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बंद के दौरान नर्सिंग होम के अंदर की दुकानों से खरीदें दवा

Updated at : 22 Jan 2020 7:05 AM (IST)
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बंद के दौरान नर्सिंग होम के अंदर की दुकानों से खरीदें दवा

बिहारशरीफ : बुधवार से तीन दिनों तक दवा दुकानें बंद रहेंगी. दवा दुकानदारों की हड़ताल से लोगों की परेशानी बढ़ सकती है. सात सूत्री मांगों को लेकर दवा व्यवसायी संघ 22 से लेकर 24 जनवरी तक हड़ताल पर रहते हुए दवा की दुकानें बंद रखने का एलान किया है. इस बंदी में जिले की थोक […]

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बिहारशरीफ : बुधवार से तीन दिनों तक दवा दुकानें बंद रहेंगी. दवा दुकानदारों की हड़ताल से लोगों की परेशानी बढ़ सकती है. सात सूत्री मांगों को लेकर दवा व्यवसायी संघ 22 से लेकर 24 जनवरी तक हड़ताल पर रहते हुए दवा की दुकानें बंद रखने का एलान किया है. इस बंदी में जिले की थोक विक्रेताओं से लेकर खुदरा दवा दुकानें बंद रखने की घोषणा की है.

हालांकि रोगियों को दवा खरीदने में कोई परेशानी नहीं हो इसके लिए भी नालंदा जिला औषधि संघ की ओर से ठोस कदम उठाया गया है. संघ ने इसकी वैकल्पिक व्यवस्था की है, ताकि मरीजों को सुलभ तौर पर दवा उपलब्ध हो सके.
जिले में करीब 1200 हैं दवा दुकानें : नालंदा जिला औषधि संघ के अध्यक्ष अमरेंद्र कुमार ने बताया कि जिले में थोक एवं खुदरा की करीब 1200 दवा दुकानें हैं. संघ अपनी सात सूत्री मांगों को लेकर तीन दिवसीय हड़ताल रहेगी.
संघ की मांगों में फार्मासिस्ट समस्या का जब तक सरकार की ओर से समाधान नहीं हो जाता है, तब तक पूर्व की स्थिति को बहाल रखा जाये, दवा दुकानों में निरीक्षण ड्रग एक्ट में परिभाषित फॉर्मेट फार्म-35 के अनुसार ही होना चाहिए, निरीक्षण के क्रम पायी गयी तकनीकी गलतियों के ऊपर कार्रवाई करने के पहले सुधार के लिए मौका दिया जाना चाहिए, लाइसेंस के नवीनीकरण में केंद्र सरकार द्वारा जारी अधिसूचना के आलोक में राज्य औषधि नियंत्रक द्वारा चालान जमा करने में एक स्पष्ट निर्देश जारी किये जाये समेत सात सूत्री मांगें शामिल हैं.
उन्होंने कहा कि यदि आकस्मिकता में और भी जरूरत पड़ी, तो संगठन के द्वारा उपलब्ध कराया जा सकेगा. उन्होंने कहा कि दवा दुकानदार पुलपर बुधवार को एकत्रित होकर एकजुटता का प्रदर्शन करेंगे.
सहायक औषधि नियंत्रक के आग्रह पर की गयी वैकल्पिक व्यवस्था
दवा दुकानदारों की प्रस्तावित हड़ताल को देखते हुए सहायक औषधि नियंत्रक, नालंदा ने मरीजों को हड़ताल अवधि के दौरान दवा का क्रय करने में कोई परेशानी न हो, इसके लिए नालंदा जिला औषधि संघ को पत्र लिखकर इसकी वैकल्पिक व्यवस्था करने का अनुरोध किया था.
सहायक औषधि नियंत्रक पत्र के आलोक में नालंदा जिला औषधि संघ ने वैकल्पिक व्यवस्था की. संघ ने वैकल्पिक व्यवस्था के तहत जिले के सभी सरकारी अस्पतालों एवं नर्सिंग होम के अंदर संचालित दवा दुकानें तथा प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्र को इस बंदी से मुक्त रखा है. संघ की इस व्यवस्था से मरीजों व उनके परिजनों को काफी राहत मिलेगी. संघ ने इस वैकल्पिक व्यवस्था की सूचना सिविल सर्जन डॉ राम सिंह को भी दी है.
कहते हैं अधिकारी
बंदी के दौरान दवा की कोई किल्लत नहीं होगी. जिला औषधि विक्रेता संघ की ओर से इसकी वैकल्पिक व्यवस्था की गयी है, ताकि रोगी व उनके परिजन दवा का क्रय आसानी से कर सकेंगे. यदि दवा की और भी आवश्यकता होगी तो इसकी मुकम्मल तौर पर व्यवस्था की जायेगी.
अजय कुमार सिंह, औषधि निरीक्षक
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