सरकार की ओर से योजनाओं पर मिलेगा अनुदान

Updated at : 19 May 2016 12:07 AM (IST)
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सरकार की ओर से योजनाओं पर मिलेगा अनुदान

बिहारशरीफ : जिले के मत्स्य पालकों के लिए अच्छी खबर है. जो लोग इस व्यवसाय से जुड़े हैं उनके लिए एक सुनहरा मौका है. अब मछलियों को तालाब के बीचोंबीच जाकर आसानी से चारा (खाना) डाल सकते हैं. चारा डालने में अब किसी तरह की परेशानी नहीं होगी. यानी की मछली पालकों के दिन बहुरने […]

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बिहारशरीफ : जिले के मत्स्य पालकों के लिए अच्छी खबर है. जो लोग इस व्यवसाय से जुड़े हैं उनके लिए एक सुनहरा मौका है. अब मछलियों को तालाब के बीचोंबीच जाकर आसानी से चारा (खाना) डाल सकते हैं. चारा डालने में अब किसी तरह की परेशानी नहीं होगी. यानी की मछली पालकों के दिन बहुरने वाले हैं.

कम लागत में अधिक कमाई कर अपनी आर्थिक स्थिति मजबूत बना सकेंगे. इसकी मुकम्मल तौर पर व्यवस्था सरकार व जिला मत्स्य विभाग ने कर दी है. इसके लिए सिर्फ मत्स्यपालकों को जागरूक होकर योजना का लाभ उठाना होगा. अगर आप मछली पालक हैं तो सीधे मत्स्य विभाग के जिला कार्यालय में पहुंचें और योजनाओं की जानकारी लेकर लाभांवित हों.

42 लाभुकों को मिलेंगी नावें
मछली पालकों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से सरकारी जलकरों के पट्टेदारों को प्रोत्साहित करने के लिए विभाग की ओर से अनुदान पर नाव उपलब्ध करायी जायेगी. प्रति नाव पर 40 हजार रुपये की लागत आती है. लेकिन आपको सिर्फ बीस हजार रुपये खर्च करने पड़ेंगे. आधी राशि सरकार की ओर से अनुदान दी जायेगी. इस तरह जलकरों को ज्यादा राशि की जुगाड़ करने की भी जरूरत नहीं है. नाव की लागत मूल्य की आधी राशि व्यवस्था करें और नाव लेकर तालाब में जाकर निर्भीक होकर मछलियों को चारा डालें. इस योजना का लाभ जिले के 42 जलकरों को मिलेंगे.
मछलियों को फंसाने के लिए जाल की भी व्यवस्था
तालाब में डाली गयी मछलियों के जीरा मछली के रूप में तैयार हो जाने के बाद उसे तालाब से निकालने के लिए भी चिंता करने की जरूरत नहीं है. इसकी भी व्यवस्था सरकार की ओर से की गयी है. इसके लिए जलकरों को जाल उपलब्ध करायी जाएगी . वह भी आधी कीमत पर. एक जाल की लागत मूल्य 1800 से होती है लेकिन आपको विभाग की ओर से 50 फीसदी का अनुदान उपलब्ध कराते हुए मात्र नौ सौ रुपये में जाल दी जाएगी. इस तरह जाल की भी उत्तम व्यवस्था की गयी है. यानी की मछली पालकों को हर ओर से लाभ ही लाभ मिलने वाला है.
पुराने तालाबों का होगा जीर्णोद्धार
तालाब के जीर्णोद्वार की भी व्यवस्था की गयी है. इसके लिए मुकम्मल व्यवस्था विभाग ने कर रखी है. इसके लिए चौकीदार शेड का निर्माण होना है. कुल पांच शेड का निर्माण होगा. प्रति शेड पर एक लाख रुपये खर्च किये जाने का प्रावधान है. प्रति शेड पर 50 लाख रुपये अनुदान उपलब्ध कराये जाएंगे.
निजी क्षेत्र में चार हेक्टेयर में तालाब का निर्माण किया जाना है. इच्छुक लोग विभाग से संपर्क कर सरकार की योजना का लाभ उठा सकते हैं. विभाग ने इसके लिए अनुदान की व्यवस्था कर रखी है. तालाब निर्माण पर भी पचास फीसदी अनुदान दिये जाएंगे.
लाभुक लोग विभाग से संपर्क अनुदान का लाभ उठाएं. विभागीय अधिकारी का कहना है कि योजना का लाभ लेकर कम लागत पर अधिक मुनाफा कमाएं और अपनी आर्थिक स्थिति मजबूत बनाएं.
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