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Updated at : 10 Apr 2018 5:23 AM (IST)
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पुलिस के रवैये के खिलाफ बंद रहा राजगीर बाजार राजगीर (नालंदा) : स्थानीय बाजार के व्यवसायियों ने सोमवार को अपनी-अपनी दुकानें बंद रखीं. फुटपाथी से लेकर छोटी व बड़ी दुकानें बंद रहीं. दोपहर बाद कुछ सब्जी की तो कुछ अन्य दुकानें खुलीं. कुछ लोगों को कहना था कि यह बंदी पुलिस के द्वारा हो रहे […]
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पुलिस के रवैये के खिलाफ बंद रहा राजगीर बाजार
राजगीर (नालंदा) : स्थानीय बाजार के व्यवसायियों ने सोमवार को अपनी-अपनी दुकानें बंद रखीं. फुटपाथी से लेकर छोटी व बड़ी दुकानें बंद रहीं. दोपहर बाद कुछ सब्जी की तो कुछ अन्य दुकानें खुलीं. कुछ लोगों को कहना था कि यह बंदी पुलिस के द्वारा हो रहे भ्रष्टाचार और बिना कारण किसी को तंग फजीहत करने के विरोध में सांकेतिक बंदी है. सभी दुकानदारों ने स्वेच्छा से अपनी दुकानें बंद रखीं. हालांकि दुकानदार खुलकर यह बोलने से कतराते रहे कि वे अपनी दुकानें किस कारण बंद किये हुए हैं. राजगीर शहर में बस स्टैंड, बाजार, कुंड, छबिलापुर रोड, स्टेशन रोड, धर्मशाला रोड, गिरियक रोड सहित अन्य जगहों की 600 दुकानों में से अधिकांश बंद रहीं.
लोगों का कहना है कि इस बंदी के कारण 50 लाख से अधिक की राजस्व का घाटा हुआ. बंदी के कारणों के बारे में व्यावसायिक संघ के लोग और न फुटपाथी संघ के पदाधिकारी लोग कुछ बताने से बचते रहे. हालांकि बंदी का असर मोटर वाहनों पर नहीं दिखा. पहले की तरह ही सड़क पर बड़ी व छोटी वाहनों की आवाजाही होती रही. दुकानों के बंद रहने से ग्रामीण इलाके से सामान खरीद के लिए आने वाले लोगों को खाली हाथ लौटना पड़ा. बाजार बंदी के बारे में नगर पंचायत की उप मुख्य पार्षद पिंकी देवी, वार्ड पार्षद पंकज यादव, वार्ड पार्षद मीना देवी,
वार्ड पार्षद उमेश रजक, वार्ड पार्षद रुक्मिणी देवी सहित अन्य लोगों के प्रतिनिधिमंडल ने बताया कि नगर पंचायत राजगीर ने जिस भूमि पर नगर पंचायत बिहार नगरपालिका अधिनियम 2007 के तहत निर्माण कार्य पर रोक लगा दी थी, उस पर पुलिस ने दूसरे पक्ष से मोटी रकम लेकर पर्याप्त पुलिस बल मुहैया कराकर निर्माण कार्य कराया. पार्षदों ने बताया कि नगर पंचायत के कार्यों में राजगीर पुलिस के दखल देने व भ्रष्ट रवैये के कारण सरकारी राजस्व की हानि हो रही है.
शहर के लोगों से पुलिस द्वारा निर्धारित ई चालान के बाद भी बालू की गाड़ी को पकड़कर जबरन वसूली की जाती है. इस बारे में प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री के पास आवेदन देकर राजगीर पुलिस के चेहरे को उजागर करने की बात कही. पार्षदों ने कहा कि मुख्यमंत्री को यह सूचना दी जायेगी कि राजगीर पुलिस के इन कार्यों से पूरी राजगीर की जनता त्रस्त है.
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