बिहारशरीफ : बिजली की खपत बचाने में मॉडल बना नालंदा का चमहेड़ा

Updated at : 04 Apr 2018 9:09 AM (IST)
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बिहारशरीफ : बिजली की खपत बचाने में मॉडल बना नालंदा का चमहेड़ा

लोगों को जागरूक करेगी बिजली कंपनी बिहारशरीफ : साल-दर-साल बढ़ रही बिजली की खपत को देखते हुए पावर होल्डिंग कंपनी लोगों को बिजली की बचत की जानकारी देगी. लोगों को बिजली का महत्व और उसके अनावश्यक उपयोग करने पर होनेवाले नुकसान के बारे में बताया जायेगा. कंपनी की कोशिश है कि सूबे के सभी अनुमंडलों […]

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लोगों को जागरूक करेगी बिजली कंपनी

बिहारशरीफ : साल-दर-साल बढ़ रही बिजली की खपत को देखते हुए पावर होल्डिंग कंपनी लोगों को बिजली की बचत की जानकारी देगी. लोगों को बिजली का महत्व और उसके अनावश्यक उपयोग करने पर होनेवाले नुकसान के बारे में बताया जायेगा.

कंपनी की कोशिश है कि सूबे के सभी अनुमंडलों में एक-एक गांव बिजली की बचत के मामले में मॉडल हो. लगातार बढ़ रही बिजली की खपत को देख कंपनी ने इसकी बचत को लेकर लोगों में जागरूकता फैलाने का निर्णय लिया है. इसके लिए बिजली कंपनी की हरेक अनुमंडल में एक गांव को बतौर एनर्जी इफिशिएंट विलेज के रूप में विकसित करने की योजना है. इस योजना पर कंपनी द्वारा कार्य भी शुरू कर दिया गया है.

सर्व प्रथम नालंदा के एकंगरसराय प्रखंड की कोशियावां पंचायत के चमहेड़ा गांव का चयन किया गया. कंपनी द्वारा चमहेड़ा गांव को प्रयोग के तौर पर मॉडल एनर्जी इफिशिएंट विलेज के रूप में विकसित किया गया है. चमहेड़ा गांव की तर्ज पर अन्य अनुमंडलों में ऐसे ही गांव विकसित करने की योजना है. नयी पीढ़ी के लोगों को भी इसके बारे में कंपनी जागरूक करेगी.

बिजली की खपत 76 फीसदी हुई कम

पूर्व में चमहेड़ा गांव में हर दिन बिजली की खपत 68.8 किलोवाट था, जो अब घटकर 16.73 किलोवाट हो गया है. हर दिन 47 किलोवाट बिजली की बचत हो रही है. यह बचत लगभग 74 फीसदी है. चमहेड़ा में सालाना बिजली की खपत 128000 यूनिट होती थी, जो अब 31 हजार यूनिट हो गया है. इस प्रकार प्रतिवर्ष 76 फीसदी बिजली की बचत हो रही है. पूर्व में गांव में बिजली बिल पर खर्च सात लाख 57 हजार रुपये होता था, जो अब एक लाख 81 हजार रुपये हो गया है. यह बचत भी करीब 76 फीसदी है.

चमहेडा में ऐसे हो रही बिजली की बचत

चमहेड़ा गांव में स्ट्रीट लाइट में एलईडी लगाने से प्रतिदिन 4.5 किलोवाट बिजली की बचत हो रही है. बिजली बचत का यह आंकड़ा सालाना 16425 यूनिट का होगा. इसके कारण चमहेड़ा में हर साल एक लाख 15 हजार रुपये बिजली बिल की बचत होगी. पानी के पारंपरिक मोटर की जगह एनर्जी इफिशिएंट मोटर पंप लगाने से हर साल 2700 यूनिट बिजली की बचत होगी.

पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी कर रही मदद

साउथ बिहार पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड ने चमहेड़ा गांव को मॉडल एनर्जी इफिशिएंट विलेज के रूप में चयन कर प्रत्येक परिवार को नौ वाट के एलइडी बल्ब मुफ्त दिये. स्ट्रीट लाइट में भी एलईडी बल्ब लगाये गये. पानी के सामान्य मोटर की जगह एनर्जी इफिशिएंट वाटर मोटर पंप लगया गया. इसका परिणाम है कि विद्युत ऊर्जा की खपत में लगभग 76 फीसदी की कमी आ गयी है.

एकंगरसराय प्रखंड की कोशियावां पंचायत अंतर्गत चमहेड़ा गांव को एनर्जी इफिशिएंट विलेज के रूप में विकसित किया गया है. वहां के ग्रामीणों को विभाग द्वारा नौ वाट के एलईडी बल्ब दिये गये हैं. परंपरागत मोटर की जगह एनर्जी इफिशिएंट वाटर मोटर लगायी गयी है. स्ट्रीट लाइट में एलईडी बल्ब लगाये गये हैं. इसमें एनर्जी की काफी बचत हो रही है. इससे विद्युत ऊर्जा की खपत में तो कमी आयेगी. साथ ही पर्यावरण पर भी सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा.

डॉ त्यागराजन एसएम, डीएम, नालंदा

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