ब्रेकर के नाम पर बना दी गयीं बड़ी-बड़ी ठोकरें

Updated at : 17 Jul 2016 8:16 AM (IST)
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ब्रेकर के नाम पर बना दी गयीं बड़ी-बड़ी ठोकरें

बन रहीं दुर्घटना के कारण, लोगों की परेशानी बढ़ी नवादा (सदर): तेज गति से चलने वाले वाहनों के गति पर अवरोध लगाने के लिए बनाये गये स्पीड ब्रेकर दुर्घटना के कारण बन रहे हैं. स्कूल, कॉलेज के साथ ही भीड़ भाड़ वाले इलाकों के नाम पर स्थानीय लोगों द्वारा बनाये गये स्पीड ब्रेकर इन दिनों […]

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बन रहीं दुर्घटना के कारण, लोगों की परेशानी बढ़ी

नवादा (सदर): तेज गति से चलने वाले वाहनों के गति पर अवरोध लगाने के लिए बनाये गये स्पीड ब्रेकर दुर्घटना के कारण बन रहे हैं. स्कूल, कॉलेज के साथ ही भीड़ भाड़ वाले इलाकों के नाम पर स्थानीय लोगों द्वारा बनाये गये स्पीड ब्रेकर इन दिनों दुर्घटना का मुख्य कारण बन गया है. कई स्थानों पर बनाये गये स्पीड ब्रेकर चोर उच्चकों के लिए लाभकारी सिद्ध हो रहा है. वाहन की गति कम होने के साथ ही रात के अंधेरे में लुटेरे अपना काम तमाम कर देते हैं. कहने को तो जिले में छह माह पूर्व तक 185 स्पीड ब्रेकर था, जिसे उच्च न्यायालय के आदेश के बाद 159 ब्रेकर को कम करके 26 ब्रेकर छोड़ दिया गया है.
विभाग के मानक पर खरे नहीं हैं ब्रेकर : वाहनों के गति पर लगाम लगाने के लिए जिले में छोड़े गये शेष 26 ब्रेकर भी दुर्घटना के लिए कम जिम्मेवार नहीं है. कई स्थानों पर बनाये गये ब्रेकर की ऊंचाई मानक क्षमता से अधिक होने के कारण प्रत्येक छोटे वाहनों को पार करने में काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है. कई बार ब्रेकर में फंस कर छोटे वाहन दुर्घटना के शिकार भी होते हैं.
ब्रेकर पर उचक्कों की बल्ले-बल्ले
वाहनों की गति कम करने के लिए बनाये गये ब्रेकर चोर उचक्कों के लिए काफी लाभकारी सिद्ध हो रहा है. रात में ऐसे ब्रेकरों पर लूट की घटनाएं काफी होती है. पिछले पांच साल के आकड़ों पर गौर किया जाये तो लूट व छिनतई की अधिकतर घटनाओं को ब्रेकर के पास ही अंजाम दिया जाता है. रेपुरा, बड़ैल, लाठी मोड़, कादिरगंज डाक स्थान, संतजोसेफ स्कूल जैसे स्थानों पर बने ब्रेकर दुर्घटना के सबब बने हैं.
जहां होना चाहिए ब्रेकर
पटना उच्च न्यायालय के निर्देश के बाद स्कूल, कॉलेज व अस्पताल के पास ही मापदंड के अनुसार ब्रेकर होना चाहिए. ऊंचाई भी ऐसी हो कि छोटे वाहन भी बिना किसी परेशानी के पार हो सके. विद्यालय के पास दोनों छोर पर ब्रेकर की अनुमति है, लेकिन नियमों के तहत ही. मंदिर मसजिद के पास बने ब्रेकर को अवैध माना गया है. पथ निर्माण विभाग का मानना है कि जिले के कई स्थानों पर ब्रेकरों को स्थानीय लोगों के विरोध के कारण नहीं हटाया जा सका है.
जिन स्थानों पर ब्रेकर की जगह बनी हैं ठोकरें
कोनिया पर, डाक स्थान कादिरगंज, कादिरगंज स्कूल के पास, मायाबिगहा, संत जोसेफ स्कूल के पास, गोंदापुर बाइपास व अंसारनगर
जिला प्रशासन के निर्देश के बाद स्कूल कॉलेजों के पास छोड़कर अन्य ब्रेकरों को हटा दिया गया है. पथ निर्माण विभाग के मापदंड के अनुसार ब्रेकर नहीं रहने पर उसे ध्वस्त किया जायेगा.
बलींद्र प्रसाद सिंह, सहायक अभियंता, पथ निर्माण विभाग, नवादा
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