नवादा में बारिश की कमी से धान रोपनी प्रभावित, किसानों की बढ़ी चिंता

बारिश के आभाव में सूखे पड़े खेत
Nawada News : कौआकोल प्रखंड में बारिश न होने से धान की रोपनी का काम ठप पड़ा है। किसान सूखे खेतों को देखकर चिंतित हैं और पलायन करने को मजबूर हो रहे हैं।
Nawada News : प्रखंड क्षेत्र में पर्याप्त बारिश नहीं होने से धान की रोपनी का कार्य गंभीर रूप से प्रभावित हो गया है. सरकारी आंकड़ों के अनुसार अब तक केवल 34 प्रतिशत खेतों में धान की रोपनी हो सकी है. हालांकि, किसानों का कहना है कि वास्तविक स्थिति इससे काफी अलग है और धरातल पर महज 10 से 15 प्रतिशत खेतों में ही रोपनी हो पाई है. बारिश के अभाव में खेत सूखे पड़े हैं, जिससे किसानों की चिंता लगातार बढ़ रही है.
कई गांवों में रोपनी लगभग ठप, किसान कर रहे बारिश का इंतजार
प्रखंड के बिन्दीचक, लोहसिंहानी, कोल्हुआर, बरौन, वाजितपुर, चोंगवा, बारा सहित कई गांवों में किसान अच्छी बारिश का इंतजार कर रहे हैं. इन गांवों में धान की रोपनी का प्रतिशत शून्य से दो प्रतिशत के बीच बताया जा रहा है. अधिकांश किसानों ने धान का बिचड़ा तैयार कर लिया है, लेकिन खेतों में पर्याप्त पानी नहीं होने के कारण रोपनी शुरू नहीं हो पा रही है. कई स्थानों पर बिचड़ा सूखने लगा है, जिसे बचाने के लिए किसान लगातार प्रयास कर रहे हैं.
खेती में लगी पूंजी डूबने का सता रहा डर
लोहसिंहानी के किसान मिश्री प्रसाद निराला और इंद्रदेव मांझी, बिन्दीचक के कामेश्वर सिंह, बरौन के नवीन सिंह और अनील सिंह, चितरंजन सिंह, चोंगवा के राजबल्लम पासवान, कोल्हुआर के पिंटू कुमार और हरिद्वार सिंह, बारा के अनिरुद्ध सिंह तथा वाजितपुर के गुप्तेश्वर सिंह और अजय कुमार समेत अन्य किसानों ने बताया कि बारिश नहीं होने से धान का बिचड़ा खराब होने लगा है. उन्होंने कहा कि कर्ज लेकर बिचड़ा तैयार किया और ट्रैक्टर से खेतों की जुताई कराई थी. अच्छी बारिश की उम्मीद में खेती की पूरी तैयारी कर ली गई थी, लेकिन समय पर वर्षा नहीं होने से उनकी उम्मीदों पर पानी फिरता नजर आ रहा है. अब खेती में लगी पूंजी डूबने का डर किसानों को सताने लगा है.
रोजगार की तलाश में शुरू हुआ पलायन
प्राकृतिक परिस्थितियों के प्रतिकूल होने के कारण क्षेत्र के कई लोग अब रोजगार की तलाश में पलायन करने लगे हैं. किसानों का कहना है कि यदि अगले कुछ दिनों में अच्छी बारिश नहीं हुई तो धान की रोपनी और अधिक प्रभावित होगी, जिससे खरीफ फसल के उत्पादन पर भी प्रतिकूल असर पड़ेगा. फिलहाल पूरे प्रखंड के किसानों की निगाहें आसमान पर टिकी हैं और वे अच्छी वर्षा की उम्मीद लगाए बैठे हैं, ताकि समय रहते धान की रोपनी पूरी हो सके और फसल को नुकसान से बचाया जा सके.
Also Read : बेगूसराय में दूध लेकर जा रहे युवक की गोली मारकर हत्या, पुलिस जांच में जुटी
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए










