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उत्तर बिहार के 12 जिलों में 16.46 लाख वाहनों में मोबाइल नंबर अपडेट नहीं

Updated at : 03 Sep 2025 8:36 PM (IST)
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उत्तर बिहार के 12 जिलों में 16.46 लाख वाहनों में मोबाइल नंबर अपडेट नहीं

Mobile numbers are not updated in 16.46 lakh vehicles

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उत्तर बिहार के 12 जिलों में 16.46 लाख वाहनों में मोबाइल नंबर अपडेट नहीं

– सूबे में 1.46 करोड़ वाहनों का निबंधन, 40.58 लाख में मोबाइल नंबर नहीं

– पटना में करीब 6 लाख तो मुजफ्फरपुर में 3.72 लाख वाहनों में मोबाइल नंबर अपडेट नहीं

कुमार गौरव,

मुजफ्फरपुर

पूरे बिहार में 1.46 करोड़ गाड़ियों का निबंधन है जिसमें से करीब 40.58 लाख वाहनों के निबंधन में मोबाइल नंबर अपडेट नहीं है. इसमें उत्तर बिहार के 12 जिलों में 16.46 लाख वाहनों में मोबाइल नंबर अपडेट नहीं है. परिवहन विभाग द्वारा बार बार वाहन मालिकों को सूचित किया जा रहा है कि वह अपने वाहन के निबंधन में मोबाइल नंबर अपडेट कराये, ताकि उन्हें विभाग संबंधित सभी सूचनाएं समय पर उपलब्ध हो सके. इसके लिए विभाग द्वारा खुद से भी मोबाइल नंबर अपडेट करने को लेकर विभागीय वेबसाइट पर क्यूआर का लिंक डायरेक्ट शेयर किया गया, जिसे स्कैन करके वाहन मालिक खुद से इस काम को जल्दी कर सकते है. जिसका पहले लंबा प्रोसेस था, बावजूद इसके वाहन मालिक इसके प्रति जागरूक नहीं हो रहे है. जबकि परिवहन विभाग द्वारा प्रदूषण प्रमाण, बीमा, टैक्स, फिटनेस आदि काम में इसे अनिवार्य कर दिया गया ताकि लोग जल्द से जल्द इसे अपडेट कराये. परिवहन विभाग के वेबसाइट एम परिवहन डॉट जीवोभी डॉट इन खोलते ही स्क्रीन पर अपडेट मोबाइल नंबर इन आरसी और अपडेट मोबाइल नंबर इन डीएल का क्यूआर कोड सामने आता है. इधर, मामले में डीटीओ कुमार सत्येंद्र यादव ने बताया कि जिनका मोबाइल नंबर अपडेट नहीं उनका प्रदूषण प्रमाण पत्र, फिटनेस आदि बनने बंद हो चुके है. वहीं वाहन जांच में नंबर अपडेट नहीं होने पर जुर्माने की कार्रवाई की जा रही है. इस क्यूआर कोड के पंपलेट को सार्वजनिक जगहों पर चिपकाया गया है ताकि वाहन मालिकों को आसानी हो सके.

दुर्घटना के दौरान पहचान में तो चालान में होती दिक्कतदरअसल, आरसी व डीएल को आधार व आधार अपडेटेड मोबाइल नंबर से लिंक्ड करने की कवायद इसीलिए प्रारंभ की गयी गयी कि अब यातायात उल्लंघन पर ऑनलाइन चालान काटा जाये तो तुरंत उनको सूचना मिले. वहीं सड़क दुर्घटना के दौरान गाड़ी नंबर से मालिक की पहचान हो सके और उनके परिजन को फौरन सूचना दी जा सके. इसमें दो तरह के चालान काटे जाते हैं, एक नकद भुगतान का चालान व दूसरा पेंडिग चालान शामिल है. पेंडिंग चालान में जुर्माने की राशि भुगतान करने के संबंध में मोबाइल पर सीधे मैसेज चला जाता है. परंतु, जिन व्यक्तियों का आरसी मोबाइल नंबर से लिंक्ड नहीं है, वैसे लोगों को मैसेज जाने में कठिनाई होती थी.

आरसी में कैसे अपडेट करे नंबर

– वाहन पंजीकरण संख्या दर्ज करें या संबंधित आरटीओ का चयन करें- चेकबॉक्स पर क्लिक करके सत्यापित करें और आगे बढ़ें- आधार-आधारित मोबाइल नंबर अपडेट चुनें और आवश्यक विवरण (पंजीकरण संख्या, चेसिस नंबर, इंजन नंबर, आदि) दर्ज करें

– मोबाइल नंबर अपडेट या सही करने के लिए विवरण सबमिट करें

जिला : मोबाइल नंबर अपडेट नहीं होने वाले वाहनों की संख्या

– मुजफ्फरपुर – 372344

– मोतिहारी – 130996

– समस्तीपुर – 107338

– बेतिया – 102875

– दरभंगा – 143764

– मधुबनी – 106732

– सीतामढ़ी – 106359

– शिवहर – 10605

– गोपालगंज – 110574

– वैशाली – 164933

– सिवान – 177336

– छपरा – 112343

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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KUMAR GAURAV

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KUMAR GAURAV is a contributor at Prabhat Khabar.

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