:::: वेतन, पेंशन और सफाई व्यवस्था पर संकट
वरीय संवाददाता, मुजफ्फरपुर
मुजफ्फरपुर नगर निगम में पिछले 20 दिनों से अधिक समय से नगर आयुक्त का पद खाली होने के कारण शहर की पूरी प्रशासनिक और विकास व्यवस्था ठप पड़ गई है. नगर आयुक्त की अनुपस्थिति में न केवल नागरिक सुविधाएं प्रभावित हो रही हैं, बल्कि शहर के सामान्य कार्यों पर भी इसका प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है. नगर निगम की इस गंभीर स्थिति को देखते हुए महापौर निर्मला देवी ने बिहार सरकार के नगर विकास एवं आवास विभाग के मंत्री विजय कुमार सिन्हा को पत्र लिखकर इस ओर ध्यान आकर्षित कराया है. महापौर ने पत्र में स्पष्ट किया है कि नगर आयुक्त का पद लंबे समय से रिक्त होने के कारण नागरिकों की शिकायतों को सुनने और उनका त्वरित समाधान करने वाला कोई सक्षम पदाधिकारी निगम में मौजूद नहीं है. पद रिक्त होने का सबसे बड़ा असर निगम के वित्तीय कार्यों पर पड़ा है. नए साल की शुरुआत के बावजूद निगम कर्मियों को अब तक वेतन नहीं मिल पाया है और पेंशनधारक पेंशन के लिए चक्कर काट रहे हैं. इसके अतिरिक्त, शहर की सफाई व्यवस्था के लिए आवश्यक ईंधन की आपूर्ति करने वाले पेट्रोल पंप का बकाया एक करोड़ रुपये से अधिक हो गया है, जिससे कचरा उठाव बाधित होने का खतरा मंडरा रहा है.
योजनाओं का भुगतान और विकास कार्य रुके
नगर आयुक्त के नहीं होने से कई महत्वपूर्ण विकास योजनाओं का भुगतान भी अटक गया है, जिससे चल रहे प्रोजेक्ट्स की गति धीमी पड़ गई है. महापौर ने मंत्री से अनुरोध किया है कि जनहित और शहर के विकास को ध्यान में रखते हुए इस संदर्भ में यथाशीघ्र आवश्यक निर्देश जारी किए जाएं, ताकि नागरिकों को मूलभूत सुविधाओं से वंचित न रहना पड़े.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

