काउंसेलिंग के जरिये 240 मामलों का निष्पादन

Updated at : 11 Jul 2017 6:46 AM (IST)
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काउंसेलिंग के जरिये 240 मामलों का निष्पादन

बिहारशरीफ : बहन एक बार फिर सोच लो. तुम्हारा छोटा सा अहम कहीं जीवन के लिए नासूर न बन जाये. हर घर में चार बर्तन होते हैं और उनमें खनखनाहट भी होती है. इसका यह मतलब हरगिज नहीं कि एक दूसरे से सदा-सदा के लिए दूरी बना लें. ऐसे ही आपने थोड़े ही एक दूसरे […]

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बिहारशरीफ : बहन एक बार फिर सोच लो. तुम्हारा छोटा सा अहम कहीं जीवन के लिए नासूर न बन जाये. हर घर में चार बर्तन होते हैं और उनमें खनखनाहट भी होती है. इसका यह मतलब हरगिज नहीं कि एक दूसरे से सदा-सदा के लिए दूरी बना लें. ऐसे ही आपने थोड़े ही एक दूसरे के साथ जीने मरने की कसमें खायी है. इस तरह के संवाद महिला थाने में अक्सर सुने जाते हैं.

घरेलू हिंसा की शिकार महिलाएं जब अपनी परेशानियों के साथ महिला थाने पहुंचती हैं, तो पहले महिला थाना पुलिस उन्हें समझाती है कि अगर मामला साधारण है तो इसे आप आपसी मेलजोल से भी समाप्त कर ले, पारिवारिक मध्यस्थता के बीच इस तरह की छोटी परेशानियों का हल निकाला जा सकता है. वहीं अगर परेशानी गंभीर होने पर संबंधित दोषियों के खिलाफ नोटिस तामिला किया जाता है.

पिछले चार माह के दौरान महिला थाना पुलिस द्वारा सिर्फ काउंसलिंग के जरिये 240 मामलों का निष्पादन किया गया. लाठियां बरसाने वाली पुलिस यहां टूटे रिश्तों को जोड़ती है. यहां पुलिस टीम के साथ परिवार परामर्श केन्द्र के सदस्यों की भूमिका देखकर आप दंग हो जायेंगे. पति-पत्‍‌नी को समझा-बुझा कर एक दूसरे के साथ रहने को राजी करती है. दंपती भले ही एक दूसरे को देखना न पसंद करें, मगर यहां से लौटते वक्त उनके चेहरे पर मुस्कान होती है. आंखों में गलती का पश्चाताप होता है.

एक-दूजे के बाहों में बाहें डाले लौटते जोड़े फिर एक साथ रहने की कसमें खाते हैं और दूसरों को प्रेरित भी करते हैं.सारे थाना क्षेत्र के राजाराम(बदला हुआ नाम) की पत्नी तीन माह पूर्व पति की शिकायत लेकर महिला थाने पहुंची थी. महिला नहीं चाहती थी कि वह अब कभी भविष्य में पति के साथ रह पायेगी. पति आये दिन मारपीट करते थे. लेकिन महिला थाने के सहयोग से उसकी उजड़ी दुनियां फिर से बस गयी. आज महिला का घर फिर से बस गया. सैकड़ों ऐसे मामले हैं,जिसमें महिला थाना द्वारा टूटे घरों को बसाने का काम किया गया है. कोलकाता की रहने वाली माया(बदला हुआ नाम) महिला थाने पहुंच कर अपनी आपबीती सुनायी. माया ने बताया कि वेना थाना क्षेत्र के एक गांव का लड़का चार वर्षों से शादी का प्रलोभन देकर उसके साथ यौन संबंध बनाता रहा.

दो बार गर्भपात भी करा दिया. जब शादी के लिए हमारी तरफ से दवाब बनाया गया तो वह हमें अपने घर पर बुलाकर हमें बेचने की तैयारी में जुट गया. महिला थानाध्यक्ष पिंकी प्रसाद ने बताया कि आरोपित को थाने बुलाकर लड़की से शादी कर लेने की बात कही गयी.

हालांकि आरोपित थाने की कुछ शर्तों को नजरअंदाज कर रहा था. अंत में उसे जेल भेज दिया गया.
कहती हैं महिला थानाध्यक्ष
महिला थानाध्यक्ष पिंकी प्रसाद कहती हैं कि ज्यादातर मामलों में अशिक्षा बड़ा कारण सामने आता है. कम पढ़े-लिखे लोग छोटी-छोटी बातों को प्रतिष्ठा का विषय मान कर सीधे संबंध को तोड़ने पर आमदा हो जाते हैं. कई ऐसे भी मामले आये जिसमें घर के बड़े लोग भी साथ देते दिखे. काउंसेलिंग के दौरान संबंधित महिलाओं को महिला थाना पुलिस समझाती है,संबंधित दोषी व्यक्ति को भी समझाया जाता है. महिला थाना पुलिस का प्रयास होता है कि वह उजड़ते हुए घर को पुन: अपने प्रयास से बसा दे.
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