उलझन में विवि, मान्यता में अलग-अलग सत्र का जिक्र

बीआरएबीयू के तहत आने वाले विभिन्न कॉलेजों को मान्यता देने में सरकार के स्तर से अलग-अलग सत्र का उल्लेख किया जा रहा है. इस कारण विवि के लिए उलझन की स्थिति उत्पन्न हो गयी है.
वरीय संवाददाता, मुजफ्फरपुर बीआरएबीयू के तहत आने वाले विभिन्न कॉलेजों को मान्यता देने में सरकार के स्तर से अलग-अलग सत्र का उल्लेख किया जा रहा है. इस कारण विवि के लिए उलझन की स्थिति उत्पन्न हो गयी है. इससे पूर्व एक कॉलेज को सत्र 2024-27 के लिए अस्थायी संबंधन दिया गया है. वहीं एक कॉलेज को सत्र 2024-28 से स्थायी संबंधन दिया गया है. मंगलवार को सरकार के उप सचिव अमित पुष्पक की ओर से कुलसचिव को पत्र भेजा गया है. इसमें बैद्यनाथ शुक्ला कॉलेज ऑफ एजुकेशन को सत्र 2025-29 के लिए तीनों संकायों में अस्थायी संबंधन दिया गया है. विवि में सत्र 2024-28 में नामांकन लिए करीब चार महीने बीत चुके हैं. प्रथम सेमेस्टर छह महीने का है. ऐसे में अब प्रथम सेमेस्टर की परीक्षा होनी है और इसी बीच पिछले महीने जिन दो कॉलेजों को सरकार से स्थायी व अस्थायी संबंधन दिया. उनमें इस सत्र में नामांकन पर भी स्थिति स्पष्ट नहीं है. इसके साथ ही सत्र में अलग-अलग वर्ष का उल्लेख किये जाने के कारण भी विवि उलझन में है. बता दें कि दो दर्जन से अधिक कॉलेजों ने पोर्टल पर आवेदन किया था, लेकिन दर्जन भर से भी कम कॉलेज मानक को पूरा कर रहे थे. ऐसे में सरकार के पास मान्यता के लिए उनका प्रस्ताव विश्वविद्यालय ने भेजा था. मान्यता में भी शर्त का किया जिक्र बैद्यनाथ शुक्ला कॉलेज ऑफ एजुकेशन को सत्र 2025-29 में अस्थायी संबंधन दिया गया है. इसके साथ ही शर्त का जिक्र किया गया है कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के तहत चार वर्षीय पाठ्यक्रम के लिए आवश्यक आधारभूत संरचना, मानवबल के साथ ही अन्य सुविधाएं अद्यतन कर ली जायेंगी.
डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
लेखक के बारे में
By Prabhat Khabar News Desk
यह प्रभात खबर का न्यूज डेस्क है। इसमें बिहार-झारखंड-ओडिशा-दिल्ली समेत प्रभात खबर के विशाल ग्राउंड नेटवर्क के रिपोर्ट्स के जरिए भेजी खबरों का प्रकाशन होता है।
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए




