ने सरकार से इस नुकसान की भरपाई करने के लिए क्षतिपूर्ति राशि देने की मांग की है. बताया जाता है कि मेसकौर प्रखंड में बुधवार को मौसम ने अचानक करवट ली. इसके बाद तेज गड़गड़ाहट के साथ घने बादल छा गये और तेज बारिश शुरू हो गयी. गुरुवार को लगभग एक घंटे तक झमाझम बारिश हुई और फिर खेतों में पानी भर गया. इससे फसलों को काफी नुकसान पहुंचा है.बारिश के दौरान कई जगहों पर पेड़ और बिजली के खंभे भी गिर गये. मेसकौर थाना क्षेत्र के सतुआ गांव में तार के पेड़ पर वज्रपात हुआ, लेकिन भगवान का शुक्र है कि बगल में रखे गेहूं के सैकड़ों बोझे को कुछ नहीं हुआ. दो दिनों के लगातार बारिश होने से किसानों का सपना चकनाचूर हो गया है.
तिलैया नदी में आयी बाढ़बारिश के कारण तिलैया नदी में गुरुवार की रात अचानक बाढ़ आ गयी. नदी में आयी अचानक बाढ़ के कारण कई स्कूलों के शिक्षक नदी तैरकर पार करते देखे गये, तो कुछ दिव्यांग शिक्षक को स्कूल जाने में काफी परेशानी हुई. कुछ इलाकों में बिजली आपूर्ति भी प्रभावित हुई. ग्रामीणों का कहना है कि मौसम में अचानक बदलाव से खेतों और आम जनजीवन पर असर पड़ा है. इस असामयिक वर्षा को ध्यान में रखते हुए बिहार के उप मुख्यमंत्री-सह-कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने सभी जिला कृषि पदाधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर फसल क्षति का आकलन करें.
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