मानव रहित फाटक बन रहे असमय मौत का कारण
Published by :Prabhat Khabar Digital Desk
Published at :14 Apr 2015 6:37 AM (IST)
विज्ञापन

नवादा (सदर) : मानव रहित रेल फाटकों पर दुर्घटनाएं बढ़ती ही जा रही है. कहीं ज्यादा, तो कहीं कम की तर्ज पर फाटक मौत के मंजर की पहचान बना चुके हैं. इस तरह की घटनाओं का एक कारण लोगों की जल्दबाजी भी है. ट्रेनों की कर्कश आवाजें दूर से ही अपने आने की सूचना दे […]
विज्ञापन
नवादा (सदर) : मानव रहित रेल फाटकों पर दुर्घटनाएं बढ़ती ही जा रही है. कहीं ज्यादा, तो कहीं कम की तर्ज पर फाटक मौत के मंजर की पहचान बना चुके हैं. इस तरह की घटनाओं का एक कारण लोगों की जल्दबाजी भी है. ट्रेनों की कर्कश आवाजें दूर से ही अपने आने की सूचना दे देती हैं.
फिर भी जल्दबाजी के साथ लापरवाह हरकत कर जान गंवाना लोगों की आदतों में सुमार हो गया है. यह अलग है कि घटना वाले मानव रहित रेल फाटकों पर विभाग द्वारा कोई निर्णायक कदम नहीं उठाना इनकी लापरवाही की कहानी बयां करती है. जिले के जलालपुर व सफीगंज फाटक पर ट्रेन की टक्कर में कई व्यक्ति जान गवां चुके हैं. बावजूद उस घटना से सीख लेने की जरूरत आमलोग नहीं समझते.
इंटरलॉकिंग सिस्टम लागू
रेलवे फाटक पर दुर्घटनाओं में कभी आये, उसके लिए विभाग दिसंबर, 2012 से पैनल इंटर लॉकिंग सिस्टम लागू किया है. विभागीय जानकारी के मुताबिक जब तक रेलवे फाटक का इंटर लॉकिंग नहीं होगा, सिगनल ही नहीं होगा. इस तरह सिगनल के बगैर ट्रेन नहीं आयेगी.
इस तरह दुर्घटना में कमी आयेगी. समपार फाटक पर कैसे और किस स्थिति में पार करना है. इसके लिए विभाग द्वारा अंतरराष्ट्रीय जागरूकता दिवस मनाया जाता है. आम लोगों को विशेष जानकारी दी जाती है. बावजूद जागरूकता का असर आमलोगों पर कम दिखता है.
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
विज्ञापन
लेखक के बारे में
By Prabhat Khabar Digital Desk
यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए
विज्ञापन




