Muzaffarpur News: कूरियर फ्रैंचाइजी की आड़ में 50 लाख की साइबर ठगी, 1810 ग्राहकों के शिपमेंट से खेल
Published by : SUMIT KUMAR Updated At : 27 May 2026 10:22 PM
: कूरियर फ्रैंचाइजी की आड़ में 50 लाख की साइबर ठगी
Muzaffarpur News: मुजफ्फरपुर में कूरियर फ्रेंचाइजी की आड़ में 1810 ग्राहकों से 50.54 लाख की ठगी करने वाले गिरोह का भंडाफोड़ हुआ है. पुलिस ने मो. चांद को लैपटॉप और छह मोबाइल के साथ गिरफ्तार किया है.पढ़ें पूरी खबर...
मुजफ्फरपुर से चंदन सिंह की रिपोर्ट
Muzaffarpur News: साइबर थाने की पुलिस ने नामचीन कूरियर कंपनियों की फ्रैंचाइजी लेकर 1810 ग्राहकों के शिपमेंट्स से 50.54 लाख रुपये की धोखाधड़ी करने वाले गिरोह के शातिर को गिरफ्तार किया है. उसकी पहचान सरैयाा थाना के आरोपुर निवासी मो. चांद के रूप में किया गया है. पुलिस ने उसके पास से एक लैपटॉप, छह मोबाइल फोन और एक स्कैनर बरामद किया है. यह गिरोह कॉल मास्किंग ऐप और फर्जी ओटीपी के सहारे ग्राहकों की शॉपिंग आईडी हैक कर लेता था और रिफंड का पैसा अपने खातों में ट्रांसफर कर गायब हो जाता था.सिटी एसपी मोहिबुल्लाह अंसारी ने बताया कि आर्थिक अपराध इकाई पटना के द्वारा चलाये जा रहे ऑपरेशन प्रहार के तहत साइबर अपराधियों के खिलाफ जिले में लगातार अभियान चलाया जा रहा है. इसी कड़ी में कूरियर कंपनी का फ्रेंचाइजी लेकर धोखाधड़ी करने वाले गिरोह के शातिर मो. चांद को साइबर डीएसपी हिमांशु कुमार के नेतृत्व में गठित विशेष टीम ने गिरफ्तार किया गया है.
दो बड़ी कूरियर कंपनियों ने मिलकर दर्ज कराई थी प्राथमिकी
साइबर थाने में बड़ी कूरियर कंपनियों के सुरक्षा अधिकारियों ने संयुक्त रूप से साइबर थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई. बिजीबीस लॉजिस्टिक सॉल्यूशंस प्राइवेट लिमिटेड (एक्सप्रेसबीस) के असिस्टेंट मैनेजर (सिक्योरिटी) आशुतोष कुमार और शैडोफैक्स टेक्नोलॉजीज लिमिटेड के असिस्टेंट मैनेजर संतोष कुमार राठौर के लिखित शिकायत पर यह कार्रवाई की गयी थी. कंपनियों ने पुलिस को बताया कि उनके ही फ्रैंचाइज़ी पार्टनर्स और सेंटर संचालकों ने मिलकर एक सुनियोजित गिरोह बना रखा था. इस गिरोह ने एक्सप्रेसबीस कंपनी के करीब 1810 ग्राहकों के शिपमेंट्स में हेरफेर कर लगभग 50 लाख 54 हजार 494 रुपये की धोखाधड़ी को अंजाम दिया है. वहीं, शैडोफैक्स कंपनी के डेटा में भी इसी तरह सेंधमारी कर कंपनी की प्रतिष्ठा और आर्थिक खजाने को भारी नुकसान पहुंचाया गया है.
कॉल मास्किंग से लेकर डब्बा कबाड़ तक चलता था ठगी का खेल
जांच में अपराधियों का जो मोडस ऑपरेंडी सामने आया है, वह किसी फिल्म की स्क्रिप्ट जैसा है. आरोपी इस तरह ग्राहकों को अपने जाल में फंसाते थे:
- कॉल मास्किंग का खेल: शातिर अपराधी सबसे पहले आइवीएफआर और कॉल मास्किंग ऐप के जरिए सीधे उन ग्राहकों को फोन करते थे, जिन्होंने ऑनलाइन सामान ऑर्डर किया होता था. इससे ग्राहकों के फोन पर कूरियर कंपनी का असली हेल्पलाइन नंबर या नाम डिस्प्ले होता था.
- भरोसे में लेना: ग्राहकों को उनके पार्सल की सही डिलीवरी डेट और कैश ऑन डिलीवरी की रकम बताकर पूरी तरह विश्वास में लिया जाता था.
- शॉपिंग आइडी हैक करना: खुद को कूरियर कंपनी का प्रतिनिधि बताकर आरोपी कहते थे कि आपका पार्सल आ चुका है, सिस्टम में डिलीवरी अपडेट करने के लिए ओटीपी आवश्यक है. जैसे ही ग्राहक झांसे में आकर ओटीपी साझा करता, आरोपी आजियो जैसे प्रसिद्ध शॉपिंग ऐप्स में ग्राहक की लॉगिन आईडी हैक कर लेते थे.
- बैंक और यूपीआइ विवरण बदलना: लॉगिन करने के बाद अपराधी ग्राहक की अनुमति के बिना ही पार्सल को रिटर्न करने की प्रक्रिया शुरू कर देते थे. वे ऐप से ग्राहक का मूल यूपीआइ विवरण हटाकर अपना या अपने सहयोगियों का बैंक खाता जोड़ देते थे. इससे रिफंड का पैसा सीधे ठगों के पास चला जाता था.
- पार्सल में कबाड़ की अदला-बदली: डिलीवरी वाला असली पार्सल तो भौतिक रूप से ग्राहक के पास ही रह जाता था. लेकिन आरोपी अपने सेंटर का पिन कोड बदलकर कूरियर कंपनी को रिटर्न का पिकअप दिखा देते थे और डिब्बे में गलत, फर्जी या रद्दी सामान भरकर कंपनी को वापस भेज देते थे.
मकान मालिक के सामने रंगे हाथ पकड़ा गया मो. चांद, खुले कई राज
इस फ्रॉड का खुलासा तब हुआ जब दो ग्राहकों के ट्रैकिंग नंबर की जांच की गई और पाया गया कि मोतीपुर और सरैया फ्रैंचाइज़ी के यूजर आइडी से गड़बड़ी की जा रही है. बीते 25 मई 2026 को जब एक्सप्रेसबीस की सिक्योरिटी टीम ने मोतीपुर स्थित मिश्रौलिया चौक पर संजीव कुमार के मकान में चल रही फैसिलिटी का औचक निरीक्षण किया, तो वहां सरैया निवासी फ्रैंचाइजी औनर मो. जहांगीर के भाई मो. चांद को रंगे हाथ दबोच लिया गया. पूछताछ में मो. चांद ने रोते हुए अपनी गलती स्वीकार की और गिरोह के पूरे नेटवर्क का कच्चा चिट्ठा खोलकर रख दिया.
मो. असगर है सरगना , तीन जिलों में फैला रखा है नेटवर्क
फ्रॉड के पूरे नेटवर्क का मास्टरमाइंड सरैया के मो. असगर है. इस गिरोह में मुजफ्फरपुर के अलावा सारण व वैशाली जिले के शातिर शामिल है. इसमें शैडो कंपनी के दो कर्मचारी अविनाश कुमार (एसजेडएम) व रौशन कुमार (एसोसिएट लीड) भी शामिल है. इनके अलावा नीरज कुमार सिंह: (फकुली फ्रैंचाइजी ओनर, सांझोपुर, वैशाली), अजीत कुमार राव: (सरैया आरएससी का ओनर, मुजफ्फरपुर). मो. इम्तियाज: (पूर्व आरएससी ओनर)
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
लेखक के बारे में
By SUMIT KUMAR
सुमित पत्रकारिता में पिछले 4 वर्षों से सक्रिय। प्रभात खबर के प्रिंट मीडिया के साथ काम करने के बाद वर्तमान में प्रभात खबर की डिजिटल टीम से जुड़े हुए हैं। क्राइम, हाईपरलोकल, स्वास्थ्य विभाग व राजनीतिक रिपोर्टिंग में विशेष रुचि और अनुभव रखते हैं। क्षेत्रीय मुद्दों और जनसरोकार की खबरों को सशक्त तरीके से उठाने के लिए जाने जाते हैं।
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए










