नवादा में ओवरलोड वाहनों से ढही 45 साल पुरानी फुलवरिया डैम की पुलिया: हजारों लोगों का संपर्क टूटा, 90 गांवों की पेयजल आपूर्ति पर संकट; सिंचाई व्यवस्था ठप

Author Kr manish dev|Edited by Ragini Sharma
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फुलवरिया डैम की पुलिया ध्वस्त

फुलवरिया डैम की पुलिया ध्वस्त

नवादा के रजौली में 45 साल पुरानी पुलिया अचानक ढह जाने से हजारों ग्रामीणों का संपर्क टूट गया है. रेलवे निर्माण के ओवरलोडेड वाहनों के दबाव से पुलिया गिरी, जिससे सिंचाई और पेयजल व्यवस्था भी ठप हो गई है. ग्रामीण प्रशासन से कार्रवाई की मांग कर रहे हैं.

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Rajouli Bridge Collapse : नवादा के रजौली प्रखंड के हरदिया पंचायत स्थित फुलवरिया डैम जाने वाले मार्ग पर बनी 45 साल पुरानी पुलिया अचानक ढह गई, जिससे पूरे इलाके की जिंदगी थम सी गई है. तिलैया-कोडरमा रेलखंड निर्माण में लगे भारी और ओवरलोडेड वाहनों के लगातार दबाव ने आखिरकार इस पुलिया को तोड़ दिया. पुलिया गिरते ही हजारों ग्रामीणों, किसानों और स्कूली बच्चों का संपर्क टूट गया.

घटना के बाद लोग जान जोखिम में डालकर गड्ढेनुमा नहर को पार कर अपने घर पहुंचने को मजबूर हैं. जहां कभी सीधा रास्ता था, वहां अब पानी और मलबे के बीच संघर्ष दिखाई दे रहा है.

Nawada News : ओवरलोड वाहनों ने बढ़ाई मुसीबत

स्थानीय ग्रामीण जयेंद्र यादव उर्फ जालो यादव के अनुसार, 1980 में बनी यह पुलिया पिछले कुछ वर्षों से भारी मालवाहक वाहनों का दबाव झेल रही थी. रेलवे निर्माण में लगे ट्रक-जो लोहे, बालू, सीमेंट और गिट्टी से लदे रहते थे-बेरोकटोक इसी रास्ते से गुजरते रहे. लगातार ओवरलोडिंग के कारण पुलिया कमजोर होती गई और अंततः भरभरा कर गिर गई.

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न्यू सिंगर निवासी विनोद राजवंशी ने बताया कि गनीमत रही कि हादसे में कोई जनहानि नहीं हुई, लेकिन अब लोगों को 3 से 4 किलोमीटर अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ रही है. सबसे ज्यादा परेशानी स्कूली बच्चों और मरीजों को हो रही है.

Bridge Collapse : सिंचाई और पेयजल व्यवस्था ठप

पुलिया टूटने का असर सिर्फ आवागमन तक सीमित नहीं है. हरदिया निवासी बीरेंद्र कुमार ने बताया कि डैम से निकलने वाला पानी अब खेतों तक नहीं पहुंच पा रहा है, जिससे किसानों की फसल पर संकट गहरा गया है.

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जिंदल में पदस्थापित पंप ऑपरेटर पंकज कुमार के अनुसार, पुलिया के पास से गुजरने वाली मुख्य पाइपलाइन भी प्रभावित हुई है. इससे बहुउद्देशीय जल परियोजना के तहत लगभग 90 गांवों को मिलने वाली नल-जल योजना बाधित हो गई है. आने वाले दिनों में ग्रामीणों को पीने के पानी के लिए भी संघर्ष करना पड़ सकता है.

ग्रामीणों में आक्रोश, कार्रवाई की मांग

ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि रेलवे निर्माण कंपनी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए और क्षतिग्रस्त पुलिया का जल्द से जल्द पुनर्निर्माण कराया जाए. साथ ही कंपनी से हर्जाना वसूलकर वैकल्पिक पानी और सिंचाई की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए.

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फुलवरिया डैम क्षेत्र के दर्जनों गांव इसी एकमात्र रास्ते पर निर्भर हैं. पुलिया टूटने से खेती, पढ़ाई और स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच सभी प्रभावित हो गई है.

विभाग का आश्वासन

सिंचाई विभाग के सहायक अभियंता निशांत सिंह ने बताया कि शुक्रवार रात एक भारी वाहन के गुजरने से पुलिया की दीवार क्षतिग्रस्त हुई थी, जिसके बाद पूरा ढांचा गिर गया. उन्होंने कहा कि विभाग जल्द ही ह्यूम पाइप डालकर अस्थायी रूप से पानी की आपूर्ति बहाल करने का प्रयास करेगा.

वहीं ग्रामीण कार्य विभाग के कार्यपालक अभियंता मनोज कुमार ने स्पष्ट किया कि इस सड़क पर 10 टन से अधिक भार वाले वाहनों के परिचालन पर रोक है. मामले की जांच की जा रही है और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी.

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एक पुलिया के ढहने से पूरे इलाके की रफ्तार थम गई है. यह घटना सिर्फ एक ढांचे के गिरने की नहीं, बल्कि लापरवाही और अव्यवस्था की कीमत है, जिसे अब हजारों लोग रोज भुगत रहे हैं.

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