प्यास बुझाने के लिए लोग बहा रहे पसीना
Updated at : 17 Apr 2017 7:23 AM (IST)
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परेशानी. गरमी की मार और छह हजार चापाकल बेकार बिहारशरीफ डिवीजन में 20704 व हिलसा डिवीजन में 12500 चापाकल खराब बिहारशरीफ : गरमी की तपिश बढ़ने के साथ पेयजल की जिले में किल्लत शुरू हो गयी है. लगातार सूखते जा रहे जलश्रोत व गिरते भू-गर्भीय जल स्तर के कारण चापाकलों के खराब होने का सिलसिला […]
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परेशानी. गरमी की मार और छह हजार चापाकल बेकार
बिहारशरीफ डिवीजन में 20704 व हिलसा डिवीजन में 12500 चापाकल खराब
बिहारशरीफ : गरमी की तपिश बढ़ने के साथ पेयजल की जिले में किल्लत शुरू हो गयी है. लगातार सूखते जा रहे जलश्रोत व गिरते भू-गर्भीय जल स्तर के कारण चापाकलों के खराब होने का सिलसिला शुरू हो गया है. खासकर ग्रामीण क्षेत्रों में जहां लोग पूरी तरह से पेयजल के लिए चापाकलों पर निर्भर हैं. शहरी क्षेत्र में पेयजल की आपूर्ति केंद्र होने की वजह से पेयजल की समस्या गंभीर नहीं है.
ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजलापूर्ति केंद्र की व्यवस्था नहीं होने की वजह से गरमी बढ़ने के साथ पेयजल की समस्या गंभीर होती जा रही है. लोगों को प्यास बुझाने के लिए अभी से पसीना बहाना पड़ रहा है. कड़ी धूप में दूर के चापाकल से लोगों को पानी लाना पड़ रहा है. जिले में पीएचइडी में विभिन्न योजनाओं के तहत कुल 33 हजार 115 सरकारी चापाकल हैं. इनमें से 27 हजार 160 चापाकल ही चालू हालत में हैं. पीएचइडी से मिली जानकारी के अनुसार, जिले में छह हजार चापाकल स्थायी रूप से बेकार हो गये हैं.
इसके अलावा करीब दो हजार चापाकल मामूली रूप से खराब पड़े हैं. इन चापाकलों को ठीक करने के लिए विभाग ने मुहिम शुरू की है. इसके लिए सभी प्रखंडों टीमें गठित कर दी गयी हैं.
कई स्कूलों के भी चापाकल हैं खराब : स्कूली बच्चों को पेयजल की सुविधा उपलब्ध कराने के लिए स्कूलों में चापाकल तो गाड़े गये हैं, मगर कई स्कूलों के चापाकल खराब पड़े हैं. इस कारण स्कूली बच्चों को अन्यत्र प्यास बुझाने के
लिए जाना पड़ता है. प्रारंभिक विद्यालयों में मध्याह्न भोजन बनाने के लिए भी रसोइयों को दूर से पानी लाना पड़ रहा है.
33 हजार 115 में 27 हजार 160 चापाकल चालू
जिले में सरकारी चापाकलों की सूची तैयार की गयी है. बिहारशरीफ डिवीजन में 12 प्रखंड आते हैं. इन प्रखंडों में 20704 सरकारी चापाकल हैं. इनमें से 16314 चापाकल चालू हालत में हैं, जबकि 4363 चापाकल मामूली रूप से खराब हैं. कुछ चापाकल गरमी के कारण खराब हो रहे हैं. मामूली रूप से खराब चापाकलों की सूचना पर विभाग द्वारा ठीक कराया जा रहा है.
मनोज कुमार, कार्यपालक अभियंता, बिहारशरीफ
जिले में चापाकलों की स्थिति पर एक नजर
बिहारशरीफ डिवीजन
कुल चापाकलों की संख्या : 20704
चालू हालत में चापाकल : 16314
स्थायी रूप से खराब : 4363
हिलसा डिवीजन
कुल चापाकलों की संख्या : 12411
चालू हालत में चापाकल : 10819
स्थायी रूप से खराब : 159
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