नालंदा में तीन साल बाद भी अधूरी रही सोलर लाइट लगाने का लक्ष्य, करोड़ों की योजना विफल

सांकेतिक तस्वीर
Nalanda news : नालंदा जिले में ग्रामीण इलाकों को रोशन करने के उद्देश्य से शुरू की गई मुख्यमंत्री ग्रामीण सोलर स्ट्रीट लाइट योजना तीन वर्ष बाद भी अपने निर्धारित लक्ष्य तक नहीं पहुंच सकी है. 32,900 सोलर लाइट लगाने के लक्ष्य के मुकाबले अब तक 30,179 लाइटें ही स्थापित की जा सकी हैं.
Nalanda news : (कंचन कुमार) नालंदा जिले में ग्रामीण इलाकों को रोशन करने के उद्देश्य से शुरू की गई मुख्यमंत्री ग्रामीण सोलर स्ट्रीट लाइट योजना तीन वर्ष बाद भी अपने निर्धारित लक्ष्य तक नहीं पहुंच सकी है. 32,900 सोलर लाइट लगाने के लक्ष्य के मुकाबले अब तक 30,179 लाइटें ही स्थापित की जा सकी हैं. हालांकि प्रशासन का दावा है कि शेष कार्य जल्द पूरा कर लिया जाएगा.
91 प्रतिशत लक्ष्य पूरा, फिर भी हजारों लाइटें लगना बाकी
जिले के 20 प्रखंडों, 230 पंचायतों और 3,060 वार्डों में सोलर स्ट्रीट लाइट लगाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया था. अब तक 30,179 लाइटें लगाई जा चुकी हैं, जो कुल लक्ष्य का 91.73 प्रतिशत है. इसके बावजूद 2,700 से अधिक लाइटों का कार्य अभी भी लंबित है.
11.51 करोड़ की योजना से गांवों में बढ़ी रोशनी
करीब 11.51 करोड़ रुपये की लागत वाली इस योजना के तहत ग्रामीण सड़कों, चौक-चौराहों और सार्वजनिक स्थलों पर सोलर लाइटें लगाई जा रही हैं. योजना की 45 प्रतिशत राशि वित्त आयोग मद और 55 प्रतिशत राशि राज्य योजना मद से खर्च की जा रही है. इससे ग्रामीण क्षेत्रों में सुरक्षा और आवागमन की सुविधा बेहतर हुई है.
बराह पंचायत से हुई थी योजना की शुरुआत
सोलर स्ट्रीट लाइट मिशन की शुरुआत हरनौत प्रखंड की बराह पंचायत से पायलट प्रोजेक्ट के रूप में हुई थी. पहले चरण में यहां 180 सोलर लाइटें लगाई गई थीं. इसके बाद योजना को पूरे जिले में चार चरणों में विस्तार दिया गया.
सुस्त एजेंसियों पर प्रशासन की सख्ती
योजना के कार्यान्वयन की जिम्मेदारी तीन एजेंसियों को दी गई है. प्रशासन के अनुसार कुछ एजेंसियों की धीमी गति के कारण कार्य प्रभावित हुआ, जिस पर जुर्माना भी लगाया गया है. अधिकारियों ने शेष कार्य जल्द पूरा करने के निर्देश दिए हैं.
खराबी होने पर रुकेगा भुगतान
प्रत्येक 20 वाट क्षमता वाली सोलर लाइट पर एजेंसियों को 3,500 रुपये का भुगतान किया जाता है. भुगतान चरणबद्ध तरीके से किया जाता है. यदि रखरखाव अवधि में खराबी दूर नहीं की जाती है तो एजेंसियों का भुगतान रोका जा सकता है.
सेंसर तकनीक और ऑनलाइन निगरानी से होगी मॉनिटरिंग
सभी सोलर लाइटें सेंसर आधारित हैं, जो दिन में स्वतः बंद और रात में स्वतः चालू हो जाती हैं. तकनीकी खराबी की सूचना कंट्रोल रूम तक स्वतः पहुंच जाएगी. इसके लिए ऑनलाइन मॉनिटरिंग सिस्टम भी विकसित किया गया है.
टोल फ्री नंबर पर दर्ज करा सकेंगे शिकायत
ग्रामीणों की सुविधा के लिए 18003092849 टोल फ्री नंबर जारी किया गया है. इसके माध्यम से सोलर लाइट से जुड़ी शिकायतें दर्ज कराई जा सकती हैं. एजेंसी को 48 घंटे के भीतर समस्या का समाधान करना होगा.
थरथरी बना नंबर वन, गिरियक सबसे पीछे
प्रखंडवार प्रदर्शन में थरथरी ने 100 प्रतिशत लक्ष्य हासिल कर पहला स्थान प्राप्त किया है. वहीं गिरियक 86.17 प्रतिशत उपलब्धि के साथ सबसे पीछे है. इस्लामपुर, नगरनौसा और सरमेरा में भी कार्य की गति अपेक्षाकृत धीमी रही है.
ग्रामीण सुरक्षा और हरित ऊर्जा को मिलेगा बढ़ावा
अधिकारियों का कहना है कि योजना पूरी होने के बाद ग्रामीण सड़कों, चौक-चौराहों और सार्वजनिक स्थलों पर बेहतर रोशनी उपलब्ध होगी. इससे सुरक्षा व्यवस्था मजबूत होगी और पर्यावरण अनुकूल ऊर्जा के उपयोग को भी बढ़ावा मिलेगा.
प्रशासन का दावा—जल्द पूरा होगा शत-प्रतिशत लक्ष्य
जिला प्रशासन का कहना है कि शेष 8.27 प्रतिशत कार्य को तेजी से पूरा कराया जा रहा है. अधिकारियों ने भरोसा जताया है कि जल्द ही जिले के सभी निर्धारित स्थानों पर सोलर स्ट्रीट लाइटें स्थापित कर दी जाएंगी.
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