चेम्हेड़ा में शहर जैसी सफाई व्यवस्था
Updated at : 24 Apr 2018 4:17 AM (IST)
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बिहारशरीफ : एकंगरसराय प्रखंड की कोशियावां पंचायत की गिनती जिले के चुनिंदा पंचायतों में होती है, जहां बुनियादी सुविधाएं बेहतर हुई हैं. कोशियावां पंचायत अंतर्गत चम्हेड़ा गांव दूसरे गांवों के लिए प्रेरणास्रोत बन गया है. गांव में कचरा प्रबंधन केंद्र का निर्माण किया गया है. गांव की दीदियों ने मिल कर गांव की सफाई का […]
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बिहारशरीफ : एकंगरसराय प्रखंड की कोशियावां पंचायत की गिनती जिले के चुनिंदा पंचायतों में होती है, जहां बुनियादी सुविधाएं बेहतर हुई हैं. कोशियावां पंचायत अंतर्गत चम्हेड़ा गांव दूसरे गांवों के लिए प्रेरणास्रोत बन गया है. गांव में कचरा प्रबंधन केंद्र का निर्माण किया गया है. गांव की दीदियों ने मिल कर गांव की सफाई का बीड़ा उठाया है. सुबह में दीदियां
चेम्हेड़ा में शहर…
ट्राइसाइकिल लेकर घर-घर से कचरा उठाने के लिए निकल पड़ती हैं. घरों में कचरा इकट्ठा करने के लिए दो-दो डस्टबीन दिये गये हैं. लाल रंग के डस्टबीन में अजैविक कचरा और हरा रंग के डस्टबिन में जैविक कचरा जमा किया जाता है. कचरा प्रबंधन केंद्र की इंचार्ज संजू कुमारी ने बताया कि केंद्र में लाकर कचरों की छंटाई की जाती है. इन कचरों से जैविक खाद, पर्स, पावदान, बट्टा, पेन स्टैंड, गुलदस्ता, पंखे का निर्माण दीदियां करती हैं. केंद्र में 12 दीदियां कार्यरत हैं. तीन हजार आबादी वाले चम्हेड़ा गांव में दो वार्ड हैं. दोनों वार्डों में जलापूर्ति केंद्र हैं. एक केंद्र में एक हजार लीटर की टंकी लगायी गयी है. इससे पूरे गांव में सुबह, दोपहर और शाम में सप्लाई की जाती है.
कैशलेस मुहिम से भी जुड़ा है चम्हेड़ा
चम्हेड़ा कैशलेस मुहिम से जुड़ा है. गांव के दुकानदारों व विक्रेताओं को पॉस मशीन उपलब्ध करायी गयी है. मध्य बिहार ग्रामीण बैंक इसमें ग्रामीणों को सहयोग कर रहा है. गांव में अंडा बेचनेवाले मनोज कुमार, जेनरल स्टोर संचालक सत्येंद्र कुमार, ग्रिल गेट बनाने वाले सुजीत कुमार, जलेबी-सिंघाड़ा के विक्रेता वृजनंदन कुमार, मुर्गी फार्म संचालक विपिन कुमार को पॉस मशीन दी गयी है. कमजोर नेटवर्क को देखते गांव में एयरटेल का टावर भी लगाया गया है.
24 में 22 घंटे मिल रही बिजली
गांव में 24 में 22 घंटे बिजली मिल रही है. चम्हेड़ा को जिला प्रशासन ने एनर्जी एफिशिएंट गांव घोषित किया है. गांव में जगह-जगह एलईडी बल्ब लगे हैं. इससे ग्रामीणों की कम बिजली बिल आता है. लालजी चौधरी ने बताया कि हर घर में प्री-पेड मीटर लगाये गये हैं.
क्या कहते हैं मुखिया
सात निश्चय योजना लागू होने से पंचायतों की तस्वीर बदल रही है. गली, नाली, शौचालय, बिजली, पानी, सफाई आदि पर बेहतर कार्य होने से बदलाव साफ दिखता है. लोगों की सोच भी बदल रही है.स्थिति बदलने से नौकरी से रिटायर्ड होने के बाद रहने के लिए गांव आने लगे हैं.
अमरीश कुमार गौतम, मुखिया, कोशियावां पंचायत, नालंदा
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