Navratri 2022: शारदीय नवरात्रि में हाथी पर सवार होकर आएंगी मां दुर्गा ! तबाही आएगी या सुख-समृद्धि जानें ?

Updated at : 11 Sep 2022 3:05 PM (IST)
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Navratri 2022: शारदीय नवरात्रि में हाथी पर सवार होकर आएंगी मां दुर्गा ! तबाही आएगी या सुख-समृद्धि जानें ?

Navratri 2022: इस साल की शारदीय नवरात्रि बेहद खास है. मां दुर्गा का आगमन इस साल हाथी पर हो रहा है. जब नवरात्रि सोमवार से शुरू होती हैं, तो मां दुर्गा का आगमन हाथी पर होता है. मां दुर्गा का हाथी पर सवार होकर आना बहुत शुभ माना जाता है.

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भागलपुर: इस बार शारदीय नवरात्र नौ दिनों का है, जिसे ज्योतिषशास्त्र में शुभ माना गया है. दरअसल, जब भी नवरात्रि की शुरुआत सोमवार से होती है, तब माना जाता है कि मां दुर्गा का आगमन हाथी पर सवार होकर होगा. ऐसे में बेहद खास नवरात्रि के नौ दिनों तक पूजा-अर्चना विशेष फलदायी है.

हर दिन होगी अलग-अलग स्वरूप की पूजा

नौ दिनों तक मां दुर्गा के नौ स्वरूप शैलपुत्री, ब्रह्मचारिणी, चंद्रघंटा, कूष्मांडा, स्कंदमाता, कात्यायनी, कालरात्रि, महागौरी एवं सिद्धिदात्री की पूजा होती है. 26 सितंबर सोमवार को कलश स्थापना होगी और पांच अक्तूबर विजयादशमी होगी. मां के प्रथम स्वरूप शैलपुत्री की पूजा 26 सितंबर सोमवार को होगी. 27 सितंबर मंगलवार को द्वितीया तिथि लग रही है. पंडित सौरभ मिश्रा ने बताया कि आम तौर पर नवरात्र नौ दिन का होता है. इस बार भी नौ दिनों तक है. नवरात्र का बढ़ना व सामान्य होना शुभ माना जाता है, जो समृद्धि का सूचक है. इस बार नवरात्र में कलश स्थापना 26 सितंबर को, चार अक्तूबर को नवमी एवं पांच अक्तूबर को विजयादशमी है.

इस बार का नवरात्रि है खास, देश में आयेगी समृद्धि

इस बार की नवरात्रि को बेहद खास माना जा रहा है, क्योंकि इस बार मां दुर्गा हाथी पर सवार होकर आ रही हैं. हाथी पर सवार होकर आ रही मां दुर्गा को बेहद ही शुभ माना जाता है. देवी पुराण के अनुसार माना जाता है कि नवरात्रि के पहले और आखिरी दिन से मां के आगमन और प्रस्थान वाहन का पता चलता है. अगर मां का आगमन रविवार व सोमवार को हो रहा है तो यह हाथी पर होता है. मंगलवार व शनिवार को अश्व पर. गुरुवार व शुक्रवार को मां का आगमन पालकी पर होता है. बुधवार को मां का आगमन नौका पर होता है. इस साल मां का आगमन हाथी पर हो रहा है. इसलिए यह देश के लिए व देशवासियों के लिए मिलाजुला संदेश है. मां का वाहन हाथी ज्ञान व समृद्धि का प्रतीक है. इससे देश में आर्थिक समृद्धि आयेगी और ज्ञान की वृद्धि होगी.

कलश स्थापना का शुभ मुहूर्त

  • अश्विन शुक्ल पक्ष प्रतिपदा प्रांरभ- 26 सितंबर की तड़के सुबह 03:24 बजे से 27 सितंबर की सुबह 03:08 बजे तक

  • घटस्थापना मुहूर्त – 26 सितंबर 2022, सुबह 6.20 बजे से सुबह 10.19 बजे तक

  • अभिजीत मुहूर्त- 26 सितंबर सुबह 11.54 से दोपहर 12.42 बजे तक

नवरात्र तारीख

  • प्रतिपदा 26 सितंबर- सोमवार

  • द्वितीया 27 सितंबर- मंगलवार

  • तृतीया 28 सितंबर- बुधवार

  • चतुर्थी 29 सितंबर- गुरुवार

  • पंचमी 30 सितंबर – शुक्रवार

  • षष्ठी – 1 अक्तूबर- शनिवार

  • सप्तमी- 2 अक्तूबर- रविवार

  • अष्टमी 3 अक्तूबर – सोमवार

  • नवमी-4 अक्तूबर- मंगलवार

  • दशमी-5 अक्तूबर- बुधवार

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