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प्रश्नपत्र का पैकेट फटा होने का आरोप लगा शिक्षक अभ्यर्थियों ने किया हंगामा

Updated at : 29 Jun 2024 12:35 AM (IST)
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प्रश्नपत्र का पैकेट फटा होने का आरोप लगा शिक्षक अभ्यर्थियों ने किया हंगामा

प्रश्नपत्र का पैकेट फटा होने का आरोप लगा शिक्षक अभ्यर्थियों ने किया हंगामा

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-खबरा स्थित एक निजी स्कूल में बनाये गये केंद्र पर पहुंचे डीएम-एसएसपी, अभ्यर्थियों को कराया शांत -डीएम ने तीन सदस्यीय कमेटी गठित कर दिया जांच का आदेश, बीपीएससी से बात कर विलंब से शुरू करायी परीक्षा मुजफ्फरपुर. बिहार लोक सेवा आयोग की ओर से जिले के 20 केंद्रों पर उच्च माध्यमिक विद्यालयों में प्रधानाध्यापक के पदों पर नियुक्ति के लिए परीक्षा शुरू हुई. दोपहर 12 ये 2.30 बजे तक परीक्षा का आयोजन किया गया. इस दौरान खबरा स्थित एक निजी स्कूल पर बनाये गये केंद्र पर परीक्षा शुरू होते ही हंगामा शुरू हो गया. अभ्यर्थियों का आरोप था कि परीक्षा कक्ष में जब प्रश्पपत्र का पैकेट लाया गया तो वह पहले से ही फटा हुआ था. ऐसे में प्रश्नपत्र के लीक होने की आशंका को लेकर अभ्यर्थियों ने परीक्षा का बहिष्कार करना शुरू कर दिया. सूचना मिलते ही डीएम सुब्रत कुमार सेन, एसएसपी राकेश कुमार समेत जिला और पुलिस प्रशासन की टीम केंद्र पर पहुंची. केंद्र का मुख्य द्वार बंद कर करीब एक घंटे तक पदाधिकारियाें ने सीएस से पूछताछ की. वहीं इसके बाद अभ्यर्थियों को विश्वास दिलाया कि किसी प्रकार की गड़बड़ी नहीं हुई है. प्रश्नपत्र को बक्सा से निकालने से लेकर पैकेट के सील खोलने तक की पूरी प्रक्रिया का वीडियो फुटेज उपलब्ध है. ऐसे में प्रश्नपत्र लीक नहीं हो सकता. केंद्र के भीतर जैमर लगाया गया है. परीक्षा दोपहर 12 बजे से शुरू होनी थी, लेकिन हंगामा और बहिष्कार के कारण डेढ़ बजे के बाद यह परीक्षा शुरू हो सकी. डीएम सुब्रत कुमार सेन ने बीपीएससी के अधिकारी से बात की. साथ ही इस घटनाक्रम की जानकारी दी. इसके बाद बीपीएससी की ओर से विलंब से परीक्षा शुरू करने की अनुमति दी गयी. डीएम व एसएसपी ने अभ्यर्थियों को शांत कराया और परीक्षा शुरू कराने के बाद वहां से निकले. डीएम ने कहा कि इस मामले की जांच को लेकर तीन सदस्यीय कमेटी का गठन किया गया है. इसमें एसडीओ, एसडीओ और अपर समाहर्ता को शामिल किया गया है. जांच रिपोर्ट के बाद देखा जाएगा कि कहां गड़बड़ी हुई. उन्होंने बताया कि प्रश्नपत्र का पैकेट निकालने के क्रम में फट जैसा गया हो. यह जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा. कठिन सवालों ने छुड़ाया अभ्यर्थियों का पसीना : विभिन्न केंद्रों से परीक्षा देकर निकले शिक्षक अभ्यर्थियों ने बताया कि प्रश्नों का स्तर काफी कठिन था. वहीं दूसरी ओर भीषण गर्मी इम्तिहान ले रही थी. 20 केंद्रों पर 13 हजार से अधिक शिक्षक अभ्यर्थी इस परीक्षा में शामिल हुए. कुल 50 प्रश्न पूछे गये थे. बहुवैकल्पिक प्रश्न होने के बाद भी अंतिम मिनट तक अभ्यर्थी इसे हल करने में जुटे रहे. शिक्षण पद्धति के प्रश्नों ने अभ्यर्थियों को थोड़ी राहत जरूर दी. सेंट्रल सेक्टर योजना के तहत ड्रोन उपयोग के लिए 2023-24 में चयनित महिलाओं की संख्या, बिना किसी राज्य के मुख्यमंत्री बने प्रधानमंत्री बनने वाले का नाम समेत अन्य ट्विस्ट वाले प्रश्न पूछे गये थे. अधिकतर अभ्यर्थियों ने बताया कि प्रश्न कठिन थे. इस कारण काफी सोचने के बाद उसका उत्तर दिया.

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