शहर में बिना ईंट बालू के बनाये जायेंगे मकान

Updated at : 09 Nov 2016 8:00 AM (IST)
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शहर में बिना ईंट बालू के बनाये जायेंगे मकान

रमेश कुमार बिहारशरीफ : अब बिना ईंट मिट्टी बालू के भी मकान बन सकेंगे. डेमोट्रेशन के तौर पर नगर निगम द्वारा शहर के मंगला स्थान के पास मकान बनाये जायेंगे. यह सुनकर चकित होने की जरूरत नहीं है. यह सच है. संवेदक द्वारा मकान बनाने के लिए मिट्टी भराई का काम भी शुरू कर दिया […]

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रमेश कुमार
बिहारशरीफ : अब बिना ईंट मिट्टी बालू के भी मकान बन सकेंगे. डेमोट्रेशन के तौर पर नगर निगम द्वारा शहर के मंगला स्थान के पास मकान बनाये जायेंगे. यह सुनकर चकित होने की जरूरत नहीं है. यह सच है. संवेदक द्वारा मकान बनाने के लिए मिट्टी भराई का काम भी शुरू कर दिया गया है.
छह माह में मकान बनाने का लक्ष्य रखा गया है. मकान बनने के बाद दो साल तक मकान की गुणवत्ता व टिकाऊपन की मॉनीटरिंग की जायेगी. सीमेंट छड़ द्वारा बनने वाले के बराबर टिकाऊ होने पर देश भर में इसी तरह के मकान बनाने की सरकार द्वारा अनुमति दी जायेगी. प्रयोग के तौर पर देश के 26 स्थानों पर मकान बनाये जा रहे हैं. जिसमें सूबे में मकान बनाने वाला बिहारशरीफ एकलौता नगर निगम है. मकान बनाने पर भारत सरकार के द्वारा तीन करोड़ रुपये खर्च किये जायेंगे.
मटेरियल की कमी के कारण तैयार किया जा रहा विकल्प : मकान बनाने में अभी तक परंपरागत सामान ईंट सीमेंट व छड़ का इस्तेमाल किया जा रहा है. मकान बनाने के मटेरियल की कमी होना चिंता की बात है. मटेरियल आधारित निर्भरता को दूर करने के लिए सरकार के द्वारा प्रयोग के तौर फाइबर आधारित मकान बनाने की सोच विकसित की गयी है.
छड़ के स्थान फाइबर, ईंट के स्थान पर कंक्रीट का इस्तेमाल किया जायेगा. इसके अलावा अन्य कई ऐसे सामान का प्रयोग किया जायेगा, जिसमें पारंपगत तरीके मकान बनाने में इस्तेमाल नहीं किये जाते हैं. सरकार की सोच यह भी है मटेरियल की कमी के साथ ईंट वाले मकान बनाने वाले सामान छड़ वगैरह की कीमत भी आसमान छू रही है. इसके कारण मकान बनाना बेहद महंगा होता जा रहा है. फाइबर आधारित मकान बनाने से लागत तो कम होगी ही साथ कम समय में मकान बन जायेंगे.
दो साल तक मकान की टिकाऊपन की होगी मॉनीटरिंग
तीन मंजिला होगा मकान : नगर निगम द्वारा बनने वाला मकान तीन मंजिला होगा. उक्त मकान में 36 कमरे होंगे. मकान में शौचालय, पानी से लेकर सभी तरह की बुनियादी सुविधाओं की व्यवस्था होगी. मकान में नगर निगम के कर्मी को बसाया जायेगा. मकान के टिकाऊपन की दो साल तक मॉनीटरिंग की जायेगी.
क्या कहते हैं अधिकारी
मकान में 36 कमरे होंगे. भारत सरकार के द्वारा डेमाट्रेशन के तौर पर मकान बनाये जा रहे है. मकान की गुणवता आम मकान जैसी हो इसकी मॉनिटरिंग की जायेगी. इसके लिए नगर निगम द्वारा 34 हजार गुने 54 हजार स्कायर वर्ग फीट जमीन को एक्वायर की गयी है.
कौशल कुमार, नगर आयुक्त, नगर निगम, बिहारशरीफ
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