11 सौ परिवारों को मिलेगी ब्लैक बंगाल बकरी

Updated at : 19 Apr 2017 1:13 AM (IST)
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11 सौ परिवारों को मिलेगी ब्लैक बंगाल बकरी

पहल बकरी पालन कर गरीब एससी परिवार होंगे समृद्ध, उपलब्ध होंगी उन्नत नस्ल की तीन-तीन बकरियां बिहारशरीफ : जिले के गरीब अनुसूचित जाति के परिवारों का जीवनस्तर ऊपर उठाने के लिए जीविका के माध्यम से उन्नत नस्ल की तीन-तीन बकरियां उपलब्ध करायी जायेगी. जिले में 1100 ऐसे परिवारों का चयन किया गया. पहाड़ी क्षेत्र वाले […]

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पहल बकरी पालन कर गरीब एससी परिवार होंगे समृद्ध, उपलब्ध होंगी उन्नत नस्ल की तीन-तीन बकरियां

बिहारशरीफ : जिले के गरीब अनुसूचित जाति के परिवारों का जीवनस्तर ऊपर उठाने के लिए जीविका के माध्यम से उन्नत नस्ल की तीन-तीन बकरियां उपलब्ध करायी जायेगी. जिले में 1100 ऐसे परिवारों का चयन किया गया. पहाड़ी क्षेत्र वाले तीन प्रखंडों गिरियक, राजगीर व इस्लामपुर में इस योजना को लागू किया जा रहा है. इसके लिए तीन प्रखंडों का सर्वे कर गरीब अनुसूचित जाति के ऐसे संसाधन एवं बकरी पालन करने का अनुभव है. इन परिवारों का प्रोड्यूसर ग्रुप बनाया जा रहा है.
एक प्रोड्यूसर ग्रुप में चालीस सदस्य होंगे. जिले में इस तरह के 28 प्रोड्यूसर ग्रुप बनाये जायेंगे. गिरियक में नौ, राजगीर में दस एवं इस्लामपुर में नौ प्रोड्यूसर ग्रुप बनाने का लक्ष्य है. गिरियक प्रखंड में अबतक प्रोड्यूसर ग्रुप का निर्माण किया जा चुका है. इन में घोड़ा कटोरा, आदमपुर व दुर्गापुर प्रोड्यूसर ग्रुप शामिल हैं. इसके अलावा घोसरावां, प्यारेपुर, पुरैनी, रैतर, चोरसुआ व पोखरपुर में अभी प्रोड्यूसर ग्रुप का निर्माण किया जाना बाकी है. इसी तरह राजगीर व इस्लामपुर प्रखंडों में भी प्रोड्यूसर ग्रुप का गठन किया जा रहा है.
वेंडर का सेलेक्शन अभी बाकी : उन्नत नस्ल की ब्लैक बंगाल बकरियां स्थानीय स्तर पर हॉल लगाकर खरीदी जायेगी. इस हाट में पशु चिकित्सक मौजूद रहेंगे, लाभुक द्वारा पसंद की गयी बकरियों के स्वास्थ्य जांच के बाद ही उन्हें सुपुर्द किया जायेगा. स्थानीय स्तर पर हाट लगने के लिए वेंडर के चयन के लिए राज्यस्तर बात चल रही है. हाट से बकरी की खरीद होने के बाद बकरियों को टीके लगाकर एवं इंश्योरेंस करवा कर लाभुक को दिया जायेगा. ग्रुप को चार बकरे भी दिये जायेंगे.
टीकाकरण व इंश्योरेंस के साथ उपलब्ध होंगी बकरियां
तीन प्रखंडों में लागू की जा रही है योजना
मनरेगा के तहत शेड बनाने का प्रस्ताव
बकरीपालन की रुचि रखने वाले अनुसूचित जाति के गरीब परिवारों को प्रोत्साहित करने की योजना है. जिनके पास बकरियों को रखने के लिए जगह की कमी है, उन्हें ध्यान में रखते हुए मनरेगा के तहत बकरी शेड बनाने का भी प्रस्ताव है. मगर इस संबंध में फाइनल निर्णय अभी लिया जाना है.
बकरी को तीन साल तक रखना अनिवार्य
योजना के तहत जिन परिवारों को बकरियां उपलब्ध करायी जायेंगी, उन्हें तीन साल तक पालन करना अनिवार्य होगा. इसके लिए लाभुक से शपथ पत्र लिया जायेगा. एक बकरी एक बार में दो से तीन बच्चे देंगी. बकरी के इन बच्चों को बेचने पर मनाही रहेगी. बड़ा होने पर ही लाभुक इन्हें बेच सकते हैं.
क्या कहते हैं अधिकारी
जिले के गरीब अनुसूचित जाति के परिवारों के जीवन स्तर को ऊपर उठाने के लिए जीविका द्वारा वैसे परिवारों को तीन-तीन उन्नत नस्ल की बकरियां उपलब्ध करायी जायेगी. गिरियक, राजगीर व इस्लामपुर प्रखंड के 1100 परिवारों को बकरी उपलब्ध कराने का लक्ष्य है.
डॉ संतोष कुमार, डीपीएम, जीविका, नालंदा
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