नवादा में बारिश ने खोली सफाई व्यवस्था की पोल, जगह-जगह कचरे का अंबार; बढ़ी बीमारी की आशंका
शहर में फैला कूड़े का ढेर
Nawada News : शहर में जगह-जगह पसरा कचरा, जलजमाव और दुर्गंध से बढ़ी परेशानी; पोस्टरों में ‘क्लीन सिटी’, जमीन पर गंदगी का अंबार.
Nawada News : बारिश के मौसम ने नवादा नगर परिषद की सफाई व्यवस्था की पोल खोल दी है. शहर में जगह-जगह कचरे का अंबार लगा हुआ है. बारिश के पानी से भीगा कचरा सड़ने लगा है, जिससे कई इलाकों में दुर्गंध फैल रही है. मच्छरों का प्रकोप बढ़ने से लोग परेशान हैं. शहर के प्रमुख मार्गों, बाजारों और सार्वजनिक स्थलों के आसपास भी दो-दो दिनों से कचरा पड़ा हुआ है. लोगों का कहना है कि बारिश के मौसम में नियमित सफाई और कचरा उठाव बेहद जरूरी है, लेकिन नगर परिषद की व्यवस्था सुस्त नजर आ रही है.
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क्लीन सिटी के दावों पर कचरे के ढेर ने उठाये सवाल
एक ओर नगर परिषद शहर को क्लीन सिटी और ग्रीन सिटी बनाने के लिए जगह-जगह आकर्षक होर्डिंग्स और पोस्टर लगाकर सूखा एवं गीला कचरा अलग रखने का संदेश दे रही है. ‘क्लीन सिटी, ग्रीन सिटी, यही मेरी है ड्रीम सिटी’ जैसे स्लोगन लोगों का ध्यान खींच रहे हैं. दूसरी ओर सड़कों और मोहल्लों में पसरा कचरा नगर परिषद के इन दावों पर सवाल खड़ा कर रहा है.
बारिश में सड़ रहा कचरा, बढ़ा संक्रमण का खतरा
बारिश के बीच कचरे का समय पर उठाव नहीं होने से स्थिति और गंभीर हो गयी है. गीला कचरा कई जगहों पर सड़ने लगा है. इससे दुर्गंध के साथ मच्छर और कीड़े-मकौड़ों का प्रकोप बढ़ रहा है. लोगों को आशंका है कि यदि समय रहते सफाई नहीं करायी गयी, तो बारिश के मौसम में गंदगी के कारण संक्रमण और बीमारियों का खतरा भी बढ़ सकता है.

जुबली मार्केट से नये स्टेशन तक गंदगी का अंबार
स्टेशन रोड स्थित जुबली मार्केट के पास पिछले दो दिनों से कचरा नहीं उठने के कारण सड़क किनारे गंदगी का ढेर लगा है. दुकानदारों और राहगीरों को बदबू के बीच से गुजरना पड़ रहा है. वहीं, नये स्टेशन के मुख्य गेट के पास पड़ा कचरा यात्रियों के लिए परेशानी का कारण बना हुआ है. ट्रेन पकड़ने आने वाले लोगों को गंदगी के बीच से होकर गुजरना पड़ रहा है.

सदर अस्पताल के मुख्य गेट पर भी जमा है कचरा
अस्पताल रोड स्थित सदर अस्पताल के मुख्य गेट के पास भी कचरे का जमावड़ा लगा हुआ है. मरीज और उनके परिजन इसी गंदगी के बीच अस्पताल आने-जाने को मजबूर हैं. स्वास्थ्य सेवा के प्रमुख केंद्र के आसपास सफाई की ऐसी स्थिति पर लोग सवाल उठा रहे हैं. ठाकुरबाड़ी रोड और गढ़पर-नारदीगंज रोड मोड़ के समीप भी कचरे के ढेर से लोग परेशान हैं.
कचरा उठाव का नहीं है कोई तय समय
शहर में कचरा उठाव की व्यवस्था पर भी सवाल उठ रहे हैं. स्थानीय लोगों का कहना है कि कचरा उठाने का कोई स्पष्ट टाइम टेबल निर्धारित नहीं है. कब और किस समय कचरा उठाया जायेगा, इसकी जानकारी लोगों को नहीं होती. नियमित समय पर कचरा नहीं उठने के कारण बाजारों और मोहल्लों में गंदगी जमा होती जा रही है.
पोस्टर नहीं, जमीन पर चाहिए नियमित सफाई
स्थानीय लोगों का कहना है कि केवल होर्डिंग्स और जागरूकता संदेशों से शहर साफ नहीं होगा. इसके लिए नियमित कचरा उठाव, सफाई की निगरानी और जवाबदेही जरूरी है. सफाई व्यवस्था संभालने वाली एजेंसी के काम की नियमित समीक्षा भी होनी चाहिए. लोगों का आरोप है कि सफाई के नाम पर हर महीने बड़ी राशि खर्च होने के बावजूद शहर के कई मोहल्लों में कचरा समय पर नहीं उठ रहा है.
डीएम से सफाई व्यवस्था की समीक्षा कराने की मांग
नवादा के लोगों का कहना है कि शहर की सफाई व्यवस्था केवल अभियान, पोस्टर और होर्डिंग्स तक सीमित नहीं रहनी चाहिए. बारिश के मौसम में जब गंदगी से लोगों की परेशानी और बीमारी का खतरा बढ़ जाता है, तब नियमित कचरा उठाव और सफाई व्यवस्था और भी जरूरी हो जाती है. लोगों ने जिलाधिकारी से शहर की सफाई व्यवस्था की समीक्षा कराने तथा संबंधित एजेंसी की जवाबदेही तय कराने की मांग की है.
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क्या कहते हैं शहरवासी
बारिश में कचरा और ज्यादा परेशानी पैदा करता है. दो-दो दिनों तक कचरा पड़ा रहने से बदबू फैलती है और मच्छरों का प्रकोप बढ़ जाता है. नगर परिषद को पोस्टर लगाने के साथ नियमित सफाई पर भी ध्यान देना चाहिए. — रोहित कुमार, स्थानीय निवासी
कचरे के ढेर के कारण दुकान पर बैठना मुश्किल हो गया है. बारिश के बाद स्थिति और खराब हो जाती है. कचरा उठाने का समय निर्धारित होना चाहिए, ताकि बाजार में भीड़ के समय परेशानी नहीं हो. — विजय जैन, दुकानदार
सदर अस्पताल जैसे महत्वपूर्ण स्थान के पास कचरा जमा रहना गंभीर मामला है. मरीज और उनके परिजन पहले ही परेशान रहते हैं. अस्पताल के आसपास तो नियमित सफाई होनी ही चाहिए. — मो. सद्दाम, राहगीर
लोगों से गीला और सूखा कचरा अलग रखने की अपील की जाती है, लेकिन कचरा उठाने की व्यवस्था नियमित नहीं होगी तो इसका फायदा क्या होगा. अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों को इस समस्या पर गंभीरता से ध्यान देना चाहिए. — रंजन कुमार, स्थानीय युवक
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