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Muzaffarpur News योजना के काम नहीं और कहा-खर्च कर राशि<bha>;</bha> ₹ 1.16 करोड़ की मिली गड़बड़ी

Updated at : 16 Apr 2025 9:04 PM (IST)
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Muzaffarpur News योजना के काम नहीं और कहा-खर्च कर राशि<bha>;</bha> ₹ 1.16 करोड़ की मिली गड़बड़ी

बंदरा प्रखंड की मतलुपुर पंचायत में 2022-23 में योजनाओं पर खर्च के लिए आवंटित 79 लाख रुपये से अधिक की राशि पंचायत ने खर्च ही नहीं की.

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गड़बड़झाला

-बंदरा की मतलुपुर पंचायत में का मामला

-प्रशासन की ऑडिट टीम में सौंपी रिपोर्टMuzaffarpur News बंदरा प्रखंड की मतलुपुर पंचायत में वित्तीय गड़बड़ी की गयी है. 2022-23 में योजनाओं पर खर्च के लिए आवंटित 79 लाख रुपये से अधिक की राशि पंचायत ने खर्च ही नहीं की. यह जानकारी पंचायत की ऑडिट रिपोर्ट में उजागर हुई है. ऑडिट टीम ने अपनी विस्तृत रिपोर्ट जिला पंचायती राज पदाधिकारी को सौंप दी है. इसमें इस गड़बड़ी का उल्लेख किया गया है.

इसके अतिरिक्त, ऑडिट में 37 लाख रुपये से अधिक की राशि इधर-उधर कर देने का भी पता चला है. यह राशि 15वें वित्त आयोग के तहत पंचायत को विकास कार्यों के लिए उपलब्ध करायी गयी थी. ऑडिट के दौरान पंचायत प्रतिनिधियों ने इस राशि के खर्च होने का दावा तो किया, लेकिन इससे संबंधित कोई भी वैध बिल या अन्य प्रमाण प्रस्तुत करने में विफल रहे हैं. इसके चलते ऑडिट टीम ने इस पूरी राशि को आपत्ति की श्रेणी में रखा है और इसकी गहन जांच की सिफारिश की है.

79 लाख रुपये खाते में ही पड़े रह गये

टीम ने जिला पंचायती राज पदाधिकारी से अपने स्तर पर भी इस मामले की जांच कराने व इसके निष्कर्षों को मुख्यालय को बताने का आग्रह किया है. टीम ने टिप्पणी में कहा है कि सरकार द्वारा पंचायत में सड़क, नाला व अन्य विकास कार्यों के लिए बड़ी मात्रा में धनराशि आवंटित की जाती है. इसके बावजूद 79 लाख रुपये से अधिक की राशि का पंचायत के खाते में निष्क्रिय पड़ा रहना गंभीर चिंता का विषय है. यह स्पष्ट दर्शाता है कि आवंटन के बाद भी अहम योजनाओं का क्रियान्वयन नहीं किया गया, जिसके कारण पंचायत सरकार द्वारा निर्धारित विकास लक्ष्यों को प्राप्त करने में विफल रही है.

विकास कार्यों पर सवाल उठने लगे

अंकेक्षण दल ने जिला पंचायती राज पदाधिकारी से तत्काल इस मामले में हस्तक्षेप कर उक्त राशि से विकास कार्यों को शुरू कराने का आग्रह किया है. साथ ही, पंचायत के कामकाज की नियमित निगरानी सुनिश्चित करने का भी सुझाव दिया है, ताकि भविष्य में इस प्रकार की वित्तीय गड़बड़ी को रोका जा सके. इस बड़े वित्तीय गोलमाल के सामने आने से पंचायत के कामकाज और विकास कार्यों पर सवाल उठने लगे हैं.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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Navendu Shehar Pandey

लेखक के बारे में

By Navendu Shehar Pandey

Navendu Shehar Pandey is a contributor at Prabhat Khabar.

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