एसडीओ की फटकार से बेहोश हुआ कर्मचारी

Updated at : 22 Sep 2017 5:04 AM (IST)
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एसडीओ की फटकार से बेहोश हुआ कर्मचारी

चिंताजनक हालत में निजी अस्पताल में चल रहा इलाज डीएम का आदेश मानना मोहन प्रसाद को पड़ा महंगा बिहारशरीफ : जिलाधिकारी का आदेश मानना मोहन प्रसाद के लिए इतना महंगा पड़ गया कि आज वह जिंदगी और मौत से जूझ रहे हैं. गुरुवार को बिहारशरीफ के अनुमंडल पदाधिकारी ने अपने चैंबर में इसी एसडीओ कार्यालय […]

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चिंताजनक हालत में निजी अस्पताल में चल रहा इलाज

डीएम का आदेश मानना मोहन प्रसाद को पड़ा महंगा
बिहारशरीफ : जिलाधिकारी का आदेश मानना मोहन प्रसाद के लिए इतना महंगा पड़ गया कि आज वह जिंदगी और मौत से जूझ रहे हैं. गुरुवार को बिहारशरीफ के अनुमंडल पदाधिकारी ने अपने चैंबर में इसी एसडीओ कार्यालय में पदस्थापित कार्यालय परिचारी मोहन प्रसाद को इतनी डांट फटकार लगायी कि वह उनके ही चैंबर में गिर कर बेहोश हो गये. फिलहाल मोहन प्रसाद स्थानीय भैंसासुर स्थित एक निजी क्लिनिक में भर्ती हैं. जहां उनकी हालत चिंताजनक है. एसडीओ कार्यालय में पदस्थापित कार्यालय परिचारी मोहन प्रसाद का इतना ही कसूर था कि वे जिलाधिकारी के लिखित आदेश पर वह आज उपभोक्ता फोरम कार्यालय में अपना योगदान दिया था.
बस इसी बात को लेकर एसडीओ मोहन प्रसाद पर आग बबूला हो उठे और कार्यालय परिचारी मोहन प्रसाद को अपने कार्यालय कक्ष में काफी डांट-फटकार लगायी. मोहन प्रसाद आज नवरात्रि पर व्रत थे और सुबह से निराहार थे, लेकिन एसडीओ सुधीर कुमार ने ऐसे छोटे कर्मचारी को डाटना अपनी शान समझ बैठे. स्थानीय एक निजी क्लिनिक में भरती मोहन प्रसाद का इलाज चल रहा है. उनकी पत्नी और उनके पुत्र काफी चिंतित हैं. मोहन प्रसाद ने कलपते हुए बताया कि उनका इतना ही कसूर था कि वह जिलाधिकारी के आदेश की अवहेलना नहीं करना चाहते थे और आज उपभोक्ता फोरम में पदभार ग्रहण करने की अंतिम तिथि के कारण वह वहां पदभार ग्रहण कर लिया था. उन्होंने बताया कि जिस समय एसडीओ उन्हें फटकार लगाने लगे तो उनका पूरा शरीर कांपने लगा और उनके हृदय में दर्द हो उठा और वह अचानक गिर कर बेहोश हो गये. एसडीओ द्वारा इस तरह का व्यवहार आज पहला नहीं है. पूर्व में भी कई लोगों के साथ इसी तरह का व्यवहार अपना चुके हैं. इस मामले में जिलाधिकारी से पूछा गया तो उन्होंने कहा कि वे इस घटना से अनभिज्ञ है, लेकिन इसकी जांच करायी जायेगी. उन्होंने कहा कि मोहन प्रसाद के साथ ऐसा व्यवहार हुआ है तो वह गलत है. इस घटना की सर्वत्र निंदा हो रही है. सरकारी कर्मचारियों में भी इस घटना को लेकर क्षोभ व्याप्त है. इधर इस घटना पर अनुमंडल पदाधिकारी सुधीर कुमार का कहना है कि जब उन्हें पत्राचार की तामिला कराने के लिए उसकी खोज की गयी तो पता चला कि वे उपभोक्ता फोरम में ज्वाइन कर लिया है और सिर्फ मैंने बुला कर पूछा इसी बीच वह गिर पड़ा. उनका कहना है कि वह पहले से ही बीमार रहता है.
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