रखरखाव नहीं होने से कई स्वास्थ्य केंद्रों पर एक्स-रे मशीन खराब

जिले के छह पीएचसी में एक्स-रे की सुविधा है नदारद
प्राइवेट एक्स-रे वालों की कट रही है चांदी फ़ोटो कैपशन – सदर अस्पताल. प्रतिनिधि, नवादा नगर जिले के सभी पीएचसी में एक्स-रे की सुविधा नहीं है. इस कारण गोविंदपुर, अकबरपुर, सिरदला, मेसकौर, कौआकोल और रोह प्रखंड के मरीजों को एक्स-रे के लिए सदर अस्पताल रेफर करना पड़ता है. जिले में 14 प्रखंड है. इसमें मात्र आठ पीएचसी में एक्स-रे की सुविधा है. बाकी के छह पीएचसी में एक्स-रे के लिए मरीजों को नवादा सदर अस्पताल जाना पड़ता है. वहीं, सरकारी अस्पतालों में एक्स-रे मशीन नहीं होने के कारण निजी क्लिनिक वालों की चांदी कट रही है. जिले के छह सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में एक्स-रे कराने के लिए मरीजों को नवादा आना पड़ता है. या निजी क्लिनिक में जाना पड़ता है. प्राइवेट जांचघरों में जांच के लिए मरीजों को अतिरिक्त खर्च वहन करना पड़ता है. मालूम हो कि एक तरफ प्रदेश की सरकार द्वारा स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार लाने के लिए काफी बदलाव किया है. सदर अस्पताल में एक्स-रे, अल्ट्रासॉउंड की सुविधा मरीजों को मिल रहा है. वहीं, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में एक्स-रे तक के लिए जरूरतमंद मरीजों को निजी क्लिनिक में जाना पड़ता है रख-रखाव नहीं होने के कारण कुछ अस्पतालों में सेवा बाधित: सरकारी अस्पतालों में एक्स-रे की सुविधा उपलब्ध नहीं रहने के कारण मरीजों को निजी एक्स-रे घर में जाकर एक्स-रे कराना पड़ता है. जहां पर 250 से 300 रुपये तक फीस देना पड़ता है. बताते चलें कि जिले में सदर अस्पताल के अलावा एक अनुमंडलीय अस्पताल सहित छह सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर एक्सरे की सुविधा है. बाकी छह प्रखंड के स्वास्थ्य केंद्रों पर यह सुविधा नदारद है. सालों पहले गोविंदपुर, कौआकोल, सिरदला, मेसकौर इन चार प्रखंडों में सरकार द्वारा सरकारी अस्पतालों में संचालित एक्स-रे खराब हो जाने के कारण बंद कर दिया गया. तथा अकबरपुर और रोह ये दो प्रखंड स्वास्थ्य केंद्र में एक्स-रे की सुविधा ही नहीं है. उसके बाद सरकारी स्तर पर केवल चार सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में एक्स-रे चालू है. और पीपीपी मोड में रजौली, वारिसलीगंज, काशीचक के अलावा नवादा सदर पांच स्वास्थ्य केंद्रों पर एक्सरे चालू है. जबकि कई स्वास्थ्य केंद्र में आज तक न तो सरकारी स्तर पर और न ही वैकल्पिक व्यवस्था के तहत एक्स-रे की सुविधा उपलब्ध करायी गयी. जबकि सदर अस्पताल में आउटसोर्सिंग के तहत एक्स-रे संचालित है. एक्स-रे की सुविधा उपलब्ध नहीं रहने के कारण इलाज के दौरान जब एक्स-रे करने के लिए डॉक्टर द्वारा सलाह दिया जाता है, तो ऐसी स्थिति में परिजन को परेशानी होती है. क्योंकि मरीज के साथ निजी एक्स-रे में जाना पड़ता है. जहां गरीबो असहाय लोगो को कोई रियायत नहीं की जाती है. इन प्रखंडों में सरकारी अस्पतालों में एक्स-रे की है व्यवस्था: सदर अस्पताल, वारिसलीगंज, रजौली, काशीचक, पकरीबरावां, नरहट, नारदीगंज और हिसुआ इन जगहों पर नहीं है एक्स-रे की व्यवस्था गोविंदपुर, मेसकौर, सिरदला, कौआकोल, रोह व अकबरपुर क्या कहते है सिविल सर्जन अचार संहिता लगने से पहले मैंने इसकी जानकारी जिला प्रशासन को दिया था और अभी आचार संहिता लागू होने के कारण कुछ नहीं कर सकता हूं. चुनाव खत्म होते ही इन सभी का विकल्प निकाल लिया जायेगा. -डॉ राम कुमार, सिविल सर्जन, सदर अस्पताल नवादा
डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
लेखक के बारे में
By Prabhat Khabar News Desk
यह प्रभात खबर का न्यूज डेस्क है। इसमें बिहार-झारखंड-ओडिशा-दिल्ली समेत प्रभात खबर के विशाल ग्राउंड नेटवर्क के रिपोर्ट्स के जरिए भेजी खबरों का प्रकाशन होता है।
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए




