भरोसा राम से महर्षि राम तक गये जेल

Updated at : 10 Sep 2016 8:12 AM (IST)
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भरोसा राम से महर्षि राम तक गये जेल

एक सप्ताह में तीन चढ़े निगरानी के हत्थे नवादा सदर : बिहार सरकार द्वारा रिश्वतखोरों के खिलाफ चलाये गये अभियान में जिले से अब तक 31 लोग निगरानी के हत्थे चढ़ चुके हैं. आय से अधिक संपत्ति के मामले में जिला सहकारिता पदाधिकारी बिक्रम झा को छोड़ कर सभी जेल की हवा खा चुके हैं. […]

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एक सप्ताह में तीन चढ़े निगरानी के हत्थे
नवादा सदर : बिहार सरकार द्वारा रिश्वतखोरों के खिलाफ चलाये गये अभियान में जिले से अब तक 31 लोग निगरानी के हत्थे चढ़ चुके हैं. आय से अधिक संपत्ति के मामले में जिला सहकारिता पदाधिकारी बिक्रम झा को छोड़ कर सभी जेल की हवा खा चुके हैं. पुलिस विभाग के अधिकारी से लेकर कर्मचारी व अन्य अधिकारी तक शामिल हैं.
नवादा में दिन प्रतिदिन रिश्वतखोरों की संख्या में इजाफा हो रहा है. निगरानी की ओर से एक सप्ताह के दौरान तीन लोगों को अपनी जद में लिए जाने के बाद भी रिश्वतखोरी बंद नहीं हो रही है. बुधवार को आय से अधिक संपत्ति के मामले में जिला सहकारिता पदाधिकारी बिक्रम कुमार झा के आवास पर छापेमारी के बाद गुरुवार को एडीएम महर्षि राम द्वारा चार लाख घूस लिए जाने के बाद निगरानी ने रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया. निगरानी की इस कार्रवाई से रिश्वतखोर अधिकारी व कर्मचारियों में हड़कंप मच गया है. इतना होने के बाद भी रिश्वत लेने का सिलसिला लगातार जारी है. पिछले आठ वर्षों के दौरान निगरानी की टीम ने तीन दर्जन से अधिक अधिकारी व कर्मचारी को गिरफ्तार कर जेल भेजा है. इसके बाद भी बगैर घुस का कोई काम नहीं हो रहा है. कलंक गाथा की शुरुआत सहकारिता पदाधिकारी राम भरोसा राम की गिरफ्तारी से हुई थी.
दर्ज हुई शराब रखने के मामले में एफआइआर : निगरानी की टीम के साथ गिरफ्तारी के बाद पहुंचे नगर थानाध्यक्ष अंजनी कुमार ने एडीएम महर्षि राम के आवास से बरामद तीन बोतल शराब के मामले में एक एफआइआर दर्ज की है. निगरानी की जद में नरहट व अकबरपुर थानाध्यक्ष भी आ चुके हैं. कई कर्मचारी भी रंगे हाथ पकड़े गये हैं. मामला चाहे रजौली डीएसपी के बॉडी गार्ड का हो या फिर नवादा एसडीओ के स्टोनो का. निगरानी की बढ़ती कार्रवाई के बाद घूसखोरी कम नहीं हो रही है.
बदल रहे हैं घूस लेने के तरीके
निगरानी द्वारा लगातार घूसखोरों को गिरफ्तार करने के बाद अधिकारियों व कर्मचारियों द्वारा घूस लेने के तरीके बदल गये हैं. कोई अपने स्टोनो के माध्यम से तो कोई आदेशपाल के माध्यम से घूस ले रहे हैं. जिले के कई थानों में मुंशी व चौकीदारों के माध्यम से घूस ले रहे हैं. कई स्थानों पर दूध के केन में घूस की रकम पहुंचायी जा रही है.
शराब मामले पर सब की नजर
नवादा सदर. निगरानी की कार्रवाई के दौरान एडीएम के आवास से मिली तीन बोतल शराब के मामले में क्या सचमुच कार्रवाई होगी या फाइल बंद हो जायेगी, लोगों के बीच यह चर्चा का विषय बना है.
लोगों का कहना है कि सरकार की नयी नीति के तहत किसी गांव में शराब पकड़े जाने पर मुखिया व सभी ग्रामीणों पर कार्रवाई हो सकती है, तो ऑफिसर्स कॉलोनी में एडीएम आवास से तीन बोतल अंगरेजी शराब बरामद होने के मामले में पूरी कॉलोनी के लोगों पर कार्रवाई होगी क्या? कहा जा रहा है कि निगरानी की गिरफ्त में जाने के बाद स्थानीय स्तर पर शराब के मामले में नरमी बरती जा सकती है. ऐसे तो नगर थाने में एडीएम महर्षि राम के खिलाफ शराब रखे जाने का आरोप संबंधी मामला दर्ज किया गया है. लोगों को शक है कि कहीं इस मामले में कोई चपरासी या आदेशपाल बली का बकरा न बन जाये.
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