रेल हादसे ने उजाड़ दी गृहस्थी

Updated at : 08 Dec 2016 5:26 AM (IST)
विज्ञापन
रेल हादसे ने उजाड़ दी गृहस्थी

अनहोनी. ट्रेन व मैजिक की टक्कर ने ली थी बाप व दो बेटों की जान एक साथ उठी तीन अरथियां, शोक बैलगाड़ी बेच खरीदी थी मैजिक गाड़ी बिहारशरीफ/ राजगीर : बख्तियारपुर-रेलखंड पर रहुई के धमौली व सुपासंग के बीच स्थित मानवरहित रेल फाटक के पास मंगलवार की संध्या में ट्रेन व मैजिक गाड़ी (पिक आप […]

विज्ञापन

अनहोनी. ट्रेन व मैजिक की टक्कर ने ली थी बाप व दो बेटों की जान

एक साथ उठी तीन अरथियां, शोक
बैलगाड़ी बेच खरीदी थी मैजिक गाड़ी
बिहारशरीफ/ राजगीर : बख्तियारपुर-रेलखंड पर रहुई के धमौली व सुपासंग के बीच स्थित मानवरहित रेल फाटक के पास मंगलवार की संध्या में ट्रेन व मैजिक गाड़ी (पिक आप वैन) की टक्कर ने एक ही परिवार के तीन लोगों की जान ले ली. इस हादसे में मैजिक गाड़ी से पुआल ले जा रहे. रहुई के भंडारी गांव के निवासी विजय यादव व उनके दो पुत्रों धनंजय यादव व संजय यादव की घटनास्थल पर ही मौत हो गयी. भंडारी गांव निवासी विजय यादव का नेबारी(पुआल) बेचने का धंधा करते थे. भंडारी गांव के अलावा आसपास के गांवों से नेबारी खरीद कर विजय यादव एनएस 31 पर स्थित कट्टू मीलों में ले जाकर बेचते थे. इसी धंधे से विजय यादव के परिवार का भरण-पोषण होता था. इस धंधे में विजय यादव के तीन पुत्रों में से दो पुत्र हाथ बंटाते थे.
दो बेटों के इस धंधे में शामिल हो जाने के बाद विजय यादव ने बैलगाड़ी बेचकर मैजिक गाड़ी खरीदी और इसी मौजिक गाड़ी से नेवारी बेचने का धंधा जारी रखा. मंगलवार की संध्या मैजिक गाड़ी पर नेवारी लादकर विजय यादव व उनके पुत्र घर से निकले थे. बताया जाता है कि विजय यादव को नेवारी बेचने के लिए एनएच-31 पर हरनौत जाना था.
गांव से निकलने के बाद मौजिक गाड़ी, सुपासंग रेलवे क्रॉसिंग को पार करने के दौरान ही राजगीर की ओर से दानापुर जा रही इंटरसीटी एक्सप्रेस ने मैजिक गाड़ी में टक्कर मार दी. इस हादसे में विजय यादव व उनके दो पुत्रों धंनजय यादव व संजय यादव की घटनास्थल पर ही मौत हो गयी.
घर की तीन महिलाएं हो गयी विधवा : इस हादसे में विजय यादव के परिवार की तीन महिलाएं एक साथ विधवा हो गयी . जबकि विजय यादव का छोटा बेटा अजय यादव 14 वर्ष का है अन्नाथ हो गया. हादसे के बाद विजय यादव की पत्नी धनकुरी देवी का रो-रोकर बुरा हाल है. धनकुरी देवी के आंखों के आगे से एक साथ पति विजय यादव, बेटों धंनजय यादव व संजय यादव की अरथी उठी. गम व दुखो के सागर में डूबी धनकुरी देवी को अपने खुशहाल परिवार को एक बार में ही उजर जाने का गम सता रहा था.
धनकुरी देवी रो-रोकर कह रही थी ‘बैलगाडि़या बेच के काहेला मैजिक गडि़या खरीदना हो रजव’. हम न जनलियो कि एक दिन ई-दिनमा देखे पड़तो हो रजवा. मृतक धनंजय यादव की पत्नी बेबी देवी इस हादसे के बाद से गहरे सदमे में है. वहीं मृतक संजय यादव की पत्नी लक्ष्मीनिया देवी रोते-रोते बार-बार बेसुध हो रही थी. लक्ष्मीनिया देवी के दो बच्चे मां व दादी व चाची को रोते देख परेशान थे.
विजय के लिए मैजिक की सवारी अंतिम यात्रा: भंडारी गांव से मैजिक गाड़ी पर नेवारी लादकर उसे बेचने के लिए हरनौत ले जाने का विजय का प्लान उनकी अंतिम यात्रा साबित हुई.
मैजिक गाड़ी के विजय यादव का बड़ा बेटा धंनजय यादव चला रहा था. जबकि विजय यादव का मंझला बेटा संजय यादव मैजिक पर सवार थे. नेवारी ढ़ोनेवाली गाड़ियां अधिकांशत: रात्रि में ही सड़क पर निकलती है. इसी बात को ध्यान में रखकर विजय यादव की मैजिक गाड़ी भी मंगलवार की संध्या में ही भंडारी गांव एनएच 31 पकड़ने के लिए निकली थी. विजय यादव व उनके दोनों पुत्रों को क्या पता था कि यह यात्रा उनकी अंतिम यात्रा साबित होगी.
भंडारी गांव के ग्रामीण भी इस घटना से सदमें में है. कल तक चहल-पहल दिखने वाले भंडारी गांव में बुधवार को चारो ओर सन्नाटा पसरा हुआ था.
तीन भाइयों में सबसे बड़े थे विजय यादव : विजय यादव के दो अन्य भाई कृष्णा यादव व अजय यादव है जिसमें कृष्णा यादव भंडारी में अलग रहते हैं जबकि अजय यादव अपने बहन के यहां मंदिरपुर में रहते हैं भाइयों में बंटवारा बहुत पहले ही हो गया था. विजय यादव की भी तीन पुत्र जिसमें दो पुत्रों की बीती रात दुर्घटना में मौत हो गई.
हादसे के बाद विलाप करते परिजन.
ग्रामीणों ने की फाटक लगाने की मांग
सुपासंग रेलवे क्रॉसिंग पर फाटक लगाने वाले पटरी पर छाई गिराने के लिए ग्रामीणों ने मांग करते हुए कहा कि यदि फाटक होता तो जान नहीं जाता. ग्रामीण गिरजा देवी, राधे देवी, धीरेंद्र यादव, मंजू यादव, चमेली देवी ने बताया कि इस ट्रेन हादसे में हंसता-खेलता परिवार को उजाड़ दिया मानवरहित फाटक रहने से और भी कई घटना हो सकती है.
रात में ही पहुंचे नेता व अधिकारी
घटना के तुरंत बाद परिजनों से मिलने अफजल हुसैन के साथ ही अजय यादव विपिन यादव वीडियो सुमित कुमार सहित अन्य नेतागण पीड़ित परिवार को जाकर सांत्वना दी वही सीओ अफजल हुसैन ने पीड़ित परिवार को कुल 12 लाख रुपए का चेक प्रदान किया.
धनंजय की बेवा है विकलांग, कैसे पालेगी बच्चे को
भंडारी गांव में एक तो सन्नाटा छाया हुआ है दूसरे धनंजय की पत्नी लक्ष्मीनिया देवी का एक पुत्र जितेंद्र मात्र 3 वर्ष का है दूसरी 21 दिन की मुस्कान कुमारी पुत्री है जिसने अपने पिता की शक्ल तक नहीं देखा ऊपर से लक्ष्मीनिया देवी एक पैर से अपाहिज रहने के कारण और घर में कोई मर्द जीवित नही रहने से बच्चों को कैसे पालेगी इसी बात को लेकर रोते-रोते बार-बार बेहोश हो रही है
जीविका की रिपोर्ट पर 891 शिक्षकों पर हुई कार्रवाई
विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन